ग्रुप ए के मुकाबले में मिखाल कैडिलैक के सबसे तेज गोल के बाद टेबोहो मोकोएना ने 83वें मिनट में पेनल्टी से गोल कर साउथ अफ्रीका को पहला अंक दिलाया।

FIFA World Cup 2026 : फीफा वर्ल्ड कप 2026 के ग्रुप ए में गुरुवार को एक ऐसा हाई-वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला, जिसने फुटबॉल प्रशंसकों की धड़कनों को आखिरी मिनट तक थामे रखा। अटलांटा के प्रतिष्ठित स्टेडियम में खेले गए इस बेहद रोमांचक और सनसनीखेज मुकाबले में साउथ अफ्रीका ने एक गोल से पिछड़ने के बाद ऐतिहासिक वापसी करते हुए चेक रिपब्लिक को 1-1 की बराबरी पर रोक दिया। इस कांटे की टक्कर के बाद दोनों ही टीमों ने मैदान पर अंक बांटे, जिसके साथ ही साउथ अफ्रीका ने इस मेगा टूर्नामेंट में अपना पहला बेसकीमती अंक हासिल कर लिया है। अब इस ग्रुप में दोनों ही टीमों के दो-दो मैचों के बाद एक-एक अंक हो गए हैं, जिसने नॉकआउट की रेस को बेहद दिलचस्प बना दिया है।

मैच की शुरुआत बेहद आक्रामक रही। चेक रिपब्लिक के मुख्य कोच मिरोस्लाव कौबेक ने साउथ कोरिया के खिलाफ पहले मैच में मिली करारी हार के बाद अपनी टीम को शुरुआती मिनटों से ही हावी होने का निर्देश दिया था। टीम ने अपने कोच की रणनीति को हूबहू मैदान पर उतारा और मैच के महज छठे मिनट (5 मिनट 8 सेकंड) में ही मिखाल कैडिलैक ने एक शानदार मैदानी गोल दागकर चेक रिपब्लिक को 1-0 की शुरुआती बढ़त दिला दी। कैडिलैक का यह गोल इस वर्ल्ड कप का अब तक का सबसे तेज गोल दर्ज किया गया है, जिसने जर्मनी के फेलिक्स नमेचा के रिकॉर्ड को आठ सेकंड के अंतर से पीछे छोड़ दिया। इस गोल की पटकथा एडम हलोजेक और एलेक्जेंडर सोजका ने लिखी, जिन्होंने दाईं ओर से चालाकी भरा पास देकर गेंद को कैडिलैक तक पहुंचाया और उन्होंने साउथ अफ्रीका के गोलकीपर रोनवेन विलियम्स को छकाते हुए गेंद को जाल में डाल दिया। पहले हाफ के अंत तक कई अन्य मौके बनने के बावजूद चेक रिपब्लिक ने अपनी 1-0 की बढ़त बरकरार रखी।

दूसरे हाफ में कहानी ने पूरी तरह करवट बदली। साउथ अफ्रीका के मैनेजर ह्यूगो ब्रूस ने रणनीति बदलते हुए 21 वर्षीय युवा खिलाड़ी रेलेबोहिले मोफोकेन्ग को मैदान पर उतारा, जिन्होंने अपनी जादुई ड्रिबलिंग से चेक रिपब्लिक के खेमे में खलबली मचा दी। हालांकि, लैडिस्लाव क्रेजसी के नेतृत्व में चेक रिपब्लिक की मजबूत डिफेंस लाइन जीत की तरफ बढ़ती दिख रही थी, लेकिन खेल के 83वें मिनट में किस्मत ने पलटी मारी। पावेल सुल्क को पेनल्टी बॉक्स में हैंडबॉल का दोषी पाया गया, जिससे साउथ अफ्रीका को रेफरी द्वारा एक निर्णायक पेनल्टी दी गई। दबाव के इन ऐतिहासिक क्षणों में टेबोहो मोकोएना ने कोई गलती नहीं की और पेनल्टी स्पॉट से सनसनीखेज गोल दागकर स्कोर 1-1 से बराबर कर दिया। इस समय ग्रुप ए में मेक्सिको और रिपब्लिक ऑफ कोरिया तीन-तीन अंकों के साथ शीर्ष पर बने हुए हैं, जहां मेक्सिको बेहतर गोल अंतर के कारण नंबर एक पर काबिज है, वहीं इस ड्रॉ ने साउथ अफ्रीका की उम्मीदों को जिंदा रखा है।

Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

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