युद्ध के साये में फुटबॉल; क्या अमेरिका की धरती पर FIFA World Cup खेलेगा ईरान ? जाने विस्तार से
युद्ध के तनाव के बावजूद ईरान की टीम खेलेगी US में फुटबॉल वर्ल्ड कप। राष्ट्रपति ट्रंप ने फीफा को दिया आश्वासन, 15 जून से शुरू होगा ईरान का सफर। पढ़ें पूरी रिपोर्ट।

FIFA World Cup
FIFA World Cup USA Iran Entry : वैश्विक राजनीति के तनावपूर्ण गलियारों और युद्ध की धमकियों के बीच, खेल जगत से एक ऐसी खबर आई है जो कूटनीति पर खेल की जीत का संकेत दे रही है। विश्व फुटबॉल की सर्वोच्च संस्था फीफा (FIFA) ने घोषणा की है कि उसे पूरी उम्मीद है कि ईरान की राष्ट्रीय टीम को अमेरिका आने और आगामी विश्व कप में भाग लेने की अनुमति दी जाएगी। भले ही दोनों राष्ट्रों के बीच युद्ध जैसी गंभीर स्थिति बनी हुई है, लेकिन फुटबॉल का मैदान इस कड़वाहट के बीच शांति और प्रतिस्पर्धा का नया मंच बनने जा रहा है।
ट्रंप और इन्फेंटिनो की मुलाकात : खेल के लिए खुली राह
इस ऐतिहासिक आश्वासन की नींव मंगलवार रात को पड़ी, जब फीफा अध्यक्ष जियानी इन्फेंटिनो ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात की। इस उच्च स्तरीय बैठक का मुख्य उद्देश्य टूर्नामेंट की तैयारियों की समीक्षा करना था, लेकिन चर्चा का केंद्र बिंदु ईरान की भागीदारी बनी। ईरान के फुटबॉल महासंघ ने हाल ही में युद्ध की विभीषिका के कारण टूर्नामेंट से हटने के संकेत दिए थे, जिससे खेल प्रेमियों में निराशा थी। हालांकि, राष्ट्रपति ट्रंप ने इन्फेंटिनो को स्पष्ट आश्वासन दिया कि ईरानी टीम का अमेरिका में "निश्चित रूप से स्वागत" है और उन्हें प्रवेश की अनुमति दी जाएगी।
मैदान और मुकाबले : अमेरिका में ईरान का सफर
फीफा विश्व कप 2026, जो 11 जून से 19 जुलाई तक अमेरिका, कनाडा और मैक्सिको की संयुक्त मेजबानी में आयोजित होना है, ईरान के लिए एक बड़ी चुनौती और अवसर लेकर आया है। ईरान की टीम अपने ग्रुप चरण के सभी महत्वपूर्ण मैच अमेरिकी शहरों में ही खेलेगी। ईरान के मुकाबलों का कार्यक्रम इस प्रकार है:
- 15 जून : कैलिफोर्निया के इंगलेवुड में न्यूजीलैंड के खिलाफ पहला मुकाबला।
- 21 जून : बेल्जियम जैसी दिग्गज टीम के साथ भिड़ंत।
- 26 जून : सिएटल में मिस्र के खिलाफ ग्रुप चरण का अंतिम और निर्णायक मैच।
कूटनीति की जीत और खेल का भविष्य :
फीफा अध्यक्ष इन्फेंटिनो ने इस बात पर जोर दिया कि खेल राजनीति से ऊपर होना चाहिए। ट्रंप के साथ हुई बातचीत में उन्होंने इस तथ्य को मजबूती से रखा कि ईरान ने अपनी योग्यता के दम पर क्वालीफाई किया है। राष्ट्रपति ट्रंप का लचीला रुख यह दर्शाता है कि विश्व कप जैसे आयोजन वैश्विक तनावों को कम करने में एक 'सॉफ्ट पावर' के रूप में कार्य कर सकते हैं।

Ashiti Joil
यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।
