राष्ट्रगान पर मौन रहने पर छिड़ा विवाद; ईरान की महिला फुटबॉल टीम पर लगा 'देशद्रोह' का आरोप
ईरानी महिला फुटबॉल टीम पर 'देशद्रोह' का आरोप! राष्ट्रगान के बहिष्कार पर भड़का सरकारी मीडिया, क्या वतन लौटने पर मिलेगी कड़ी सजा? जानिए पूरी रिपोर्ट।

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Asian Cup Women's Football : फुटबॉल के मैदान से उठी एक मौन गूंज ने ईरान के सत्ता गलियारों में भूकंप ला दिया है। एशियाई कप के दौरान अपनी ही सरकार के विरुद्ध 'मूक विद्रोह' करने वाली ईरान की महिला फुटबॉल टीम अब एक बेहद खतरनाक मोड़ पर खड़ी है। इस्लामी शासन के विरोध में राष्ट्रगान के दौरान चुप्पी साधने वाली इन खिलाड़ियों को सरकारी टेलीविजन पर सीधे तौर पर 'देशद्रोही' करार दिया गया है, जिससे उनकी वतन वापसी अब खौफ के साये में सिमट गई है।
मौन विरोध से मगाया सत्ता का सिंहासन :
घटनाक्रम की शुरुआत गोल्ड कोस्ट में दक्षिण कोरिया के खिलाफ मैच से हुई। जब स्टेडियम में ईरान का राष्ट्रगान बजा, तो पूरी टीम ने उसे गाने से इनकार कर दिया और निस्तब्ध खड़ी रही। अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने इसे तेहरान के सख्त नियमों और जारी संघर्षों के खिलाफ एक साहसी प्रतीकात्मक विरोध के रूप में देखा। हालांकि, विवाद बढ़ता देख और संभावित नतीजों के डर से, गुरुवार को 'मैटिल्डास' (ऑस्ट्रेलिया) के खिलाफ हुए मैच में खिलाड़ियों के रुख में बदलाव देखा गया। इस दौरान तीन खिलाड़ियों को राष्ट्रगान गाते और राष्ट्रीय ध्वज को सलामी देते हुए कैमरे में कैद किया गया, जिसे दबाव में उठाए गए कदम के रूप में देखा जा रहा है।
सरकारी मीडिया का कड़ा प्रहार और 'मौत' की चेतावनी :
खिलाड़ियों के इस शुरुआती विरोध ने ईरान के भीतर कट्टरपंथियों को आक्रोशित कर दिया है। सरकार समर्थक और बेहद रूढ़िवादी टीवी प्रस्तोता मोहम्मद रजा शाहबाज़ी ने लाइव प्रसारण के दौरान खिलाड़ियों को आड़े हाथों लिया। शाहबाज़ी ने कड़े लहजे में कहा कि युद्ध जैसी परिस्थितियों में राष्ट्रगान का अपमान करना केवल विरोध नहीं, बल्कि घोर 'बेशर्मी और विश्वासघात' है। उन्होंने मांग की है कि इन खिलाड़ियों के खिलाफ 'देशद्रोह' के तहत सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए ताकि भविष्य के लिए एक मिसाल कायम हो सके।
कानूनी शिकंजा और अनिश्चित भविष्य :
ईरान की मौजूदा स्थिति में ये आरोप केवल बयानबाजी तक सीमित नहीं हैं। इस्लामी गणराज्य की कठोर दंड संहिता के तहत 'राजद्रोह' या 'भ्रष्टाचार' जैसे आरोपों के गंभीर परिणाम हो सकते हैं:
- लंबी जेल की सजा: राजद्रोह के दोषी पाए जाने पर खिलाड़ियों को दशकों तक सलाखों के पीछे रहना पड़ सकता है।
- मृत्युदंड का खतरा: दुर्लभ और चरम मामलों में, शासन के विरुद्ध जाने पर ईरान में मृत्युदंड का भी प्रावधान है।
- हवाई प्रतिबंध: वर्तमान में हवाई क्षेत्र पर जारी प्रतिबंधों के कारण खिलाड़ियों की घर वापसी का समय और रास्ता अभी तक स्पष्ट नहीं हो सका है, जिसने उनके परिजनों और समर्थकों के बीच चिंता और बढ़ा दी है।

Ashiti Joil
यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।
