२८ सितंबर को भारत-पकिस्तान के बिच एशिया कप फाइनल मैच हुई। जिसमे भारत ने पाकिस्तान विरुद्ध विजयपताका लहराई। मैच के शुरुवात में पाकिस्तान का पलड़ा भारी होता हुआ दिखाई दिया। पाकिस्तान ने २० रानों पर ३ विकेट गिरा के अच्छीखासी शुरुवात की थी। जिससे पाकिस्तान ने जितने का ख्वाब देखना शुरू किया था, परंतु तिलक वर्माने अपने अलग अंदाज में पाक के इस ख्वाब को चकनाचूर कर दिया। तिलक ने न केवल अंधाधुंद बल्लेबाजी की, बल्कि उन्होंने सूझबुझ कर अच्छीखासी रणनीति खेली। इन्होने सिर्फ ५३ गेंदों में नाबाद ६९ रन बनाये। साथ ही चार छक्के और तीन चौके लगाए। जित के बाद उन्होंने दहाड़ भी लगाई। इसके आलावा फ़ाइनल मैच होने के बावजूद भी उन्होंने पाक के खिलाड़ियों से हात नहीं मिलाया। यही पहले दोनों मैच में भी हुआ था। यही हाथ न मिलाना या नो हैंडशेक करना यह अब सुर्खिया बटोरते हुए नजर आ रहा है। तो चलिए जानते है इस मैच में क्या हुआ था।

हर कोई खेल खत्म होने के बात दोनों विरोधी टीम एक दूसरे से हाथ मिलाती है। जिसे स्पोर्ट्समैन स्पिरिट भी कहा जाता है। यह हैंडशेक कुछ दिनों से चर्चा का विषय बना हुआ हमें नजर आ रहा है। तिलक वर्मा ने भी मैच के बाद कुछ ऐसा किया जिससे वो सुर्ख़ियों में है। तिलक वर्माने भारत - पाक मैच ख़त्म होने के बाद पाकिस्तानी खिलाड़ियों से हात नहीं मिलाया है। एशिया कप २०२५ का फाइनल मुकाबला भारत की जीत के साथ खत्म हुआ, लेकिन मैच के बाद जो नज़ारा सामने आया उसने क्रिकेट फैंस का ध्यान खींच लिया। तिलक वर्मा समेत किसी भी भारतीय खिलाड़ी ने पाकिस्तान टीम से हाथ नहीं मिलाया। यह सिलसिला नया नहीं है। ग्रुप स्टेज में भी ऐसा हुआ था, जिसके बाद पाकिस्तान ने इसे अपनी बेइज्जती बताया था। सुपर - ४ में भी यही तस्वीर दोहराई गई और आखिरकार फाइनल में भी दोनों टीमों के बीच हाथ मिलाने की औपचारिकता पूरी तरह गायब रही। मैच का नतीजा चाहे भारत के पक्ष में रहा हो, लेकिन ‘नो हैंडशेक’ यह फिर एक बार चर्चा का विषय बना है। अब आईये जान ते है इस पूरी मैच में क्या क्या हुआ था।


पिछले कुछ दिनों से भारत-पाक मैच को लेकर बड़े स्तरपर चर्चा हो रही थी। परंतु आखिरकार यह मैच होगी ऐसा जाहिर हुआ। उसके बाद भारत और पाक मैच के लिए दो बार एक दूसरे के समने आए। जिसमे पाकिस्तान की हार हुई थी। इस के कारण सबको ऐसा लगा था की इस बार भी वही होगा। परंतु भारत को सलमान अली आगा के टीम ने कड़ी टक्कर दी। टॉस हारने के बाद पाकिस्तान ने बल्लेबाजी करते हुए अच्छी शुरुवात की, जिसमे फखर जमान ने ४६ और साहिबजादा फरहान ने ५७ रन बनाए थे। इसके बाद पाकिस्तान का मिडल ऑर्डर पूरी तरह से तहस-महस हुआ। जिसमे पाकिस्तान टीम ने जहा २ विकेट पर १०० का आंकड़ा पर किया था और फिर १४६ पर ऑल आउट भी हो गए। इस दौरान कुलदीप यादव ने ४, अक्षर पटेल, जसप्रीत बुमराह और वरुण चक्रवर्ती ने २ - २ विकेट लिए।


१४७ रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए भारतीय पारी की शुरुआत डगमगाती नज़र आई। महज़ २० रन पर शीर्ष तीन बल्लेबाज़ याने अभिषेक शर्मा (५), शुभमन गिल (१२) और सूर्यकुमार यादव (१) यह सस्ते में आउट हुए और लौट गए तो लगने लगा था कि मैच हाथ से निकल सकता है। ऐसे मुश्किल हालत में तिलक वर्मा ने मोर्चा संभालते हुए पहले संजू सैमसन (२४ ) के साथ ५७ रनों की अच्छी साझेदारी निभाई। संजू के आउट होने के बाद तिलक ने शिवम दुबे (३३) के साथ मिलकर स्कोर को जीत की ओर कुछ कदम आगे बढ़ाया। आख़िरकार, रोमांचकरीक मोड़ तब आया जब रिंकू सिंह ने टूर्नामेंट की अपनी पहली ही गेंद पर विजयी शॉट खेला और भारत को ५ विकेट से ऐतिहासिक जीत दिला दी। इस जीत के साथ टीम इंडिया ने अपनी ९ वी एशिया कप ट्रॉफी जीतकर एशियाई क्रिकेट में अपना दबदबा फिर से साबित कर दिया। इस तरह भारत ने एशियाई क्रिकेट में अपना फिर से विजय 'तिलक' किया।

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Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

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