आईपीएल 2026: सचिन तेंदुलकर की कप्तानी का 18 साल पुराना अटूट रिकॉर्ड

इंडियन प्रीमियर लीग के रोमांचक इतिहास में कई कीर्तिमान बने और टूटे, लेकिन क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर की कप्तानी में बना एक ऐतिहासिक रिकॉर्ड आज 19वें सीजन में भी अपनी जगह पर अडिग खड़ा है। साल 2008 में स्थापित हुआ यह कीर्तिमान हाल ही में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) और दिल्ली कैपिटल्स के बीच हुए मुकाबले के बाद एक बार फिर चर्चा के केंद्र में आ गया है। सोमवार को अरुण जेटली स्टेडियम में खेले गए मैच में आरसीबी ने दिल्ली को करारी शिकस्त दी, लेकिन वह मुंबई इंडियंस के उस सर्वकालिक श्रेष्ठ प्रदर्शन के आंकड़े को पार करने में असफल रही।

दिल्ली कैपिटल्स और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के बीच हुए इस मुकाबले की शुरुआत टॉस से हुई, जिसे जीतकर आरसीबी ने पहले गेंदबाजी करने का साहसिक निर्णय लिया। दिल्ली की बल्लेबाजी की शुरुआत किसी दुःस्वप्न से कम नहीं रही। अरुण जेटली स्टेडियम की पिच पर दिल्ली का शीर्ष क्रम ताश के पत्तों की तरह ढह गया। महज 8 रन के कुल योग तक आधी से ज्यादा टीम पवेलियन लौट चुकी थी। अभिषेक पोरेल के जुझारू 30 रन और डेविड मिलर की 19 रनों की संक्षिप्त पारी की बदौलत दिल्ली किसी तरह 75 रन के स्कोर तक पहुंच पाई। आरसीबी की ओर से जोश हेजलवुड ने घातक गेंदबाजी करते हुए 4 विकेट झटके, वहीं अनुभवी भुवनेश्वर कुमार ने 3 विकेट लेकर दिल्ली की कमर तोड़ दी।

76 रनों के मामूली लक्ष्य का पीछा करने उतरी आरसीबी की टीम ने आक्रामक रुख अपनाया। देवदत्त पड्डिकल के 34 और विराट कोहली के 23 रनों की नाबाद पारियों की मदद से आरसीबी ने मात्र 6.3 ओवरों में जीत हासिल कर ली। इस जीत के साथ आरसीबी आईपीएल इतिहास में 'सर्वाधिक गेंदें शेष रहते मुकाबला जीतने' वाली दूसरी सबसे बड़ी टीम बन गई। आरसीबी ने यह मैच 81 गेंदें शेष रहते अपने नाम किया, जो अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि है, परंतु यह सचिन तेंदुलकर के उस सुनहरे दौर के रिकॉर्ड को तोड़ने के लिए पर्याप्त नहीं था।

आईपीएल के पहले ही सीजन यानी साल 2008 में मुंबई इंडियंस ने जो मानक स्थापित किया था, वह आज भी शीर्ष पर कायम है। मुंबई इंडियंस ने कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) के विरुद्ध खेलते हुए मात्र 68 रनों के लक्ष्य को 5.3 ओवरों में ही हासिल कर लिया था। उस ऐतिहासिक मुकाबले में मुंबई ने 87 गेंदें शेष रहते 8 विकेट से जीत दर्ज की थी। उस समय टीम की कमान सचिन तेंदुलकर के हाथों में थी। आज करीब दो दशक बीत जाने के बाद भी किसी टीम ने 87 गेंदों से ज्यादा अंतर से जीत दर्ज नहीं की है।

दिल्ली कैपिटल्स के लिए यह हार सांख्यिकीय रूप से भी काफी नुकसानदेह रही। 75 रन का यह स्कोर आईपीएल इतिहास में उनका तीसरा सबसे न्यूनतम स्कोर बन गया है। इससे पहले दिल्ली 2017 में मुंबई के खिलाफ 66 रन और पंजाब किंग्स के खिलाफ 67 रन पर सिमट चुकी है। वहीं आरसीबी के दृष्टिकोण से यह उनके गेंदबाजी आक्रमण की श्रेष्ठता को दर्शाता है, क्योंकि उनके विरुद्ध किसी भी टीम का यह तीसरा सबसे कम स्कोर रहा। इस जीत ने जहां आरसीबी के मनोबल को बढ़ाया है, वहीं सचिन तेंदुलकर के उस 2008 के रिकॉर्ड की अहमियत को एक बार फिर क्रिकेट जगत के सामने पुख्ता कर दिया है कि आधुनिक टी20 के दौर में भी पुराने रिकॉर्ड्स को भेदना कितना चुनौतीपूर्ण है।

Lalita Rajput

Lalita Rajput

इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।

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