2010 IPL कोच्चि घोटाले में शशि थरूर को बचा रही थीं सोनिया गांधी! आखिर क्यों किया ललित मोदी ने ऐसा दावा ?
पूर्व आईपीएल कमिश्नर ललित मोदी ने आरोप लगाया है कि साल 2010 के कोच्चि टस्कर्स वित्तीय विवाद के दौरान तत्कालीन यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी ने शशि थरूर का समर्थन किया था। जानिए आधी रात को हुए फोन कॉल्स और $350 मिलियन के इस विवाद की पूरी इनसाइड स्टोरी.

पूर्व आईपीएल चेयरमैन ललित मोदी समाचार एजेंसी को दिए एक विशेष इंटरव्यू के दौरान साल 2010 के कोच्चि टस्कर्स आईपीएल फ्रेंचाइजी विवाद और वित्तीय गड़बड़ियों पर बोलते हुए।
Lalit Modi Shashi Tharoor : भारतीय क्रिकेट जगत और राजनीति के गलियारों से एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने 16 साल पुराने इतिहास के पन्नों को एक बार फिर से पलट कर रख दिया है। इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के संस्थापक और पूर्व चेयरमैन ललित मोदी ने साल 2010 के बहुचर्चित कोच्चि टस्कर्स विवाद को लेकर बेहद चौंकाने वाले और सनसनीखेज दावे किए हैं। एक हालिया इंटरव्यू में ललित मोदी ने सीधे तौर पर कांग्रेस आलाकमान पर निशाना साधते हुए दावा किया है कि तत्कालीन यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी और पूरी सरकारी मशीनरी उस वक्त केंद्रीय मंत्री रहे शशि थरूर के बचाव में उतर आई थी। इस खुलासे के बाद देश के राजनीतिक और खेल जगत में एक नया भूचाल आना तय माना जा रहा है।
ललित मोदी ने समाचार एजेंसी एएनआई (ANI) को दिए एक विशेष इंटरव्यू में उस दौर की पूरी कहानी बयां की, जब आईपीएल और देश की राजनीति में एक बड़ा टकराव देखने को मिला था। मोदी ने बताया कि जब उन्होंने शशि थरूर की दिवंगत पत्नी सुनंदा पुष्कर से जुड़े कथित धोखाधड़ी वाले इक्विटी ढांचे को लेकर कोच्चि कंसोर्टियम (फ्रेंचाइजी के समूह) के आईपीएल में प्रवेश को रोकने का प्रयास किया, तो तत्कालीन सत्तारूढ़ यूपीए सरकार के पूरे तंत्र ने उनके खिलाफ मोर्चा खोल दिया। मोदी का आरोप है कि उन्हें उस दौरान चारों तरफ से घेरने और पद से गिराने की एक सोची-समझी साजिश रची गई थी।
जब इंटरव्यू के दौरान ललित मोदी से स्पष्ट रूप से पूछा गया कि आखिर उस समय शशि थरूर को किसका संरक्षण प्राप्त था और उनका बचाव कौन कर रहा था, तो उन्होंने बिना किसी झिझक के 'सोनिया गांधी' का नाम लिया। उन्होंने बताया कि उन दिनों हर तरफ से सिर्फ उन्हीं को निशाना बनाया जा रहा था। इस दबाव की गंभीरता का जिक्र करते हुए पूर्व आईपीएल चेयरमैन ने कहा कि उन्हें उस समय कांग्रेस के संकटमोचक रहे अहमद पटेल और तत्कालीन वरिष्ठ नेता प्रणब मुखर्जी के लगातार फोन आते थे। हालांकि मोदी ने यह भी स्पष्ट किया कि उन नेताओं के साथ उनके व्यक्तिगत संबंध दोस्ताना थे। इसके अलावा उन्होंने राजीव शुक्ला का नाम लेते हुए दावा किया कि वे लगातार उनके पास आकर इस मामले में कई तरह के समझौते और निर्देश मानने का दबाव बनाते थे।
इस पूरे विवाद की जड़ को समझाते हुए ललित मोदी ने बताया कि मामला तब बिगड़ा जब उन्होंने कोच्चि कंसोर्टियम की ओर से पेश किए गए वित्तीय मॉडल को मानने से साफ इनकार कर दिया था। उनके अनुसार, इस ग्रुप ने 350 मिलियन डॉलर की एक भारी-भरकम बोली लगाकर टीम को हासिल तो कर लिया था, लेकिन इसका फाइनेंशियल मॉडल पूरी तरह से संदिग्ध और नियमों के खिलाफ था। इस मॉडल के तहत 75 प्रतिशत शेयरधारकों की लागत का शत-प्रतिशत भुगतान किया जा रहा था, जो कि नियमों के वित्तीय ढांचे के खिलाफ था।
इस पूरे घटनाक्रम में सस्पेंस और विवाद तब अपने चरम पर पहुंच गया जब वित्तीय दस्तावेजों में 'सुनंदा पुष्कर' नाम की एक अज्ञात महिला का नाम सामने आया, जिन्हें बिना किसी आर्थिक निवेश के ही कंपनी में सीधे 25 प्रतिशत की मुफ्त (स्वेट) इक्विटी दी जा रही थी। ललित मोदी ने इस अज्ञात 'शैडो होल्डर' की वास्तविक पहचान को लेकर सवाल उठाए और फ्रेंचाइजी के एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर करने से रोक लगा दी।
मोदी के मुताबिक, जब उन्होंने बेंगलुरु में आयोजित बैठक में कंसोर्टियम के अन्य सदस्यों से सुनंदा पुष्कर की पहचान पूछी, तो कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। उन्होंने स्पष्ट कह दिया कि जब तक उन्हें यह पता नहीं चलेगा कि सुनंदा पुष्कर कौन हैं, वे इस समझौते को मंजूरी नहीं देंगे। इसी फैसले के तुरंत बाद रात के करीब दो बजे उनके पास तत्कालीन विदेश राज्य मंत्री शशि थरूर का फोन आया। मोदी का दावा है कि थरूर ने उनसे कहा, 'ललित, सुनंदा पुष्कर के बारे में मत पूछो। अगर तुम ऐसा करोगे, तो सुबह तुम्हारे यहां छापेमारी (Raid) करवा दी जाएगी।' इस धमकी पर पलटवार करते हुए मोदी ने फोन काट दिया और एग्रीमेंट साइन करने से मना कर दिया।
#WATCH | On the 2010 IPL Kochi scandal, IPL founder and first chairman Lalit Modi says, "Sonia Gandhi was backing Shashi Tharoor. I got calls from Ahmed Patel and Pranab Mukherjee in those days. You had that p@** Rajeev Shukla coming up to me and say 'Chalo Ahmed Patel aa raha… pic.twitter.com/eYX8zIXu4h
— ANI (@ANI) June 4, 2026
इसके बाद देर रात तत्कालीन बीसीसीआई अध्यक्ष शशांक मनोहर ने ललित मोदी को फोन कर उसी दिन समझौते पर हस्ताक्षर करने का आदेश दिया। मोदी ने बताया कि उन्होंने वह एग्रीमेंट बेहद दबाव में साइन किया था और इस बात को रिकॉर्ड पर भी लाया था। लेकिन इसके ठीक अगले दिन सुबह जब देश के सभी अखबारों के पहले पन्ने पर 'शशि थरूर और सुनंदा पुष्कर की शादी' की खबरें छपीं, तब जाकर उन्हें इस पूरे खेल और दबाव के पीछे की असली वजह समझ में आई। ललित मोदी का यह खुलासा यह साबित करता है कि खेल के पीछे चलने वाली राजनीति और रसूखदार चेहरों की ताकत किस कदर बड़े फैसलों को प्रभावित करती है। 16 साल पुराना यह सीक्रेट आज भी भारतीय क्रिकेट इतिहास के सबसे विवादित अध्यायों में से एक है।

Ashiti Joil
यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।
