पेनल्टी शूटआउट में भारत का तहलका; इंग्लैंड को 3-2 से रौंदा!
निर्धारित 60 मिनट तक मुकाबला 0-0 की बराबरी पर रहने के बाद भारत ने शूटआउट में जीत दर्ज की; वर्ल्ड कप से पहले टीम का मनोबल बढ़ेगा।

लंदन के ली वैली हॉकी सेंटर में एफआईएच प्रो लीग मुकाबले के दौरान गेंद के लिए संघर्ष करते भारत और इंग्लैंड के खिलाड़ी, जहां भारतीय टीम ने पेनल्टी शूटआउट में जीत हासिल की।
India vs England Hockey : एफआईएच प्रो लीग के एक बेहद सांस रोक देने वाले और हाई-वोल्टेज मुकाबले में भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने अपने जुझारू खेल का लोहा मनवाते हुए मेजबान इंग्लैंड को पेनल्टी शूटआउट में 3-2 से शिकस्त दे दी है। ली वैली हॉकी एंड टेनिस सेंटर में खेला गया यह मुकाबला निर्धारित 60 मिनट तक दोनों ही टीमों के अभेद्य डिफेंस के कारण 0-0 की बराबरी पर छूटा। इसके बाद मैच का फैसला न नसों को थाम देने वाले पेनल्टी शूटआउट से हुआ, जहां भारतीय खिलाड़ियों ने गजब के मानसिक संतुलन का परिचय देते हुए इतिहास रच दिया। आगामी हॉकी वर्ल्ड कप से ठीक पहले मिली इस महाविजय ने भारतीय टीम के हौसलों को सातवें आसमान पर पहुंचा दिया है।
मैच के पहले ही क्वार्टर से इंग्लैंड की टीम ने घरेलू मैदान का फायदा उठाते हुए भारतीय डिफेंस पर बेहद आक्रामक और तीखे हमले शुरू कर दिए थे। खेल के शुरुआती मिनटों में ही मेजबान टीम को एक खतरनाक पेनल्टी कॉर्नर मिला, लेकिन भारतीय गोलकीपर मोहित शशिकुमार अभेद्य दीवार बनकर खड़े हो गए। उन्होंने अविश्वसनीय सूझबूझ दिखाते हुए लगातार कई बेहतरीन सेव किए और टीम इंडिया को शुरुआती संकट से उबार लिया। इसी क्वार्टर में भारत के पास भी अभिषेक के जरिए खाता खोलने का एक सुनहरा मौका आया था, लेकिन वह इंग्लैंड के मजबूत चक्रव्यूह को भेदने में नाकाम रहे, जिसके चलते पहला क्वार्टर गोलरहित रहा।
दूसरे और तीसरे क्वार्टर में जंग और ज्यादा भीषण हो गई, जहां दोनों टीमों के बीच एक-एक इंच की जमीन के लिए कड़ा संघर्ष देखने को मिला। दूसरे क्वार्टर में इंग्लैंड ने लगातार भारतीय डी (D) में सेंध लगाने की कोशिश की, मगर भारतीय रक्षकों ने हर वार को नाकाम कर दिया। भारत की तरफ से जरमनप्रीत सिंह ने एक सनसनीखेज शॉट खेलकर बढ़त बनाने का प्रयास किया, जिसे इंग्लैंड के गोलकीपर ने मुस्तैदी से रोक दिया। तीसरे क्वार्टर में भारतीय कप्तान हार्दिक सिंह ने मिडफील्ड से चीते जैसी रफ्तार से दौड़ लगाते हुए मंदीप सिंह के लिए एक बेहतरीन मौका बनाया, मगर किस्मत ने साथ नहीं दिया। खेल के 37वें मिनट में अमनदीप लाकड़ा भी मिले पेनल्टी कॉर्नर को गोल में तब्दील करने से चूक गए। इसी क्वार्टर के अंत में अंपायर ने यशदीप सिंह पर फाउल का आरोप लगाकर इंग्लैंड को पेनल्टी स्ट्रोक दे दिया था, लेकिन भारतीय टीम के सटीक वीडियो रेफरल ने अंपायर को फैसला बदलने और निकोलस पार्क को ग्रीन कार्ड थमाने पर मजबूर कर दिया।
चौथे और अंतिम क्वार्टर में दोनों खेमों में बेचैनी साफ देखी जा सकती थी। इस बार भारतीय गोलकीपर सूरज करकेरा ने कमान संभाली और इंग्लैंड के अंतिम हमलों को पूरी ताकत से नाकाम कर क्लीन शीट बरकरार रखी। आखिरी मिनटों में इंग्लैंड को मिले एक और पेनल्टी कॉर्नर पर भारत ने दोबारा सफल वीडियो रेफरल लेकर मैच को शूटआउट की तरफ मोड़ दिया। शूटआउट के महाड्रामे में भारत की ओर से अभिषेक, शिलानंद लाकड़ा और कप्तान हार्दिक सिंह ने बेहद सटीक निशाने लगाते हुए गेंद को जाल में डाल दिया।
इस ऐतिहासिक जीत में भारतीय डिफेंस की रीढ़ रहे संजय को उनके अद्वितीय और चट्टानी प्रदर्शन के लिए 'प्लेयर ऑफ द मैच' के खिताब से नवाजा गया। गोलकीपर मोहित शशिकुमार और सूरज करकेरा के शानदार रक्षण और संजय की कप्तानी वाली रक्षापंक्ति के दम पर भारत ने इस बेहद दबाव वाले मैच को अपने नाम किया। हॉकी वर्ल्ड कप के महाकुंभ में उतरने से ठीक पहले अपने आखिरी मुकाबले में इंग्लैंड जैसी ताकतवर टीम को उसी के घर में धूल चटाकर भारत ने दुनिया भर की टीमों को एक कड़ा और स्पष्ट संदेश भेज दिया है कि टीम इंडिया अब किसी भी चुनौती से टकराने के लिए पूरी तरह तैयार है।

Ashiti Joil
यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।
