India south africa cricket match : गुवाहाटी की घिसी-पिटी पिच पर भारत ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ निराशाजनक प्रदर्शन करते हुए 408 रनों से हार का सामना किया। यह रनों के लिहाज़ से भारत की घरेलू मैदान पर अब तक की सबसे बड़ी हार है। पिछले 12 वर्षों और 18 सीरीज़ में अजेय रहने के बाद, यह सात घरेलू टेस्ट में पांचवीं हार है, जिसने भारतीय क्रिकेट के वर्तमान स्वरूप पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

साइमन हार्मर ने आखिरी दिन की पटकथा लिखते हुए 37 रन पर 6 विकेट चटकाए। यह देश में उनका पहला फाइव विकेट है, जबकि इसके पहले वे चार बार सिर्फ एक विकेट से चूक चुके थे। उन्होंने दक्षिण अफ्रीका की दूसरी पारी में समय गंवाने का जोखिम उठाकर भारतीय बल्लेबाजी को पूरी तरह से नाकाम कर दिया। भारत की दूसरी पारी में केवल रवींद्र जडेजा ने 54 रन बनाकर सार्थक प्रतिरोध दिखाया।

भारत को चौथे दिन 522 रनों का लक्ष्य मिला, जो लगभग असंभव था। हार्मर ने शुरुआत में ही कुलदीप यादव और ध्रुव जुरेल को एक ही ओवर में आउट कर भारत को 42/4 तक सीमित कर दिया। उनके प्रभावशाली प्रदर्शन ने टीम की कमजोर मानसिकता और सीमित बल्लेबाजी क्षमताओं को उजागर किया।

सुदर्शन ने भारतीय बल्लेबाजों की गेंदों को रोकने के कई प्रयास किए, लेकिन अंततः ऋषभ पंत का आउट होना हार्मर और मार्करम की रणनीति को सफल बना गया। चाय के बाद विकेटों का पतन तेज़ी से हुआ और भारत की पारी केवल 140 रनों पर समाप्त हो गई। केशव महाराज और मार्को जेनसन के योगदान ने दक्षिण अफ्रीका को शानदार जीत दिलाई।

इस जीत के साथ दक्षिण अफ्रीका ने न केवल 25 साल में भारत में पहली बार घरेलू सीरीज स्वीप की, बल्कि टीम की दबदबा वाली बल्लेबाजी और रणनीतिक गेंदबाजी ने भी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपनी मजबूती साबित की।

Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

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