डी गुकेश ने 20वां जन्मदिन नॉर्वे चेस 2026 के दौरान मनाया। 18 साल की उम्र में विश्व शतरंज चैंपियन बनने वाले गुकेश ने डिंग लिरेन को हराकर इतिहास रचा था। जन्मदिन पर मैग्नस कार्लसन से मुकाबला, FIDE की खास शुभकामना और आगामी विश्व चैंपियनशिप में जावोखिर सिंदारोव से टक्कर ने इस खबर को बेहद खास बना दिया।

भारत के युवा शतरंज सितारे और मौजूदा विश्व चैंपियन डी गुकेश ने आज अपना 20वां जन्मदिन मनाया। बेहद कम उम्र में विश्व शतरंज की सर्वोच्च उपलब्धि हासिल करने वाले गुकेश का यह जन्मदिन सिर्फ एक व्यक्तिगत पड़ाव नहीं, बल्कि भारतीय शतरंज इतिहास के लिए भी एक खास क्षण बन गया। खास बात यह रही कि गुकेश ने अपना जन्मदिन नॉर्वे के ओस्लो में चल रहे प्रतिष्ठित नॉर्वे चेस 2026 टूर्नामेंट के बीच मनाया, जहां पूरी दुनिया की नजरें उन पर टिकी रहीं।

चेन्नई में 29 मई 2006 को जन्मे डी गुकेश ने बहुत कम समय में वह मुकाम हासिल कर लिया, जिसके लिए बड़े-बड़े खिलाड़ी वर्षों तक संघर्ष करते हैं। वर्ष 2024 में उन्होंने चीन के दिग्गज खिलाड़ी डिंग लिरेन को हराकर विश्व शतरंज चैंपियनशिप अपने नाम की थी। उस जीत के साथ ही गुकेश महज 18 वर्ष की उम्र में इतिहास के सबसे युवा निर्विवाद विश्व शतरंज चैंपियन बन गए थे। उन्होंने इस उपलब्धि के जरिए मैग्नस कार्लसन और गैरी कास्पारोव जैसे महान खिलाड़ियों के कई आयु-संबंधी रिकॉर्ड भी पीछे छोड़ दिए थे।

अपने 20वें जन्मदिन पर गुकेश का मुकाबला विश्व के पूर्व नंबर-1 खिलाड़ी मैग्नस कार्लसन से हुआ। नॉर्वे चेस 2026 के इस हाई-प्रोफाइल मुकाबले ने शतरंज प्रेमियों के बीच जबरदस्त उत्साह पैदा कर दिया था। हालांकि इस मुकाबले में गुकेश को हार का सामना करना पड़ा, लेकिन यह मैच उनके और कार्लसन के बीच उभरती प्रतिद्वंद्विता को लेकर चर्चा का केंद्र बन गया। शतरंज जगत में दोनों खिलाड़ियों के बीच मुकाबलों को भविष्य की सबसे बड़ी प्रतिस्पर्धाओं में देखा जा रहा है।



इस खास मौके पर इंटरनेशनल चेस फेडरेशन ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर गुकेश को जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं। फेडरेशन ने अपने संदेश में लिखा कि महज 18 साल की उम्र में विश्व चैंपियन बनने वाले गुकेश इतिहास के सबसे युवा निर्विवाद विश्व चैंपियन हैं। यह पोस्ट कुछ ही समय में दुनियाभर के शतरंज प्रशंसकों के बीच वायरल हो गई और भारतीय खिलाड़ी को लगातार बधाइयां मिलने लगीं।

हाल के दिनों में गुकेश के प्रदर्शन को लेकर कुछ आलोचनाएं भी सामने आई थीं, लेकिन युवा विश्व चैंपियन ने बेहद शांत और परिपक्व प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा था कि आलोचकों को अपनी राय रखने का पूरा अधिकार है। उनके इस बयान ने यह साफ कर दिया कि दबाव और अपेक्षाओं के बीच भी गुकेश मानसिक रूप से मजबूत बने हुए हैं। यही संयम और आत्मविश्वास उन्हें बाकी युवा खिलाड़ियों से अलग पहचान दिलाता है।

अब गुकेश के सामने एक और बड़ी चुनौती खड़ी है। वर्ष 2026 के अंत में उन्हें उज्बेकिस्तान के युवा ग्रैंडमास्टर जावोखिर सिंदारोव के खिलाफ विश्व चैंपियनशिप में अपने खिताब का बचाव करना होगा। शतरंज जगत पहले से ही इस संभावित मुकाबले को लेकर उत्साहित है। ऐसे में 20 साल की उम्र में पहुंच चुके डी गुकेश न सिर्फ भारत बल्कि पूरी दुनिया की उम्मीदों और नजरों का केंद्र बने हुए हैं।

Manyaa Chaudhary

Manyaa Chaudhary

यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।

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