भारतीय क्रिकेट में जब भी कोई बड़ा प्रयोग सफल होता है, तो कोच की वाहवाही होती है, लेकिन जब वही दांव उल्टा पड़ता है, तो आलोचनाओं का सैलाब आना तय है। अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में रविवार, 22 फरवरी को कुछ ऐसा ही हुआ। टी20 वर्ल्ड कप के सुपर-8 मुकाबले में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ कोच गौतम गंभीर की एक रणनीतिक पसंद अब सोशल मीडिया पर चर्चा और गुस्से का विषय बन गई है।

क्या था पूरा मामला?

मैच की शुरुआत से ही एक फैसले ने सबको चौंका दिया—टीम के उप-कप्तान और इन-फॉर्म ऑलराउंडर अक्षर पटेल को बेंच पर बिठाकर वॉशिंगटन सुंदर को प्लेइंग इलेवन में बरकरार रखा गया। कप्तान सूर्यकुमार यादव ने टॉस के वक्त इसे 'सामरिक फैसला' (Tactical Call) बताया था, लेकिन मैच के नतीजों ने इस फैसले पर बड़े सवालिया निशान लगा दिए हैं।

मैदान पर सुंदर का प्रदर्शन: न गेंद चली, न बल्ला

वॉशिंगटन सुंदर को टीम में शामिल करने का मुख्य उद्देश्य उनकी स्पिन गेंदबाजी और बल्लेबाजी में गहराई देना था। लेकिन हकीकत कुछ और ही रही:

1. गेंदबाजी में बेअसर: सुंदर ने पूरे मैच में केवल 2 ओवर फेंके। उन्होंने बिना कोई विकेट लिए 17 रन खर्च किए। जब टीम को विकेट की सख्त जरूरत थी, तब सुंदर प्रभाव छोड़ने में नाकाम रहे।

2. बल्लेबाजी में धीमी रफ्तार: गंभीर ने एक और बड़ा दांव खेलते हुए सुंदर को नंबर 5 पर बल्लेबाजी के लिए भेजा। प्रशंसकों को उम्मीद थी कि वह ताबड़तोड़ रन बनाएंगे, लेकिन उन्होंने 11 गेंदों में मात्र 11 रन बनाए। इस धीमी पारी ने मध्यक्रम के दबाव को और बढ़ा दिया।


अक्षर पटेल की अनदेखी पर भड़के फैन्स

सोशल मीडिया पर प्रशंसकों का गुस्सा फूट पड़ा है। क्रिकेट प्रेमियों का तर्क है कि अक्षर पटेल न केवल गेंदबाजी में विकेट लेने की क्षमता रखते हैं, बल्कि दबाव की स्थिति में बड़े शॉट्स खेलने में भी माहिर हैं। ऐसे में एक 'टैक्टिकल कॉल' के नाम पर उप-कप्तान को बाहर रखना समझ से परे है।

विशेषज्ञों का मानना है कि गौतम गंभीर की कोचिंग शैली आक्रामक और प्रयोगधर्मी रही है, लेकिन विश्व कप जैसे बड़े मंच पर, जहाँ हर एक हार भारी पड़ सकती है, वहां सेट खिलाड़ियों के साथ छेड़छाड़ करना जोखिम भरा साबित हो सकता है।


क्या अब बदलेगी रणनीति?

भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच यह मुकाबला केवल एक हार या जीत का नहीं था, बल्कि यह टीम इंडिया की भविष्य की प्लानिंग पर एक सबक था। वॉशिंगटन सुंदर निस्संदेह एक प्रतिभावान खिलाड़ी हैं, लेकिन क्या वह वर्तमान में अक्षर पटेल का विकल्प हो सकते हैं? यह एक ऐसा सवाल है जिसका जवाब गौतम गंभीर और टीम मैनेजमेंट को जल्द ही ढूंढना होगा।

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