न्यूजीलैंड महिला क्रिकेट टीम की अनुभवी तेज गेंदबाज़ Lea Tahuhu ने अपनी रफ्तार, आक्रामक गेंदबाज़ी और लगातार दमदार प्रदर्शन के दम पर विश्व क्रिकेट में अलग पहचान बनाई है। दाएं हाथ की इस तेज गेंदबाज़ ने पिछले एक दशक से अधिक समय तक न्यूजीलैंड महिला टीम के गेंदबाज़ी आक्रमण की कमान संभाली और कई बड़े टूर्नामेंटों में विरोधी बल्लेबाज़ों को अपनी गति और स्विंग से परेशान किया। मार्च 2026 में वनडे क्रिकेट से संन्यास की घोषणा करने वाली तहूहू को महिला क्रिकेट की सबसे खतरनाक फास्ट बॉलर्स में गिना जाता है, जिन्होंने कठिन परिस्थितियों और निजी चुनौतियों के बावजूद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्टारडम हासिल किया।

23 सितंबर 1990 को जन्मीं ली-मेरी मॉरीन तहूहू का क्रिकेट सफर न्यूजीलैंड के स्थानीय मैदानों से शुरू हुआ था। नगाई ताहू समुदाय से संबंध रखने वाली तहूहू ने अरानुई हाई स्कूल में पढ़ाई के दौरान ही अपनी तेज गेंदबाज़ी से ध्यान खींचना शुरू कर दिया था। वर्ष 2008 में उन्हें पीटर हूटन मेमोरियल स्कॉलरशिप से सम्मानित किया गया, जिसने उनके क्रिकेट करियर को नई दिशा दी। लगातार मेहनत और घरेलू क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन के बाद जून 2011 में उन्हें न्यूजीलैंड महिला क्रिकेट टीम के लिए अंतरराष्ट्रीय पदार्पण का मौका मिला। शुरुआत से ही उनकी पहचान एक ऐसी गेंदबाज़ के रूप में बनी, जो नई गेंद से बल्लेबाज़ों पर दबाव बनाना जानती थीं।

तहूहू का करियर 2017 के बाद तेजी से नई ऊंचाइयों पर पहुंचा। दिसंबर 2017 में उन्हें ICC विमेंस T20I टीम ऑफ द ईयर में शामिल किया गया, जिसने यह साबित कर दिया कि वह विश्व क्रिकेट की शीर्ष तेज गेंदबाज़ों में शुमार हो चुकी हैं। इसके बाद 2018 में न्यूजीलैंड क्रिकेट बोर्ड ने उन्हें सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट प्रदान किया। उसी वर्ष वेस्टइंडीज में खेले गए ICC विमेंस वर्ल्ड टी20 टूर्नामेंट से पहले उन्हें “प्लेयर टू वॉच” के तौर पर देखा गया। उनकी तेज रफ्तार गेंदबाज़ी और आक्रामक लाइन-लेंथ ने उन्हें महिला बिग बैश लीग तक पहुंचाया, जहां मेलबर्न रेनेगेड्स ने उन्हें अपनी टीम में शामिल किया। अंतरराष्ट्रीय और फ्रेंचाइज़ क्रिकेट में लगातार प्रदर्शन ने तहूहू को न्यूजीलैंड महिला क्रिकेट का बड़ा चेहरा बना दिया।

हालांकि उनके करियर में कठिन दौर भी आए। बाएं पैर में तिल (mole) से जुड़ी स्वास्थ्य समस्या के कारण उन्हें लगभग 18 महीनों तक क्रिकेट से दूर रहना पड़ा, लेकिन 2021 में इंग्लैंड के खिलाफ लिमिटेड ओवर सीरीज से उन्होंने शानदार वापसी की। इसी दौरे के तीसरे वनडे मुकाबले में तहूहू ने अपने करियर का पहला पांच विकेट हॉल हासिल किया और यह साबित कर दिया कि उनकी रफ्तार और धार अब भी बरकरार है। 2022 महिला क्रिकेट विश्व कप और बर्मिंघम राष्ट्रमंडल खेलों में भी वह न्यूजीलैंड टीम का अहम हिस्सा रहीं। 2024 ICC महिला टी20 विश्व कप में भारत के खिलाफ ग्रुप स्टेज मुकाबले में 4 ओवर में 15 रन देकर 3 विकेट लेने का उनका प्रदर्शन टूर्नामेंट के सबसे चर्चित स्पेल्स में शामिल रहा।

क्रिकेट मैदान के बाहर भी तहूहू का जीवन लगातार चर्चा में रहा है। उन्होंने न्यूजीलैंड की पूर्व अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर Amy Satterthwaite से विवाह किया। जनवरी 2020 में उनकी पत्नी एमी सैटरथवेट ने बच्चे को जन्म दिया, जिसके बाद परिवार और क्रिकेट दोनों जिम्मेदारियों को संतुलित करते हुए तहूहू ने पेशेवर क्रिकेट में वापसी की। यही संतुलन और संघर्ष उन्हें महिला क्रिकेट की प्रेरणादायक हस्तियों में शामिल करता है। अपने लंबे करियर में तहूहू ने न्यूजीलैंड की गेंदबाज़ी इकाई को नई पहचान दी और युवा तेज गेंदबाज़ों के लिए एक उदाहरण बनकर उभरीं।

वनडे क्रिकेट से संन्यास लेने के बावजूद ली तहूहू का नाम महिला क्रिकेट इतिहास में उन खिलाड़ियों में दर्ज रहेगा, जिन्होंने केवल विकेट ही नहीं लिए बल्कि महिला तेज गेंदबाज़ी को नई पहचान भी दिलाई। उनकी रफ्तार, आक्रामकता और वापसी की कहानियां आने वाले वर्षों तक महिला क्रिकेट प्रेमियों को प्रेरित करती रहेंगी।

Pratahkal Bureau

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