10 जुलाई को लॉर्ड्स में टूटेगी 142 साल पुरानी परंपरा, हरमनप्रीत और नैट रचेंगी महिला क्रिकेट का इतिहास|
1884 से प्रतीक्षित लॉर्ड्स का मैदान 10 जुलाई को पहली बार महिला टेस्ट की करेगा मेजबानी, भारत और इंग्लैंड के बीच होगा ऐतिहासिक मुकाबला।

इंग्लैंड और भारत की महिला टीमें लॉर्ड्स में पहले टेस्ट मैच के लिए तैयार हैं|
क्रिकेट के इतिहास में 10 जुलाई की तारीख एक स्वर्णिम अध्याय के रूप में दर्ज होने जा रही है, जब लंदन स्थित प्रतिष्ठित लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड पहली बार महिला टेस्ट मैच की मेजबानी करेगा। वर्ष 1884 में लॉर्ड्स के मैदान पर पहला पुरुष टेस्ट मैच खेला गया था और 142 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद अब यह ऐतिहासिक वेन्यू महिला क्रिकेट के सबसे लंबे प्रारूप का गवाह बनने जा रहा है। लॉर्ड्स, जिसे अक्सर 'क्रिकेट का मक्का' कहा जाता है, में वर्ष 1976 में पहला महिला अंतरराष्ट्रीय मैच खेला गया था, लेकिन टेस्ट क्रिकेट को अब तक इस ऐतिहासिक मैदान पर जगह नहीं मिल पाई थी। भारतीय महिला क्रिकेट टीम इस ऐतिहासिक मुकाबले में मेजबान इंग्लैंड के खिलाफ उतरेगी, जो इस आयोजन की भव्यता को और बढ़ा देता है।
इंग्लैंड की महिला टीम ने अपने घरेलू मैदानों पर अब तक 55 टेस्ट मैच खेले हैं, जो 19 अलग-अलग वेन्यू पर आयोजित हुए, लेकिन लॉर्ड्स इनमें से एक भी नहीं था। इस मुकाबले के साथ ही लॉर्ड्स इंग्लैंड का 20वां महिला टेस्ट वेन्यू बन जाएगा। यह उपलब्धि और भी महत्वपूर्ण है क्योंकि 200 से अधिक वर्षों तक मैरीलेबोन क्रिकेट क्लब (MCC) और इसके मशहूर लॉर्ड्स पवेलियन में महिलाओं के प्रवेश पर प्रतिबंध था। इस परंपरा को सितंबर 1998 में समाप्त किया गया और मार्च 1999 में पहली बार महिला मानद सदस्यों को प्रसिद्ध 'लॉन्ग रूम' में प्रवेश की अनुमति मिली। अब 27 वर्षों बाद, उसी मैदान पर महिलाओं का टेस्ट मैच खेला जाना लैंगिक समानता की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
टेस्ट क्रिकेट के प्रारूप में महिलाओं और पुरुषों के बीच कुछ बुनियादी अंतर भी देखे जाते हैं। जहां पुरुष टेस्ट मैच पांच दिनों के होते हैं, वहीं महिला टेस्ट मैच चार दिनों के खेले जाते हैं। पुरुष क्रिकेट में एक दिन में 90 ओवर का लक्ष्य होता है, जबकि महिला टेस्ट में हर दिन कम से कम 100 ओवर फेंके जाने अनिवार्य हैं। साथ ही, महिला टेस्ट में फॉलो-ऑन का लक्ष्य भी 200 रन के बजाय 150 रन का ही होता है। ऐतिहासिक रूप से महिलाओं के केवल दो ही पांच-दिवसीय टेस्ट मैच खेले गए हैं, जिसमें सबसे हालिया मुकाबला 2023 में ट्रेंट ब्रिज में विमेंस एशेज के दौरान हुआ था।
भारत और इंग्लैंड के बीच हेड-टू-हेड आंकड़ों पर नजर डालें तो भारतीय टीम का पलड़ा भारी रहा है। दोनों टीमों के बीच अब तक कुल 15 महिला टेस्ट मैच खेले गए हैं, जिनमें भारत ने तीन और इंग्लैंड ने केवल एक मैच में जीत हासिल की है, जबकि 11 मुकाबले ड्रॉ पर समाप्त हुए हैं। उल्लेखनीय है कि इंग्लैंड की टीम अपनी घरेलू परिस्थितियों में भारत को आज तक टेस्ट मैच में हराने में नाकाम रही है। 2023 में दोनों टीमों के बीच खेले गए पिछले टेस्ट मैच में भारत ने इंग्लैंड को 347 रनों के बड़े अंतर से करारी शिकस्त दी थी। यह ऐतिहासिक टेस्ट मैच न केवल दोनों टीमों के लिए, बल्कि वैश्विक महिला क्रिकेट के भविष्य के लिए भी एक मील का पत्थर साबित होगा।

Lalita Rajput
इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।
