भारत-श्रीलंका मैच में हाई-वोल्टेज विवाद, नो-बॉल पर भड़का भारत, तिलक वर्मा की अंपायरों से तीखी बहस, अश्विन ने किया समर्थन|
डंबुला में सुपर ओवर के दौरान नो-बॉल और अंपायरों से बहस के बाद खिलाड़ियों में हुई भिड़ंत, अश्विन ने दिया भारतीय टीम का साथ।

बाएं तरफ मैच के दौरान खिलाड़ियों के बीच बहस और दाएं तरफ रविचंद्रन अश्विन को देखा जा सकता है|
डंबुला में आयोजित ट्राई नेशन सीरीज के दौरान इंडिया ए और श्रीलंका ए के बीच खेले गए मुकाबले में खेल के रोमांच के साथ-साथ गंभीर विवाद भी देखने को मिले। मैच के निर्धारित ओवरों में श्रीलंका ए ने भारत के 265 रनों के स्कोर की बराबरी की, जिसके बाद मैच टाई हो गया। असली ड्रामा और विवादों का सिलसिला यहीं से शुरू हुआ। मैच का निर्णय लेने के लिए सुपर ओवर के आयोजन को लेकर भारतीय कप्तान तिलक वर्मा और अंपायरों के बीच लंबी और तीखी बहस हुई। काफी मशक्कत के बाद मैच अधिकारियों ने सुपर ओवर के लिए अनुमति दी, लेकिन यह प्रक्रिया विवादों से मुक्त नहीं रही।
सुपर ओवर के दौरान तनाव तब और बढ़ गया जब श्रीलंका की पारी की अंतिम गेंद पर भारतीय गेंदबाज अरशद खान की फुल टॉस गेंद को अंपायरों ने नो-बॉल करार दिया। इस फैसले ने भारतीय टीम को स्तब्ध कर दिया और कप्तान तिलक वर्मा एक बार फिर स्पष्टीकरण मांगने के लिए अंपायरों के पास पहुंचे। भारतीय खेमे का आरोप था कि श्रीलंका ने सुपर ओवर में बल्लेबाजी के लिए आने में अनावश्यक देरी की, जिससे मैच का माहौल प्रभावित हुआ। अंततः, इस रोमांचक और विवादास्पद सुपर ओवर में श्रीलंका ए ने जीत दर्ज की। मैच के बाद मैदान पर स्थिति तब और बिगड़ गई जब वैभव सूर्यवंशी और श्रीलंकाई खिलाड़ियों के बीच धक्का-मुक्की और तीखी बहस हुई, जिसे बाद में अन्य खिलाड़ियों के हस्तक्षेप के बाद शांत कराया गया।
इस पूरे प्रकरण पर पूर्व भारतीय दिग्गज स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए भारतीय टीम का समर्थन किया है। अश्विन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर लिखा कि इन मैचों में आईपीएल जैसे तकनीकी संसाधनों का अभाव होता है, जिससे विवादों का निपटारा कठिन हो जाता है। उन्होंने विशेष रूप से नो-बॉल के फैसले और श्रीलंका द्वारा बल्लेबाजी के लिए आने में की गई देरी को भारतीय टीम की नाराजगी का मुख्य कारण बताया। अश्विन ने इसे 'बेहतरीन माइंड गेम्स' और 'शानदार ड्रामा' की संज्ञा दी।
मैच के संदर्भ में यह उल्लेखनीय है कि भारत की शुरुआत बेहद खराब रही थी और टीम ने 143 रनों पर अपने 7 महत्वपूर्ण विकेट गंवा दिए थे। हालांकि, सुयांश शेडगे और विप्रज निगम के बीच 8वें विकेट के लिए हुई 104 रनों की साझेदारी ने भारत को सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाया। इस बीच, खेल के दौरान हुई एक बड़ी गलती के कारण भारत पर 10 रनों की पेनल्टी भी लगाई गई, जो अंततः हार-जीत के अंतर में निर्णायक साबित हुई। श्रीलंका के लिए सदीरा समरविक्रमा की 93 रनों की पारी ने टीम को लक्ष्य तक बनाए रखा। यह मैच न केवल खेल की बारीकियों, बल्कि मैदान पर खिलाड़ियों के बीच कूटनीतिक तनाव और विवादों के लिए भी याद रखा जाएगा।

Lalita Rajput
इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।
