Lingard Legacy Corinthians : इंग्लैंड और मैनचेस्टर यूनाइटेड के पूर्व स्टार मिडफील्डर जेसी लिंगार्ड ने फुटबॉल जगत को तब चौंका दिया जब उन्होंने अपने करियर के अगले अध्याय के लिए ब्राजील की धरती को चुना। 33 वर्षीय लिंगार्ड, जो दक्षिण कोरियाई क्लब एफसी सियोल में दो साल बिताने के बाद एक 'फ्री एजेंट' थे, अब आधिकारिक तौर पर ब्राजील के दिग्गज क्लब कोरिनथियंस का हिस्सा बन गए हैं। अपने अनावरण समारोह के दौरान लिंगार्ड के शब्दों में वही पुराना जुनून और आत्मविश्वास नजर आया, जिसने कभी उन्हें ओल्ड ट्रैफर्ड का चहेता बनाया था।

दबाव, उम्मीदें और 'मेम्फिस डेपे' का साथ :

जेसी लिंगार्ड ने शेष सीजन के लिए अनुबंध पर हस्ताक्षर किए हैं और वे साओ पाउलो स्थित इस क्लब की समृद्ध विरासत में अपना नाम दर्ज कराने के लिए तैयार हैं। उन्होंने स्वीकार किया कि कोरिनथियंस जैसे बड़े क्लब के साथ जुड़ने का दबाव बहुत अधिक है, लेकिन उन्हें इस चुनौती से प्यार है। इस स्थानांतरण के पीछे उनके पूर्व मैनचेस्टर यूनाइटेड टीम के साथी मेम्फिस डेपे की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। डेपे ने ही लिंगार्ड को इस क्लब के जुनून और प्रशंसकों की दीवानगी के बारे में बताकर उन्हें यहां आने के लिए प्रेरित किया। अब मैदान पर एक बार फिर यह पुरानी जोड़ी प्रतिद्वंद्वियों के पसीने छुड़ाती नजर आएगी।

ट्रॉफियों का लक्ष्य और क्लब का ऐतिहासिक प्रभाव :

मैनचेस्टर यूनाइटेड के साथ अपने कार्यकाल के दौरान एफए कप, लीग कप और यूरोपा लीग जैसे प्रतिष्ठित खिताब जीत चुके लिंगार्ड का लक्ष्य अपनी कैबिनेट में और अधिक ट्रॉफियां जोड़ना है। कोरिनथियंस के संग्रहालय का दौरा करने के बाद वे क्लब के इतिहास से काफी प्रभावित हुए।

  • ऐतिहासिक जुड़ाव : लिंगार्ड, कॉलिन काज़िम-रिचर्ड्स के बाद इस क्लब का प्रतिनिधित्व करने वाले दूसरे ब्रिटिश मूल के खिलाड़ी बन गए हैं।
  • विरासत का जुनून : उन्होंने स्पष्ट किया कि वे यहां केवल खेलने नहीं, बल्कि चैंपियनशिप जीतने और एक अमिट छाप छोड़ने आए हैं।
  • प्रशंसकों की ताकत : क्लब के समर्थकों के प्रति लिंगार्ड ने अपना आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रशंसकों का जुनून ही इस प्रस्ताव को स्वीकार करने का सबसे बड़ा कारण बना।

चुनौतीपूर्ण शुरुआत और भविष्य की राह :

हालांकि, लिंगार्ड का ब्राजीलियाई सफर एक कड़वे अनुभव के साथ शुरू हुआ। बुधवार को उन्होंने स्टैंड्स में बैठकर अपनी नई टीम को कोरितिबा के खिलाफ 2-0 से हारते हुए देखा। ब्राजील की सीरी ए (Serie A) की प्रतिस्पर्धी प्रकृति को देखते हुए लिंगार्ड को जल्द ही अपनी लय हासिल करनी होगी ताकि वे टीम को जीत की पटरी पर वापस ला सकें।

Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

Next Story