धोनी की तुलना नोवाक जोकोविच से कर दीप्ति शर्मा बोलीं- दबाव में दोनों की मानसिक मजबूती बेमिसाल
भारतीय महिला क्रिकेट टीम की ऑलराउंडर दीप्ति शर्मा ने पहली बार विंबलडन पहुंचकर अपना अनुभव साझा किया। उन्होंने नोवाक जोकोविच की मानसिक मजबूती की तुलना एमएस धोनी से की और बताया कि दबाव की घड़ी में दोनों दिग्गज उन्हें किस तरह प्रेरित करते हैं।

तस्वीर में बाएं से दाएं: एमएस धोनी, दीप्ति शर्मा और नोवाक जोकोविच नजर आ रहे हैं।
भारतीय महिला क्रिकेट टीम की ऑलराउंडर दीप्ति शर्मा ने पूर्व भारतीय कप्तान एमएस धोनी की तुलना टेनिस के महान खिलाड़ी नोवाक जोकोविच से करते हुए कहा है कि दोनों दिग्गजों में सबसे कठिन परिस्थितियों में भी शांत रहने की दुर्लभ क्षमता है। पहली बार विंबलडन पहुंचीं दीप्ति ने इस अनुभव को अपने लंबे समय से संजोए गए सपने के पूरा होने जैसा बताया और उन खिलाड़ियों के बारे में भी बात की जिन्होंने मैदान के भीतर और बाहर उन्हें प्रेरित किया है।
24 ग्रैंड स्लैम खिताब जीत चुके नोवाक जोकोविच और भारतीय क्रिकेट के महान विकेटकीपर-बल्लेबाज एमएस धोनी के बीच समानता बताते हुए दीप्ति शर्मा ने कहा कि दोनों की सबसे बड़ी ताकत उनकी मानसिक मजबूती है।
जियोहॉटस्टार से बातचीत में दीप्ति शर्मा ने कहा, "जब आप जोकोविच की बात करते हैं तो हर कोई उनकी मानसिक मजबूती की चर्चा करता है। वह ऐसे खिलाड़ी हैं जो परिस्थिति कितनी भी कठिन क्यों न हो, कभी हार नहीं मानते। क्रिकेट में मुझे लगता है कि एमएस धोनी सर भी बिल्कुल ऐसे ही हैं। वह बेहद कूल और शांत रहने के लिए जाने जाते हैं। जब भी दबाव की स्थिति आती है, वह उसे बहुत अच्छी तरह संभालते हैं। कभी ऐसा नहीं लगता कि वह किसी मुश्किल स्थिति में हैं। वह दबाव को बहुत आसानी से संभाल लेते हैं।"
उन्होंने आगे कहा, "जोकोविच और धोनी दोनों में वह दुर्लभ गुण है कि जब सबसे ज्यादा जरूरत होती है, तब भी वे शांत और मजबूत बने रहते हैं। उन्हें देखकर हम सीखते हैं कि कठिन परिस्थितियों में शांत कैसे रहना है और उससे बाहर निकलने का रास्ता कैसे ढूंढ़ना है।"
दीप्ति शर्मा ने यह भी बताया कि विंबलडन का मुकाबला स्टेडियम में बैठकर देखना उनके बकेट लिस्ट का हिस्सा था और वर्षों से उनका सपना रहा है।
उन्होंने कहा, "मेरा सपना था कि एक दिन मैं विंबलडन का मैच देखने आऊं और आखिरकार यहां आकर बहुत अच्छा महसूस हो रहा है। जब आप इतने प्रतिष्ठित स्थल पर मैच देखने आते हैं और जिसे हमेशा टीवी पर देखा हो, लेकिन आज पहली बार उसे सामने से देख रहे हों, तो अनुभव शानदार होता है। यहां का माहौल, दर्शक और ऊर्जा, सब कुछ अलग है। मैं विंबलडन में टेनिस का आनंद ले रही हूं। यह वास्तव में बहुत अच्छा लग रहा है।"
भारतीय ऑलराउंडर ने नोवाक जोकोविच को अपना पसंदीदा टेनिस खिलाड़ी बताते हुए उनकी संघर्ष क्षमता और कभी हार न मानने वाले जज्बे की भी सराहना की।
दीप्ति शर्मा ने कहा, "मेरे पसंदीदा खिलाड़ी जोकोविच हैं। मैं उनके खेल को बहुत करीब से फॉलो करती हूं। कोर्ट पर जिस तरह वह संघर्ष करते हैं, उनकी मानसिक मजबूती और कभी हार न मानने का रवैया मुझे बेहद पसंद है। उन्हें खेलते देखना हमेशा प्रेरणादायक होता है।"
उन्होंने आगे कहा, "मैं फेडरर और नडाल जैसे महान खिलाड़ियों को देखकर बड़ी हुई हूं। लंबे समय तक मैंने उनके मुकाबलों को करीब से फॉलो किया। लेकिन पिछले कुछ समय से जोकोविच मेरे पसंदीदा खिलाड़ी बन गए हैं। अब मैं सबसे ज्यादा उनके मैच ही देखती हूं।"
जब उनसे पूछा गया कि वह किन भारतीय खेल हस्तियों को अपने साथ विंबलडन ले जाना चाहेंगी, तो दीप्ति शर्मा ने भारतीय क्रिकेट के तीन बड़े नामों का चयन किया।
उन्होंने कहा, "मैं अपने साथ तीन लोगों को ले जाना चाहूंगी—सचिन तेंदुलकर सर, रवि शास्त्री सर और सुनील गावस्कर सर। ये तीनों अपने-अपने क्षेत्र के दिग्गज हैं और मुझे लगता है कि उनके साथ टेनिस देखना शानदार अनुभव होगा। खेल को लेकर उनके पास बहुत ज्ञान है और मैच देखते समय मैं उनके विचार और विश्लेषण सुनना पसंद करूंगी।"

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