“बाएं हाथ से गेंदबाजी करनी पड़ी तो भी करूंगा, सिर्फ टीम में खेलने दो...” – संजू सैमसन ने बयां किया दर्द
लगातार अवसर न मिलने और टीम में अपनी जगह खोने की घटनाओं ने उनके करियर में कई उतार-चढ़ाव लाए हैं। इसका ताजा उदाहरण एशिया कप 2025 रहा, जहां उन्हें शुरुआत में ओपनर के रूप में उतारा गया था

मुंबई। भारतीय टीम के विकेटकीपर-बल्लेबाज संजू सैमसन को मंगलवार को हुए एक अवॉर्ड समारोह में टी20 क्रिकेटर ऑफ द ईयर चुना गया। समारोह के दौरान होस्ट मयंती लैंगर ने उनसे बातचीत की, जिसमें संजू ने मजेदार अंदाज में जवाब दिए, लेकिन बातचीत के बीच ही उनके भीतर दबा दर्द भी झलक गया।
संजू सैमसन पिछले कई सालों से भारतीय टीम में जगह पाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। लगातार अवसर न मिलने और टीम में अपनी जगह खोने की घटनाओं ने उनके करियर में कई उतार-चढ़ाव लाए हैं। इसका ताजा उदाहरण एशिया कप 2025 रहा, जहां उन्हें शुरुआत में ओपनर के रूप में उतारा गया था और तीन शतक भी जड़े। लेकिन जैसे ही शुभमन गिल को मौका मिला, संजू को अपनी पोजीशन गंवानी पड़ी और उनके बैटिंग नंबर में लगातार बदलाव होने लगे। एक मैच में तो उन्हें बल्लेबाजी का मौका ही नहीं मिला, जबकि अक्षर पटेल को उनसे पहले उतारा गया। इसके बावजूद फाइनल में टीम संकट में थी और संजू ने तिलक वर्मा के साथ साझेदारी कर टीम को संभाला।
अवॉर्ड लेते समय संजू ने अपनी भावनाओं को साझा करते हुए कहा, “जब आप भारतीय जर्सी पहनते हैं तो आप किसी भी चीज़ को ‘ना’ नहीं कह सकते। मैंने इसके लिए बहुत मेहनत की है और देश के लिए अपने काम को गर्व के साथ करता हूं। अगर टीम चाहे कि मैं नंबर 9 पर खेलूं या बाएं हाथ से गेंदबाजी करूं, तो खुशी-खुशी करूंगा।”
संजू ने इस अवसर पर अपने करियर के 10 वर्षों का संक्षिप्त लेकिन मार्मिक हिसाब भी साझा किया। उन्होंने कहा कि पिछले 10 सालों में उन्होंने सिर्फ 40 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले हैं। उनके शब्दों में हंसी के बीच छिपा दर्द साफ झलकता था। संजू ने कहा, “नंबर से फर्क नहीं पड़ता और ये पूरी कहानी बयां नहीं करता, लेकिन मुझे गर्व है कि आज मैं जो भी हूं और जिन चुनौतियों का सामना किया है, वह मुझे मजबूत बनाता है।”
पिछले दो सालों में जब-जब संजू को मौका मिला, उन्होंने खुद को साबित किया है। उन्होंने दक्षिण अफ्रीका में अपने आखिरी वनडे मैच में शतक जड़कर भारत को मुश्किल से जीत दिलाई। टी20 इंटरनेशनल में पिछले एक साल में उनके बल्ले से लगातार प्रदर्शन देखने को मिला है। उन्होंने 49 टी20 इंटरनेशनल में 993 रन बनाए, जिसमें तीन शतक और तीन अर्धशतक शामिल हैं। वहीं 16 वनडे मैचों में 516 रन और औसत 56 के साथ तीन अर्धशतक और एक शतक उनका रिकॉर्ड दर्शाता है।
फिर भी वनडे में शानदार प्रदर्शन के बावजूद चयन समिति के फैसलों के कारण उन्हें ऑस्ट्रेलिया दौरे के लिए मौका नहीं मिला और ध्रुव जुरेल को टीम में जगह दी गई। इस पर संजू ने अपने करियर की चुनौतियों को स्वीकार करते हुए कहा कि भारतीय जर्सी का सम्मान उनके लिए हमेशा सर्वोपरि रहेगा और वह किसी भी स्थिति में टीम के लिए योगदान देने को तैयार हैं।
संजू सैमसन की कहानी न केवल उनकी क्रिकेटिंग प्रतिभा बल्कि उनके संघर्ष, धैर्य और समर्पण की मिसाल है। उनका अनुभव और लगातार उत्कृष्ट प्रदर्शन युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बने हुए हैं।
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Ruturaj Ravan
यह प्रातःकाल मल्टीमीडिया में वेबसाइट मैनेजर और सोशल मीडिया एक्जीक्यूटिव के रूप में कार्यरत हैं, और पिछले तीन वर्षों से पत्रकारिता व डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इससे पूर्व उन्होंने दैनिक प्रहार में वेबसाइट प्रबंधन और सोशल मीडिया के लिए रचनात्मक कंटेंट निर्माण और रणनीतियों में अनुभव अर्जित किया। इन्होंने कोल्हापुर के छत्रपति शिवाजी महाराज विश्वविद्यालय से स्नातक और हैदराबाद के सत्या इंस्टीट्यूट से उच्च शिक्षा पूरी की। इन्हें SEO मैनेजमेंट, सोशल मीडिया और उससे संबंधित रणनीतियाँ तैयार करने में व्यापक अनुभव है।
