आईसीसी महिला टी20 विश्व कप 2026 के ग्रुप-ए मुकाबले में भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने अपने अभियान की शुरुआत एक ऐतिहासिक और धमाकेदार जीत के साथ की है। बर्मिंघम के मैदान पर खेले गए इस हाई-वोल्टेज मुकाबले में भारत ने अपनी पारंपरिक प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान की टीम को चारों खाने चित करते हुए चौंसठ रनों के बड़े अंतर से मुकाबला अपने नाम कर लिया। इस जीत के साथ ही भारतीय टीम ने टूर्नामेंट के नॉकआउट चरण में पहुंचने की अपनी संभावनाओं को बेहद मजबूत कर लिया है। पूरे मैच के दौरान भारतीय खिलाड़ियों ने खेल के हर क्षेत्र, चाहे वह बल्लेबाजी हो, गेंदबाजी हो या क्षेत्ररक्षण, पूरी तरह से अपना दबदबा बनाए रखा और विपक्षी टीम को वापसी का कोई मौका नहीं दिया।

टूर्नामेंट के इस महत्वपूर्ण मुकाबले में टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम ने निर्धारित बीस ओवरों में छह विकेट के नुकसान पर एक सौ सत्तर रनों का एक बेहद चुनौतीपूर्ण स्कोर खड़ा किया था। भारतीय पारी की शुरुआत हालांकि कुछ खास नहीं रही और सलामी बल्लेबाज शेफाली वर्मा केवल छह रन बनाकर सदिया इकबाल की गेंद पर पवेलियन लौट गईं। इसके ठीक बाद जेमिमा रोड्रिग्स भी महज एक रन के निजी स्कोर पर आउट हो गईं, जिससे भारतीय टीम दबाव में आ गई और तीन दशमलव दो ओवर में टीम का स्कोर दो विकेट पर अठारह रन हो गया। इस नाजुक मोड़ पर उपकप्तान स्मृति मंधाना और कप्तान हरमनप्रीत कौर ने सूझबूझ का परिचय देते हुए पारी को संभाला और तेजी से रन बटोरे।

स्मृति मंधाना ने मैदान के चारों ओर आकर्षक शॉट खेलते हुए मात्र चौवालिस गेंदों में सड़सठ रनों की एक विस्फोटक अर्धशतकीय पारी खेली, जिसमें नौ चौके और दो गगनचुंबी छक्के शामिल थे। उन्होंने एक सौ चौवन दशमलव पचपन के बेहतरीन स्ट्राइक रेट से बल्लेबाजी कर पाकिस्तानी गेंदबाजों को पूरी तरह से बैकफुट पर धकेल दिया। मंधाना को कप्तान हरमनप्रीत कौर का अच्छा सहयोग मिला, जिन्होंने पैंतीस गेंदों में छत्तीस रनों की कप्तानी पारी खेली। इन दोनों बल्लेबाजों के बीच तीसरे विकेट के लिए हुई इक्यानबे रनों की महत्वपूर्ण साझेदारी ने भारत को एक बड़े स्कोर की नींव दी। मंधाना के आउट होने के बाद विकेटकीपर बल्लेबाज ऋचा घोष ने अंतिम ओवरों में आक्रामक तेवर अपनाए और सिर्फ सत्रह गेंदों में पांच चौके और एक छक्के की मदद से चौंतीस रनों की बहुमूल्य पारी खेलकर भारत का स्कोर एक सौ सत्तर तक पहुंचा दिया।

एक सौ सत्तर रनों के मजबूत लक्ष्य का पीछा करने उतरी पाकिस्तान की शुरुआत काफी सकारात्मक रही। सलामी बल्लेबाज और विकेटकीपर मुनीबा अली ने कप्तानी जिम्मेदारी निभाते हुए पैंतीस गेंदों में इकतालीस रनों की जुझारू पारी खेली। उन्होंने गुल फिरोजा के साथ मिलकर पहले विकेट के लिए अड़तीस रनों की तेज साझेदारी कर भारतीय खेमे में थोड़ी चिंता जरूर पैदा की थी, लेकिन पावरप्ले समाप्त होते ही भारतीय स्पिनरों ने मैच का पासा पूरी तरह से पलट दिया। अनुभवी ऑफ स्पिनर दीप्ति शर्मा ने अपनी कातिलाना और सटीक गेंदबाजी से पाकिस्तानी मध्यक्रम को पूरी तरह से तहस-नहस कर दिया। दीप्ति ने अपने चार ओवर के कोटे में मात्र दस रन देकर पांच महत्वपूर्ण विकेट चटकाए, जिसमें गुल फिरोजा, आयशा जफर, आलिया रियाज, नशरा संधू और तस्मिया रुबाब के विकेट शामिल थे।

दीप्ति शर्मा का बेहतरीन साथ युवा स्पिनर श्री चरणी ने दिया, जिन्होंने अपने चार ओवरों में इक्कीस रन खर्च करके तीन विकेट हासिल किए और पाकिस्तान को संभलने का कोई मौका नहीं दिया। पाकिस्तान की कप्तान फातिमा सना अपना खाता खोले बिना ही शेफाली वर्मा की गेंद पर आउट हो गईं, जिसके बाद उनकी पूरी टीम सत्रह ओवरों में महज एक सौ छह रनों पर सिमट गई। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद और क्रिकेट बोर्ड के नियमों के तहत इस बड़े आईसीसी टूर्नामेंट में खेल भावना और आचार संहिता का पूरी तरह पालन किया गया। इस शानदार और एकतरफा जीत ने यह साबित कर दिया है कि भारतीय महिला क्रिकेट टीम इस बार विश्व कप खिताब की सबसे मजबूत दावेदारों में से एक है और इस जीत का मनोवैज्ञानिक लाभ उन्हें आगामी मैचों में निश्चित रूप से मिलेगा।

Lalita Rajput

Lalita Rajput

इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।

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