भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर का प्रारंभिक संघर्ष, खेल रिकॉर्ड और 2025 विश्व कप में ऐतिहासिक जीत का विस्तृत विवरण।

भारतीय महिला क्रिकेट के इतिहास में जब भी सुनहरे अध्याय लिखे जाएंगे, तब हरमनप्रीत कौर का नाम सबसे आगे दिखाई देगा। 2025 महिला क्रिकेट विश्व कप में भारत को पहली बार विश्व विजेता बनाने वाली कप्तान के रूप में हरमनप्रीत ने न केवल इतिहास रचा, बल्कि भारतीय महिला क्रिकेट को नई पहचान भी दिलाई। मैदान पर उनके आक्रामक बल्लेबाजी अंदाज, निर्णायक कप्तानी और दबाव में मैच पलट देने की क्षमता ने उन्हें आधुनिक दौर की सबसे प्रभावशाली महिला क्रिकेटरों में शामिल कर दिया है। विश्व कप के नॉकआउट मुकाबलों में सर्वाधिक 331 रन बनाने का रिकॉर्ड हो या फिर इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया जैसी दिग्गज टीमों के खिलाफ ऐतिहासिक जीत, हरमनप्रीत ने हर उपलब्धि के साथ अपने कद को और ऊंचा किया।

8 मार्च 1989 को पंजाब के मोगा में जन्मीं हरमनप्रीत कौर भुल्लर का क्रिकेट सफर बेहद साधारण परिस्थितियों से शुरू हुआ था। उनके पिता हरमंदर सिंह भुल्लर स्वयं खेलों से जुड़े रहे और उन्होंने बेटी की प्रतिभा को शुरुआती दिनों में ही पहचान लिया था। हरमनप्रीत रोजाना लगभग 30 किलोमीटर दूर स्थित जियान ज्योति स्कूल अकादमी जाकर अभ्यास करती थीं, जहां कोच कमलदीश सिंह सोढ़ी ने उनकी प्रतिभा को तराशा। करियर के शुरुआती वर्षों में उन्होंने लड़कों के साथ क्रिकेट खेलकर अपने खेल को निखारा। सीमित संसाधनों और कठिन परिस्थितियों के बीच उनका संघर्ष धीरे-धीरे उन्हें भारतीय क्रिकेट की सबसे भरोसेमंद ऑलराउंडर में बदलता चला गया।

साल 2009 में पाकिस्तान के खिलाफ विश्व कप मुकाबले से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण करने वाली हरमनप्रीत ने जल्द ही अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से पहचान बना ली। 2010 में इंग्लैंड के खिलाफ पहला अर्धशतक और फिर 2013 में इंग्लैंड के विरुद्ध पहला वनडे शतक उनके उभरते करियर के बड़े पड़ाव बने। टेस्ट क्रिकेट में भी उन्होंने गेंद और बल्ले दोनों से प्रभाव छोड़ा। 2014 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट में नौ विकेट लेकर उन्होंने साबित कर दिया कि वह सिर्फ बल्लेबाज ही नहीं, बल्कि मैच विनर ऑलराउंडर हैं। इसी दौरान उनकी नेतृत्व क्षमता भी सामने आई और 2012 एशिया कप फाइनल में स्टैंड-इन कप्तान के रूप में भारत को खिताब दिलाकर उन्होंने भविष्य की कप्तान होने के संकेत दे दिए।

हरमनप्रीत को वैश्विक पहचान 2017 महिला विश्व कप के सेमीफाइनल में मिली, जब उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 115 गेंदों पर 171 रनों की ऐतिहासिक पारी खेली। यह महिला विश्व कप नॉकआउट इतिहास की सबसे चर्चित पारियों में गिनी जाती है। इसी पारी ने भारतीय महिला क्रिकेट को नई लोकप्रियता दिलाई और हरमनप्रीत रातोंरात करोड़ों भारतीयों की पसंदीदा खिलाड़ी बन गईं। 2018 में वह महिला टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में शतक लगाने वाली पहली भारतीय महिला बनीं। 2019 में उन्होंने 100 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने वाली पहली भारतीय क्रिकेटर बनने का गौरव हासिल किया, जबकि 2023 में वह महिला टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 3000 रन पूरे करने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बनीं। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 8000 से अधिक रन बनाकर उन्होंने खुद को भारतीय महिला क्रिकेट के सबसे बड़े सितारों में स्थापित कर लिया।

कप्तान के रूप में हरमनप्रीत का दौर भारतीय महिला क्रिकेट के स्वर्णिम काल के रूप में देखा जा रहा है। उनकी कप्तानी में भारत ने 2022 एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक जीता, 2022 राष्ट्रमंडल खेलों में रजत पदक हासिल किया और इंग्लैंड में 1999 के बाद पहली बार वनडे सीरीज जीती। 2023 में भारत ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पहली टेस्ट जीत दर्ज की, जबकि 2025 में इंग्लैंड के खिलाफ पहली महिला टी20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज जीत भी उनके नेतृत्व में आई। उसी वर्ष भारत ने महिला क्रिकेट विश्व कप जीतकर इतिहास रच दिया। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सेमीफाइनल में 339 रनों का रिकॉर्ड लक्ष्य हासिल करने में उनकी 89 रन की पारी निर्णायक साबित हुई। मीडिया रिपोर्ट्स में उनकी रणनीतिक कप्तानी, आक्रामक फील्ड प्लेसमेंट और गेंदबाजों के बेहतर उपयोग को भारत की सफलता का प्रमुख कारण बताया गया।

फ्रेंचाइजी क्रिकेट में भी हरमनप्रीत ने नई मिसाल कायम की। 2016 में वह विदेशी टी20 लीग से जुड़ने वाली पहली भारतीय महिला क्रिकेटर बनीं, जब उन्होंने सिडनी थंडर के साथ करार किया। बाद में मेलबर्न रेनेगेड्स, मैनचेस्टर ओरिजिनल्स और ट्रेंट रॉकेट्स जैसी टीमों के लिए खेलते हुए उन्होंने दुनियाभर में अपनी पहचान मजबूत की। महिला प्रीमियर लीग में मुंबई इंडियंस की कप्तान के रूप में उन्होंने 2023 और 2025 में टीम को खिताब दिलाया। उनके शानदार योगदान के लिए भारत सरकार ने उन्हें 2017 में अर्जुन पुरस्कार और 2026 में पद्मश्री से सम्मानित किया। 2023 में वह विजडन क्रिकेटर ऑफ द ईयर बनने वाली पहली भारतीय महिला बनीं, जबकि टाइम 100 नेक्स्ट और बीबीसी 100 वूमेन जैसी प्रतिष्ठित सूचियों में भी उनका नाम शामिल हुआ। आज हरमनप्रीत कौर सिर्फ एक क्रिकेटर नहीं, बल्कि भारतीय महिला खेल जगत की नई पहचान और संघर्ष से सफलता तक पहुंचने की जीवंत मिसाल बन चुकी हैं।

Updated On 7 May 2026 1:38 PM IST
Pratahkal Bureau

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