Deepti Sharma का नया मिशन; World Cup जीत के बाद अब देश की बेटियों को चैंपियन बनाने का लिया संकल्प
विश्व कप विजेता दीप्ति शर्मा का प्रेरक संकल्प: "युवा लड़कियों को खेल के लिए प्रेरित करना मेरा लक्ष्य"। महिला सशक्तिकरण और खेल में करियर पर दीप्ति के विचार।

Deepti Sharma
Women's Cricket World Cup 2025 winner : भारतीय महिला क्रिकेट की 'आयरन लेडी' और दुनिया की सर्वश्रेष्ठ ऑलराउंडरों में शुमार दीप्ति शर्मा ने खेल के मैदान पर तिरंगा लहराने के बाद अब एक नए और गहरे सामाजिक बदलाव की ओर कदम बढ़ा दिए हैं। बीबीसी और कलेक्टिव न्यूज़रूम द्वारा खेल में महिलाओं की भागीदारी पर जारी एक विशेष रिपोर्ट के विमोचन के अवसर पर दीप्ति ने न केवल अपने संघर्षों को याद किया, बल्कि देश की करोड़ों युवा लड़कियों के लिए एक प्रेरणापुंज बनने की अपनी प्रबल इच्छा भी साझा की।
प्रेरणा का नया अध्याय: 'अगली पीढ़ी' पर फोकस
कार्यक्रम के दौरान दीप्ति शर्मा का संबोधन केवल एक औपचारिकता नहीं, बल्कि महिला सशक्तिकरण का एक ब्लूप्रिंट नजर आया। उन्होंने अत्यंत विनम्रता और दृढ़ता के साथ कहा कि एक खिलाड़ी की असली जीत तब होती है जब उसे देखकर अगली पीढ़ी मैदान पर उतरने का साहस जुटाए। दीप्ति ने जोर देते हुए कहा, "मैं अधिक से अधिक युवा लड़कियों को प्रेरित करना चाहती हूं ताकि आने वाली पीढ़ी को वह प्रोत्साहन मिल सके जिसकी उन्हें सबसे ज्यादा जरूरत है।" उन्होंने वैश्विक स्तर पर खेल के बदलते स्वरूप और महिलाओं को मिल रहे बढ़ते समर्थन को एक सकारात्मक क्रांति करार दिया।
विश्व कप की जीत ने बदली देश की 'सोच' :
दीप्ति ने अपनी चर्चा में इस बात को विशेष रूप से रेखांकित किया कि कैसे बड़े अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों ने भारतीय समाज की मानसिकता को बदलने में भूमिका निभाई है। उनके अनुसार, विश्व कप जैसे आयोजनों ने यह साबित कर दिया है कि क्रिकेट केवल पुरुषों का खेल नहीं है। उन्होंने कहा, "विश्व कप के बाद जनमानस की सोच में क्रांतिकारी बदलाव आया है। आज चाहे छोटी बच्ची हो या कोई वयस्क महिला, हर कोई क्रिकेटर बनने या खेल में अपना करियर बनाने का सपना देख रहा है और समाज उन्हें स्वीकार कर रहा है।"
- ऐतिहासिक उपलब्धि: गौरतलब है कि वर्ष 2025 में दीप्ति शर्मा ने भारत को उसका पहला 'महिला क्रिकेट विश्व कप' दिलाने में रीढ़ की हड्डी की भूमिका निभाई थी।
- व्यक्तिगत गौरव: उनके असाधारण हरफनमौला खेल के लिए उन्हें 'प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट' के खिताब से नवाजा गया था, जिसने उन्हें विश्व क्रिकेट के शिखर पर स्थापित कर दिया।
बदलता भारत और नई उम्मीदें :
अपनी यात्रा को सफल बताते हुए दीप्ति ने हर्ष व्यक्त किया कि आज भारत से कई महिला खिलाड़ी वैश्विक पुरस्कार जीत रही हैं। उन्होंने उन पहलों की सराहना की जो ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों की लड़कियों को पेशेवर खेलों में करियर बनाने के लिए मंच प्रदान कर रही हैं। उनके अनुसार, यह केवल खेल का विकास नहीं है, बल्कि एक नए भारत का उदय है जहाँ बेटियां अपनी किस्मत खुद लिख रही हैं।

Ashiti Joil
यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।
