FA Cup Football Match Brentford vs Macclesfield : फुटबॉल के अनिश्चितताओं के खेल एफए कप में सोमवार की रात एक ऐसा मुकाबला देखने को मिला, जिसने प्रीमियर लीग की दिग्गज टीम ब्रेंटफोर्ड की धड़कनें तेज कर दीं। इंग्लिश फुटबॉल पिरामिड में खुद से 116 स्थान नीचे रैंकिंग वाली टीम, मैक्लेसफील्ड एफसी के खिलाफ ब्रेंटफोर्ड ने 1-0 से जीत तो दर्ज की, लेकिन यह जीत किसी कौशल से ज्यादा किस्मत का करिश्मा रही। मोसे रोज स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में एक आत्मघाती गोल ने ब्रेंटफोर्ड को इतिहास के सबसे बड़े उलटफेर का शिकार होने से बचा लिया।

मैक्लेसफील्ड, जो वर्तमान में छठे दर्जे की लीग में खेलती है, ने इस मुकाबले में वही जज्बा दिखाया जिसने उन्हें पिछले दौर में मौजूदा चैंपियन क्रिस्टल पैलेस को बाहर करने में मदद की थी। पूर्व इंग्लैंड कप्तान वेन रूनी के भाई, जॉन रूनी के मार्गदर्शन में खेल रही इस टीम ने प्रीमियर लीग में सातवें स्थान पर काबिज ब्रेंटफोर्ड को लोहे के चने चबवा दिए। हालांकि ब्रेंटफोर्ड के कोच ने अपनी टीम में सात बड़े बदलाव किए थे, फिर भी कागजों पर बेहद मजबूत दिख रही इस टीम को मैक्लेसफील्ड के अभेद्य डिफेंस को तोड़ने में पसीने आ गए।

मैच का निर्णायक और दुर्भाग्यपूर्ण क्षण 70वें मिनट में आया। जब खेल खत्म होने में महज 20 मिनट शेष थे, तब ब्रेंटफोर्ड के आरोन हिक्की ने एक सटीक क्रॉस बॉक्स में भेजा। मैक्लेसफील्ड के रक्षक और पेशे से पीई शिक्षक, सैम हीथकोट ने गेंद को क्लियर करने के प्रयास में हेडर लगाया, लेकिन गेंद सीधे उनके अपने ही गोल जाल में जा समाई। इस 'सेल्फ-गोल' ने ब्रेंटफोर्ड को वह बढ़त दिला दी, जिसे वे अपने दम पर हासिल करने में संघर्ष कर रहे थे।

विवरण

ब्रेंटफोर्ड (Brentford)

मैक्लेसफील्ड (Macclesfield)

लीग स्तर

प्रीमियर लीग (स्तर 1)

एनपीएल (स्तर 6)

पिरामिड रैंकिंग अंतर

+116 स्थान ऊपर

-116 स्थान नीचे

अंतिम स्कोर

1

0

गोल करने वाला

सैम हीथकोट (आत्मघाती - 70')

अंतिम 16 की राह और प्रभाव :

मैच के अंतिम क्षणों में मैक्लेसफील्ड ने बराबरी का गोल करने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा दिया। जॉन रूनी की रणनीति ने ब्रेंटफोर्ड के डिफेंस को कई बार संकट में डाला, लेकिन अंततः अनुभव ने युवा जोश पर बाजी मार ली। इस जीत के साथ ही ब्रेंटफोर्ड अब अंतिम 16 में प्रवेश कर चुकी है, जहाँ उनका मुकाबला वेस्ट हैम यूनाइटेड जैसी मजबूत टीम से होगा।

यह मैच इस बात का प्रमाण है कि एफए कप में रैंकिंग और कद मायने नहीं रखते। मैक्लेसफील्ड ने भले ही मैच गंवा दिया हो, लेकिन उन्होंने फुटबॉल जगत का दिल जीत लिया और यह साबित कर दिया कि एक 'पार्ट-टाइम' खिलाड़ियों वाली टीम भी दुनिया की सबसे अमीर लीग के सितारों को कड़ी टक्कर दे सकती है।

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Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

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