नई दिल्ली/कोझिकोड: भारतीय खेल इतिहास की सबसे बड़ी पहचान और भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) की अध्यक्ष पी.टी. उषा के जीवन का सबसे मजबूत स्तंभ आज ढह गया। उनके पति और पूर्व राष्ट्रीय कबड्डी खिलाड़ी वी. श्रीनिवासन का शुक्रवार सुबह केरल के कोझिकोड में निधन हो गया। इस खबर ने न केवल खेल जगत को स्तब्ध कर दिया है, बल्कि देश के राजनीतिक गलियारों में भी शोक की लहर दौड़ गई है।

एक अटूट साथ का अंत: संघर्षों के साथी थे श्रीनिवासन

पी.टी. उषा, जिन्हें दुनिया 'पय्योली एक्सप्रेस' के नाम से जानती है, की सफलता की कहानियों के पीछे श्रीनिवासन एक ढाल की तरह खड़े रहे। शुक्रवार तड़के उन्होंने अंतिम सांस ली। पारिवारिक सूत्रों के अनुसार, वह पिछले कुछ समय से स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रहे थे।

श्रीनिवासन केवल एक जीवनसाथी ही नहीं, बल्कि उषा के खेल करियर और उनके सपनों को साकार करने वाले एक मार्गदर्शक भी थे। जब पी.टी. उषा ने सक्रिय खेलों से संन्यास लेने के बाद अपनी 'उषा स्कूल ऑफ एथलेटिक्स' की शुरुआत की, तो श्रीनिवासन ने इसके प्रबंधन और संचालन में अपनी पूरी ताकत झोंक दी थी।

मुख्य बिंदु: घटनाक्रम और श्रद्धांजलि

  • निधन का समय: शुक्रवार सुबह, कोझिकोड स्थित निवास।
  • पृष्ठभूमि: श्रीनिवासन स्वयं एक उत्कृष्ट एथलीट और राष्ट्रीय स्तर के कबड्डी खिलाड़ी रह चुके थे।
  • योगदान: पी.टी. उषा के खेल अकादमी (Usha School of Athletics) के निर्माण और संचालन में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही।
  • पारिवारिक स्थिति: वह अपने पीछे पत्नी पी.टी. उषा और पुत्र उज्ज्वल को छोड़ गए हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने साझा किया दुख

इस दुखद समाचार के मिलते ही देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पी.टी. उषा से फोन पर बात की। प्रधानमंत्री ने शोक संतप्त परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं और इस कठिन समय में उन्हें ढांढस बंधाया।

प्रधानमंत्री ने श्रीनिवासन के खेल के प्रति समर्पण और पी.टी. उषा की उपलब्धियों में उनके मौन लेकिन सशक्त योगदान को याद किया। यह फोन कॉल न केवल एक सांत्वना संदेश था, बल्कि उस सम्मान का प्रतीक भी था जो यह परिवार देश के लिए रखता है।

आधिकारिक और कानूनी प्रक्रिया

स्थानीय प्रशासन और खेल जगत की दिग्गज हस्तियों ने कोझिकोड पहुंचकर श्रीनिवासन को श्रद्धांजलि अर्पित की। खेल मंत्रालय और विभिन्न खेल महासंघों ने आधिकारिक बयान जारी कर इसे भारतीय खेल समुदाय के लिए एक अपूरणीय क्षति बताया है। अंतिम संस्कार की प्रक्रिया स्थानीय रीति-रिवाजों के अनुसार उनके पैतृक स्थान पर की जाएगी, जिसमें खेल और राजनीति जगत के कई बड़े चेहरों के शामिल होने की उम्मीद है।

एक युग का अवसान: खेल जगत के लिए अपूरणीय क्षति

वी. श्रीनिवासन का जाना महज एक व्यक्ति का जाना नहीं है, बल्कि उस मूक समर्थन का अंत है जिसने भारत को उसकी सबसे महान महिला एथलीट दी। उषा की हर जीत में श्रीनिवासन की मुस्कान और उनकी हर हार में उनका सहारा हमेशा बना रहा। आज जब भारतीय एथलेटिक्स नए आयाम छू रहा है, श्रीनिवासन की कमी को पूरा करना असंभव होगा। उनका जीवन यह सिखाता है कि महान उपलब्धियों के पीछे अक्सर एक ऐसा व्यक्तित्व होता है जो खुद को पीछे रखकर दूसरे को चमकने का अवसर देता है।

Pratahkal Hub

Pratahkal Hub

प्रातःकाल हब, दै.प्रातःकाल की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, सामयिक और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा प्रातःकाल हब राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।"

Next Story