भारतीय क्रिकेट में हाल के वर्षों में जिन खिलाड़ियों ने अपने आक्रामक अंदाज़ और निर्णायक पारियों से अचानक सुर्खियां बटोरी हैं, उनमें जितेश मोहन शर्मा का नाम तेजी से उभरा है। एक ऐसे विकेटकीपर-बल्लेबाज़ के रूप में, जो मैच के आखिरी ओवरों में खेल का रुख बदलने की क्षमता रखते हैं, जितेश ने इंडियन प्रीमियर लीग में अपनी विस्फोटक बल्लेबाज़ी से न केवल फैंस बल्कि चयनकर्ताओं का भी ध्यान खींचा। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के लिए खेलते हुए उन्होंने 2025 के सीजन में 33 गेंदों पर 85 रनों की तूफानी पारी खेलकर टीम को एक यादगार जीत दिलाई, जिसने उन्हें पहली बार खिताब दिलाने में अहम भूमिका निभाई और उनके करियर को नई ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया।

22 अक्टूबर 1993 को महाराष्ट्र के अमरावती में जन्मे जितेश शर्मा का क्रिकेट सफर साधारण शुरुआत से शुरू होकर असाधारण मुकाम तक पहुंचा है। विदर्भ क्षेत्र से आने वाले इस खिलाड़ी ने शुरुआती दिनों में कूच बिहार ट्रॉफी में शानदार प्रदर्शन कर अपनी प्रतिभा का संकेत दे दिया था। इसके बाद 2014 में विजय हजारे ट्रॉफी के जरिए उन्होंने लिस्ट ए क्रिकेट में कदम रखा और जल्द ही सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में टी20 पदार्पण करते हुए अपने पहले ही मैच में आक्रामक अर्धशतक जड़कर चयनकर्ताओं का ध्यान खींचा। सीमित ओवरों के प्रारूप में उनकी स्वाभाविक आक्रामकता ने उन्हें अलग पहचान दिलाई, जबकि 2015-16 रणजी ट्रॉफी में प्रथम श्रेणी पदार्पण के बावजूद यह स्पष्ट हो गया कि उनकी असली ताकत सफेद गेंद का क्रिकेट है।

घरेलू क्रिकेट में निरंतर प्रदर्शन ने उन्हें पहचान दिलाई, जहां 2015-16 सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में उन्होंने 343 रन बनाकर तीसरे सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज़ के रूप में खुद को स्थापित किया। इसके अलावा 2018-19 विजय हजारे ट्रॉफी में 298 रन बनाकर वह विदर्भ के शीर्ष स्कोरर रहे। हालांकि 2016 में आईपीएल में पहली बार मौका मिलने के बावजूद उन्हें खेलने का अवसर नहीं मिला, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और घरेलू क्रिकेट में लगातार रन बनाते रहे। आखिरकार 2022 में पंजाब फ्रेंचाइज़ी ने उन्हें मौका दिया, जहां उनके प्रदर्शन ने उन्हें नई पहचान दी।

साल 2023 उनके करियर का टर्निंग पॉइंट साबित हुआ, जब उन्होंने आईपीएल में 14 मैचों में 309 रन बनाकर अपनी विस्फोटक बल्लेबाज़ी से सबको प्रभावित किया। इसी प्रदर्शन के दम पर उन्हें भारतीय टीम में जगह मिली और एशियन गेम्स 2023 में नेपाल के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय पदार्पण का मौका मिला। इसके बाद ऑस्ट्रेलिया और अफगानिस्तान के खिलाफ टी20 सीरीज में उन्होंने उपयोगी पारियां खेलीं, जिसमें 19 गेंदों पर 35 रन और 20 गेंदों पर 31 रन जैसी तेज पारियां शामिल रहीं। हालांकि टीम संयोजन के चलते वह 2026 टी20 विश्व कप टीम में जगह नहीं बना सके, लेकिन उनकी आक्रामक शैली ने उन्हें लगातार चयनकर्ताओं की नजर में बनाए रखा।

आईपीएल 2025 में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के लिए उनका प्रदर्शन उनके करियर का सबसे बड़ा अध्याय बन गया। उन्होंने न केवल एक फिनिशर के रूप में अपनी भूमिका को बखूबी निभाया, बल्कि टीम की जरूरत पड़ने पर कप्तानी भी संभाली। उनकी निर्णायक पारियों ने टीम को क्वालिफायर तक पहुंचाया और अंततः खिताब जिताने में अहम भूमिका निभाई। घरेलू क्रिकेट में विदर्भ से बड़ौदा की ओर रुख करने के बावजूद उनका प्रदर्शन स्थिर रहा, जिससे यह साफ हो गया कि वह भारतीय क्रिकेट के भविष्य के महत्वपूर्ण खिलाड़ी बन सकते हैं।

जितेश शर्मा की कहानी संघर्ष, धैर्य और मौके को भुनाने की मिसाल है। एक छोटे शहर से निकलकर अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचने वाले इस खिलाड़ी ने यह साबित कर दिया कि अगर प्रतिभा के साथ निरंतर मेहनत हो, तो सफलता देर से ही सही, लेकिन जरूर मिलती है। उनकी विस्फोटक बल्लेबाज़ी और विकेटकीपिंग कौशल ने उन्हें भारतीय क्रिकेट में एक भरोसेमंद फिनिशर के रूप में स्थापित कर दिया है।

Pratahkal Newsroom

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