FIH Men’s Junior Hockey World Cup 2025 के सेमीफाइनल में भारत का जूनियर टीम का विश्व खिताब की उम्मीदों का सफर बेहद अफसोसजनक ढंग से खत्म हो गया। 7 दिसंबर 2025 को खेले गए इस मुकाबले में जर्मनी नेशनल अंडर-21 फील्ड हॉकी टीम ने इंडिया नेशनल अंडर-21 फील्ड हॉकी टीम को 5-1 से हराकर फाइनल में प्रवेश कर लिया।


मैच की शुरुआत जर्मनी ने जिस अंदाज में की, उस तरह के दावों से भारत न निपट पाया। 14वीं मिनट में पहले पेनल्टी कॉर्नर से बदले पेनल्टी स्ट्रोक को लुकास कोसेल ने गोल में बदलकर जर्मनी को बढ़त दिलाई। एक मिनट बाद ही 15वीं मिनट में टाइटस वेक्स की पासिंग ने भारतीय डिफेंस में सेंध लगाकर स्कोर 2-0 कर दिया। पहले क्वार्टर के अंत तक भारत का बचाव ढीला पड़ गया और मध्याह्न से ठीक पहले 30वीं मिनट में पुनः कोसेल ने पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदलकर टीम की बढ़त 3-0 कर दी।


तीसरे क्वार्टर के 40वें मिनट में जोनास वोन गेरसँ ने एक शानदार चिपिंग पास के बाद गोल दागकर जर्मनी की बढ़त 4-0 कर दी। चौथे क्वार्टर में 49वीं मिनट में बेन हसबच ने एक लंबी हवाई गेंद का लाभ उठाते हुए भारतीय रक्षा तंत्र को उखाड़ फेंका और diving गोल के माध्यम से स्कोर 5-0 कर दिया। भारत ने अंत तक हिम्मत नहीं खोई। 51वीं मिनट में एक पेनल्टी कॉर्नर से मौके का लाभ उठाते हुए नवोदित अनमोल एक्का ने शानदार लक्ष्य अर्जित किया।


यह भारत का इस मैच में एकमात्र और जीत से कोसों दूर वाक्य महसूस कराने वाला गोल था। इसके बाद भारत ने और प्रयास किए, लेकिन जर्मनी की संगठित रक्षा और आत्मविश्वास के आगे भारतीय दल कुछ नहीं कर सका। इस 1-5 की शिकस्त के बाद भारत का खिताब तक का सफर यहीं थम गया। अब भारतीय जूनियर टीम की निगाहें ब्रॉन्ज मेडल के मुकाबले पर होंगी, जहाँ वे अर्जेंटीना नेशनल अंडर-21 फील्ड हॉकी टीम के खिलाफ 10 दिसंबर को खेलेंगी। जबकि जर्मनी का सामना फाइनल में स्पेन नेशनल अंडर-21 फील्ड हॉकी टीम से होने जा रहा है।


विश्लेषकों के अनुसार, जर्मनी की शुरुआत से आक्रामक तैयारी और लगातार प्रेस जिसने भारतीय खिलाड़ियों को अपनी पेनल्टी ज़ोन में खेलने पर मजबूर कर दिया ने भारत को वापसी का मौका ही नहीं दिया। पेनल्टी कॉर्नर एवं स्ट्रोक में जर्मनी की बेहतर तैयारी व क्रूर फिनिशिंग भारत की कमजोरी के सामने भारी पड़ी। इसके विपरीत, भारत ने हालांकि कुछ पलों में गेंद पर कब्जा करने की कोशिश की, मगर गोल के पास पहुँचने की काबिलियत न दिखा पाया।


अब भारत की टीम ब्रॉन्ज मेडल की उम्मीदों के साथ उतरेगी। 2016 में FIH Men’s Junior Hockey World Cup 2016 में खिताब जिताने वाली भारतीय टीम को इस वर्ष फिर से जीत की तैयारी थी, मगर जर्मनी के दबदबे ने उस सपना को फिलहाल रोक दिया है। फाइनल के लिए जर्मनी की बढ़त और विश्वसनीयता ने यह दिखा दिया है कि जूनियर स्तर पर भी यूरोपीय टीमों की तैयारी व अनुशासन भारतीय युवाओं के लिए चुनौती बना हुआ है।

Manyaa Chaudhary

Manyaa Chaudhary

यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।

Next Story