Football fans protest : फुटबॉल की दुनिया में तकनीक और परंपरा की जंग अक्सर चर्चा का विषय रहती है, लेकिन जर्मनी के बुंडेसलिगा 2 (Bundesliga 2) में जो हुआ, उसने खेल के इतिहास में एक अजीबोगरीब अध्याय लिख दिया है। प्रीसेन मुन्स्टर (Preussen Munster) और हेर्था बर्लिन (Hertha Berlin) के बीच खेले गए एक महत्वपूर्ण मुकाबले के दौरान प्रशंसकों के आक्रोश ने उस समय सारी हदें पार कर दीं, जब उन्होंने रेफरी के फैसले को रोकने के लिए वीडियो असिस्टेंट रेफरी (VAR) मॉनिटर का ही प्लग निकाल दिया। यह घटना न केवल सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाती है, बल्कि फुटबॉल में बढ़ते तकनीकी हस्तक्षेप के खिलाफ प्रशंसकों के चरम विरोध को भी दर्शाती है।

मैदान पर हाई-वोल्टेज ड्रामा : जब 'अंधेरे' में डूबा फैसला

मैच के 25वें दिन प्रीसेनस्टेडियन में माहौल पहले से ही तनावपूर्ण था। पहले हाफ के अंतिम क्षणों में, हेर्था बर्लिन के एक खिलाड़ी ने मुन्स्टर के पेनल्टी बॉक्स के भीतर फाउल किया। रेफरी इस विवादास्पद घटना पर तत्काल निर्णय लेने में असमर्थ थे और उन्होंने स्पष्टता के लिए पिच के किनारे लगे VAR मॉनिटर की ओर रुख किया। जैसे ही रेफरी स्क्रीन की ओर बढ़े, स्टैंड से दो नकाबपोश समर्थक बिजली की तेजी से नीचे उतरे और मॉनिटर के पावर तथा डेटा केबल को शारीरिक रूप से अनप्लग कर दिया।

सैकड़ों दर्शकों और सुरक्षाकर्मियों की मौजूदगी में हुई इस 'डिजिटल बगावत' के कारण मॉनिटर की स्क्रीन काली पड़ गई और रेफरी बेबस खड़े रह गए। इस अकल्पनीय घटना ने स्टेडियम में सन्नाटा पसरा दिया, क्योंकि फुटबॉल के आधुनिक युग में इस तरह के भौतिक व्यवधान की कल्पना किसी ने नहीं की थी।

तकनीकी विफलताओं के बीच 'रिमोट' फैसला :

मॉनिटर बंद होने के बावजूद खेल के नियमों और कोलोन स्थित VAR कंट्रोल रूम की मदद से प्रक्रिया को आगे बढ़ाया गया। हालांकि रेफरी खुद फुटेज नहीं देख पाए, लेकिन कंट्रोल रूम की तकनीकी टीम ने रेडियो संचार के माध्यम से रेफरी को निर्णायक जानकारी प्रदान की। इस अराजकता के बीच:

  • निर्णय: तकनीकी बाधा के बावजूद हेर्था बर्लिन को पेनल्टी प्रदान की गई।
  • परिणाम: हेर्था बर्लिन ने पेनल्टी को गोल में तब्दील कर बढ़त बनाई, जिससे स्थानीय मुन्स्टर समर्थकों का गुस्सा और भड़क गया।
  • मैच का अंत: तनावपूर्ण माहौल में खेले गए इस मैच को अंततः हेर्था बर्लिन ने 2-1 के स्कोर से अपने नाम किया।



तकनीक के खिलाफ 'युद्ध' और सुरक्षा पर सवाल :

स्टेडियम में मौजूद मुन्स्टर के प्रशंसकों ने इस कृत्य का समर्थन करते हुए बड़े-बड़े बैनर लहराए, जिन पर स्पष्ट रूप से "STOP VAR" और "VAR को बंद करो" जैसे नारे लिखे थे। विशेषज्ञों का मानना है कि जर्मनी में फुटबॉल संस्कृति 'सहज रोमांच' की पक्षधर है और VAR की लंबी जांच प्रक्रियाओं को खेल की आत्मा के खिलाफ माना जा रहा है। आधिकारिक तौर पर, लीग अधिकारियों ने इस घटना की निंदा की है और सुरक्षा में सेंध लगाने वाले अज्ञात समर्थकों की पहचान के लिए जांच शुरू कर दी है। कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि केबल काटने और मैच बाधित करने के आरोप में दोषियों पर आजीवन प्रतिबंध और भारी जुर्माना लगाया जा सकता है।

Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

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