भारत ने पहली बार महिला वर्ल्ड कप 2025 जीतकर इतिहास रचा। अमनजोत कौर का निर्णायक कैच और टीम की मेहनत ने इस सफलता में अहम भूमिका निभाई, पूरे देश और परिवार के लिए गर्व का पल बना।

भारत ने वीमेंस वर्ल्ड कप 2025 में ऐतिहासिक जीत के बाद पुरे विश्व में अपना परचम लहरा दिया है। पुरे विवश में भारतीय वीमेन क्रिकेट टीम की चर्चा हो रही है, जो अपने आप में गर्व की बात है। भारत ने वर्ल्ड कप 2025 में दक्षिण अफ्रीका को पुरे 52 रनों से हराकर पहली बार यह खिताब अपने नाम किया। इस खेल में स्मृति मंधना, हरमनप्रीत कौर, शैफाली वर्मा, दीप्ति शर्मा और बाकी अन्य खिलाडियों के साथ, अमनजोत कौर का योगदान शामिल है।


साउथ अफ्रीका की कप्तान लौरा वुल्वार्ड्ट ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए शतक पूरा किया और टीम को जीत के करीब ले गईं। भारत की ओर से सभी गेंदबाज़ों ने कोशिश की, लेकिन वुल्वार्ड्ट लंबे समय तक क्रीज पर डटी रहीं। मुकाबले का रुख तब बदला जब वुल्वार्ड्ट ने बाउंड्री के लिए शॉट खेला और बाउंड्री लाइन पर मौजूद अमनजोत कौर ने बेहतरीन कैच पकड़ लिया। यह कैच मैच का निर्णायक मोड़ साबित हुआ। वुल्वार्ड्ट के आउट होते ही साउथ अफ्रीका की रनगति धीमी पड़ गई और टीम दबाव में आ गई। इसके बाद भारतीय गेंदबाज़ों ने लगातार विकेट लिए और साउथ अफ्रीका को लक्ष्य से दूर रोक दिया। भारत ने इस जीत के साथ पहली बार महिला वर्ल्ड कप का खिताब अपने नाम किया।


अमनजोत कौर का जन्म और पालन-पोषण पंजाब के मोहाली के पास हुआ। उनके पिता भूपिंदर सिंह बढ़ई और ठेकेदार के रूप में काम करते थे। घर की आर्थिक स्थिति बहुत मजबूत नहीं थी, लेकिन पिता ने अपनी बेटी की क्रिकेट की चाहत को कभी कमजोर नहीं पड़ने दिया। अमनजोत बचपन से ही गली-मोहल्ले में लड़कों के साथ क्रिकेट खेलती थीं। जब अमनजोत ने क्रिकेट को गंभीरता से अपनाने की कोशिश की, तो उन्हें कई पूर्वाग्रहों का सामना करना पड़ा। अकादमी में दाखिले के समय उन्हें यह कहकर मना कर दिया गया कि "लड़कियों के लिए यह खेल नहीं है।"


इसके बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और अभ्यास जारी रखा। धीरे-धीरे उनके खेल ने कोचों और चयनकर्ताओं का ध्यान खींचा। उनके पिता रोज सुबह उन्हें ट्रेनिंग पर छोड़ने और शाम को वापस लाने जाते थे। आर्थिक तंगी के बावजूद उन्होंने कभी बेटी की ट्रेनिंग रुकने नहीं दी। परिवार की यही मेहनत अमनजोत के लिए प्रेरणा बनी। अमनजोत ने 2023 में भारतीय महिला टीम के लिए पदार्पण किया और जल्द ही अपनी पहचान ऑलराउंडर के रूप में बना ली। घरेलू क्रिकेट और वुमेंस प्रीमियर लीग में भी उनके प्रदर्शन ने सभी का ध्यान खींचा। 2025 महिला वर्ल्ड कप में उनका शानदार फील्डिंग प्रदर्शन, खासकर लौरा वुल्वार्ड्ट का कैच भारत की ऐतिहासिक जीत का अहम हिस्सा बना।


सोशल मीडिया प्लेटफार्म X (ट्विटर) पर वायरल हो रहे एक वीडियो में देखा जा सकता है कैसे अमनजोत के पिता और उनका परिवार, भारत के इस वैश्विक जीत पर खुश है और रो रहे हैं।




Manyaa Chaudhary

Manyaa Chaudhary

यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।

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