शतरंज के बिसात पर भारत का परचम: प्रणव वेंकटेश बने नए 'जूनियर वर्ल्ड चैंपियन'
भारतीय ग्रैंडमास्टर प्रणव वेंकटेश ने मोंटेनेग्रो में आयोजित विश्व जूनियर शतरंज चैम्पियनशिप 2025 जीतकर इतिहास रच दिया है। 17 साल बाद किसी भारतीय ने यह खिताब जीता। प्रणव अजेय रहते हुए विश्व चैंपियन बने, जिससे भारत का नाम वैश्विक पटल पर एक बार फिर गर्व से ऊंचा हो गया है।

मोंटेनेग्रो/नई दिल्ली: भारतीय शतरंज के स्वर्णिम इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ गया है। मोंटेनेग्रो के पेट्रोवाक शहर में आयोजित 'फिडे विश्व जूनियर शतरंज चैम्पियनशिप 2025' में 18 वर्षीय भारतीय ग्रैंडमास्टर प्रणव वेंकटेश ने अपनी कुशाग्र बुद्धि और असाधारण खेल कौशल का प्रदर्शन करते हुए विश्व चैंपियन का खिताब अपने नाम कर लिया है। प्रणव की यह जीत न केवल उनकी व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि भारतीय शतरंज जगत के लिए 17 वर्षों का सूखा खत्म होने जैसा है।
टूर्नामेंट के 11वें और अंतिम निर्णायक दौर में प्रणव वेंकटेश का सामना स्लोवेनिया के मैटिक लाव्रेंचिक से हुआ। पूरे प्रतियोगिता के दौरान अजेय रहे प्रणव को खिताब सुनिश्चित करने के लिए केवल एक ड्रॉ की आवश्यकता थी। उन्होंने दबाव में संयम बनाए रखते हुए 18 चालों में यह बाजी ड्रॉ पर समाप्त की और कुल 9 अंकों के साथ पोडियम पर शीर्ष स्थान हासिल किया। इस ऐतिहासिक सफर में उन्होंने 7 मुकाबलों में शानदार जीत दर्ज की और 4 बाजियां ड्रॉ खेलीं।
प्रणव वेंकटेश की इस सफलता ने उन्हें उन दिग्गजों की श्रेणी में खड़ा कर दिया है जिन्होंने भारतीय शतरंज को वैश्विक पहचान दिलाई है। वह विश्वनाथन आनंद (1987), पेंटाला हरिकृष्णा (2004) और अभिजीत गुप्ता (2008) के बाद विश्व जूनियर ओपन का खिताब जीतने वाले चौथे भारतीय पुरुष खिलाड़ी बन गए हैं। इस जीत पर महान खिलाड़ी विश्वनाथन आनंद ने उन्हें बधाई देते हुए कहा कि प्रणव एक निरंतर विश्लेषण करने वाले और समर्पित खिलाड़ी हैं, जिनका भविष्य अत्यंत उज्ज्वल है।
प्रतियोगिता के अन्य परिणामों की बात करें तो स्लोवेनिया के मैटिक लाव्रेंचिक ने रजत पदक प्राप्त किया, जबकि नॉर्वे के जीएम एल्हाम अमर को कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा। वहीं, बालिका वर्ग में रूस की अन्ना शुखमन ने स्वर्ण पदक जीतकर अपनी श्रेष्ठता सिद्ध की। भारतीय खेमे से सरयू वेलपुला ने भी अंतिम दौर में जीत दर्ज कर अपना प्रभाव छोड़ा।
चेन्नई से ताल्लुक रखने वाले प्रणव वेंकटेश, जो 'वेस्टब्रिज आनंद चेस एकेडमी' (WACA) के फेलो हैं, ने अपनी इस जीत से रेटिंग चार्ट में भी लंबी छलांग लगाई है। उन्होंने इस टूर्नामेंट से 13.3 एलो रेटिंग अंक हासिल किए। यह जीत उन्हें आगामी शतरंज विश्व कप के लिए भी प्रबल दावेदार बनाती है। भारत सरकार और अखिल भारतीय शतरंज महासंघ (AICF) ने इस गौरवशाली उपलब्धि पर हर्ष व्यक्त किया है।

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