मुंबई। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड और राष्ट्रीय चयन समिति ने मुख्य कोच गौतम गंभीर के साथ मिलकर आगामी टी20 अंतरराष्ट्रीय चक्र के लिए एक नए कप्तान की तलाश पर मंथन तेज कर दिया है। इस बड़े प्रशासनिक और रणनीतिक बदलाव का मुख्य कारण मौजूदा कप्तान सूर्यकुमार यादव के प्रदर्शन में आई हालिया गिरावट है। हाल ही में संपन्न हुए इंडियन प्रीमियर लीग २०२६ के सीजन में सूर्यकुमार यादव का प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा, जहां उन्होंने १३ पारियों में महज २०.७६ की साधारण औसत से रन बनाए। इस खराब फॉर्म के बाद चयनकर्ताओं ने भविष्य की दीर्घकालिक योजनाओं को ध्यान में रखते हुए टीम की कमान किसी अन्य योग्य खिलाड़ी को सौंपने का मन बना लिया है। आगामी आयरलैंड और इंग्लैंड दौरों से पहले भारतीय टी20 टीम के नेतृत्व ढांचे में बड़े बदलाव की आधिकारिक घोषणा होने की उम्मीद है।

नेतृत्व परिवर्तन की इस महत्वपूर्ण रेस में सबसे पहला और मजबूत नाम श्रेयस अय्यर का उभरकर सामने आ रहा है। श्रेयस अय्यर के पास आईपीएल में दिल्ली कैपिटल्स, कोलकाता नाइट राइडर्स और पंजाब किंग्स जैसी बड़ी फ्रेंचाइजी टीमों का नेतृत्व करने का एक लंबा और सफल अनुभव मौजूद है। उनकी कप्तानी में केकेआर ने आईपीएल का खिताब भी अपने नाम किया है। चयनकर्ता उन्हें सूर्यकुमार यादव के एक आदर्श विकल्प के रूप में देख रहे हैं क्योंकि कप्तानी संभालने के साथ-साथ वे मध्यक्रम में नंबर चार पर बल्लेबाजी की जिम्मेदारी भी बखूबी निभा सकते हैं। बीसीसीआई ने पहले ही उन्हें वनडे फॉर्मेट का उप-कप्तान नियुक्त कर यह स्पष्ट संकेत दे दिया है कि उन्हें भविष्य के लीडर के तौर पर तैयार किया जा रहा है, हालांकि इस पर मुख्य कोच गौतम गंभीर की अंतिम सहमति मिलना अभी बाकी है।

इस सूची में दूसरा और सबसे युवा नाम तिलक वर्मा का है, जिन्हें चयन प्रक्रिया का एक डार्क हॉर्स या सरप्राइज पैकेज माना जा रहा है। भले ही तिलक वर्मा अनुभव के मामले में अन्य वरिष्ठ खिलाड़ियों की तुलना में थोड़े पीछे हैं, लेकिन उन्होंने बेहद कम समय में टी20 अंतरराष्ट्रीय प्रारूप में अपनी परिपक्वता साबित की है। दबाव की परिस्थितियों में शांत रहकर मैच जिताने की उनकी क्षमता से टीम मैनेजमेंट काफी प्रभावित है। यदि अजीत अगरकर की अगुवाई वाली चयन समिति भविष्य की एक युवा टीम तैयार करने का साहसिक फैसला लेती है, तो तिलक वर्मा के नाम पर गंभीरता से विचार किया जा सकता है।

तीसरे बड़े दावेदार के रूप में शुभमन गिल मजबूती से खड़े हैं, जिन्हें भारतीय क्रिकेट का अगला मुख्य चेहरा माना जाता है। गिल वर्तमान में अफगानिस्तान के खिलाफ एकमात्र टेस्ट मैच में भारतीय टीम का नेतृत्व कर रहे हैं। वे उन चुनिंदा खिलाड़ियों में से हैं जो टेस्ट, वनडे और टी20 तीनों ही अंतरराष्ट्रीय प्रारूपों में भारतीय प्लेइंग इलेवन का नियमित हिस्सा हैं। आईपीएल में उनकी कप्तानी में गुजरात टाइटंस की टीम फाइनल तक का सफर तय कर चुकी है। चयनकर्ता आमतौर पर ऐसे खिलाड़ी को कप्तान बनाना पसंद करते हैं जिसकी तीनों फॉर्मेट में जगह पूरी तरह पक्की हो, जो गिल के पक्ष में जाता है।

इस रेस में चौथा और सबसे चौंकाने वाला नाम रजत पाटीदार का जुड़ा है। पाटीदार ने अभी तक अंतरराष्ट्रीय टी20 क्रिकेट में डेब्यू नहीं किया है, लेकिन घरेलू क्रिकेट और आईपीएल में उनके शानदार पावरगेम और नेतृत्व क्षमता ने चयनकर्ताओं का ध्यान खींचा है। आईपीएल २०२६ में उनकी कप्तानी और बेहतरीन पारियों के दम पर रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने प्लेऑफ मुकाबले में गुजरात टाइटंस को शिकस्त दी थी। पाटीदार की अगुवाई में ही बेंगलुरु की टीम लगातार दो बार आईपीएल चैंपियन बनने का गौरव हासिल कर चुकी है। उन्हें सीधे कप्तानी सौंपना एक बड़ा प्रशासनिक जोखिम हो सकता है, लेकिन मुख्य कोच गौतम गंभीर अपनी आक्रामक और जोखिम लेने वाली कूटनीति के लिए जाने जाते हैं।

इस फेहरिस्त में पांचवां और अंतिम नाम स्टार ऑलराउंडर हार्दिक पंड्या का है। वर्ष २०२४ में रोहित शर्मा के टी20 अंतरराष्ट्रीय संन्यास के बाद हार्दिक कप्तानी के सबसे स्वाभाविक विकल्प थे, लेकिन तब चयनकर्ताओं ने सूर्यकुमार यादव को प्राथमिकता दी थी। गुजरात टाइटंस और मुंबई इंडियंस जैसी बड़ी टीमों को संभालने का अनुभव रखने वाले हार्दिक टीम को बेहतरीन संतुलन प्रदान करते हैं। हालांकि, उनके साथ जुड़ी सबसे बड़ी समस्या वर्कलोड मैनेजमेंट और बार-बार चोटिल होना है, जिसके कारण चयन समिति उन्हें दीर्घकालिक कप्तान के रूप में देखने से कतरा रही है। भारतीय क्रिकेट के इस नए दौर में लिया जाने वाला कप्तानी का यह फैसला आगामी टी20 विश्व कप चक्र के लिए टीम इंडिया की दिशा और दशा तय करेगा।

Lalita Rajput

Lalita Rajput

इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।

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