कनाडा में होने वाले फीफा वर्ल्ड कप 2026 को लेकर उत्साह के बीच वीज़ा प्रक्रिया ने एक गंभीर बहस को जन्म दे दिया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, भारत से इस टूर्नामेंट को देखने के लिए कनाडा का विज़िटर वीज़ा आवेदन करने वाले लोगों में से 70 प्रतिशत से अधिक आवेदनों को अस्वीकृत कर दिया गया है, जिससे हजारों फुटबॉल प्रशंसकों की उम्मीदों को बड़ा झटका लगा है।

सूत्रों और प्राप्त आंकड़ों के मुताबिक, लगभग 1,200 से 1,300 भारतीय नागरिकों ने फीफा वर्ल्ड कप मैचों के लिए कनाडा का विज़िटर वीज़ा आवेदन किया था। इनमें से केवल लगभग 25 से 30 प्रतिशत आवेदनों को ही मंजूरी मिली, जबकि करीब 355 आवेदन स्वीकृत हुए। इसका अर्थ है कि बड़ी संख्या में आवेदकों को प्रवेश की अनुमति नहीं दी गई और अस्वीकृति दर 70 प्रतिशत से भी अधिक रही। इसी तरह, वैश्विक स्तर पर भी कनाडा ने फीफा वर्ल्ड कप से जुड़ी लगभग 17,000 वीज़ा अर्जियों को प्रोसेस किया, जिनमें कुल मिलाकर लगभग 41 प्रतिशत आवेदनों को ही स्वीकृति मिली। यह दर्शाता है कि कनाडा ने इस पूरे आयोजन को लेकर वीज़ा जांच प्रक्रिया को काफी सख्त रखा है।

सरकारी स्पष्टिकरण के अनुसार, इस आयोजन के लिए किसी भी प्रकार का विशेष “फीफा वीज़ा” जारी नहीं किया जा रहा है। सभी आवेदकों को सामान्य टेम्पररी रेजिडेंट वीज़ा (TRV) नियमों के तहत ही आवेदन करना होता है और हर मामले का मूल्यांकन सामान्य मानकों के आधार पर किया जाता है। केवल मैच टिकट या यात्रा योजना होने से वीज़ा की स्वीकृति सुनिश्चित नहीं होती।

वीज़ा अस्वीकृति के पीछे मुख्य कारणों में आव्रजन अधिकारियों द्वारा “अस्थायी प्रवास जोखिम” का आकलन प्रमुख रहा है। अधिकारियों को यह सुनिश्चित करना होता है कि आवेदक यात्रा समाप्त होने के बाद अपने देश लौटेंगे या नहीं। कमजोर घरेलू संबंध, जैसे स्थिर नौकरी, संपत्ति या पारिवारिक जिम्मेदारियों की कमी, तथा अस्पष्ट यात्रा इतिहास को भी अस्वीकृति का कारण माना गया है।

इसके अलावा, कई मामलों में दस्तावेज़ों की अधूरी जानकारी, कमजोर वित्तीय प्रमाण, असंगत बैंक स्टेटमेंट, स्पष्ट यात्रा कार्यक्रम की कमी और होटल बुकिंग या यात्रा योजना में अस्पष्टता भी अस्वीकृति के प्रमुख कारणों में शामिल रहे। कुछ आवेदकों के पास मजबूत अंतरराष्ट्रीय यात्रा इतिहास की कमी को भी नकारात्मक रूप में देखा गया। कनाडा सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि सभी आवेदकों को यह सिद्ध करना अनिवार्य है कि वे अपनी यात्रा समाप्त होने के बाद देश छोड़ देंगे। इसी आधार पर रोजगार स्थिरता, वित्तीय स्थिति, पारिवारिक संबंध और वापसी की संभावना जैसे पहलुओं का गहन मूल्यांकन किया जाता है।

रिपोर्ट्स के अनुसार, वर्ष 2025–2026 के दौरान कनाडा ने वीज़ा प्रक्रिया को और अधिक सख्त कर दिया है। वैश्विक स्तर पर बढ़ते आवेदनों, संभावित धोखाधड़ी की आशंका और लाखों पर्यटकों के अपेक्षित आगमन को देखते हुए जांच प्रक्रिया को मजबूत किया गया है। इसके साथ ही तकनीकी निगरानी और स्क्रीनिंग सिस्टम को भी अधिक सख्त बनाया गया है।

इसी दौरान यह भी सामने आया है कि वैश्विक स्तर पर कनाडा के विज़िटर वीज़ा अस्वीकृति दर लगभग 40 से 50 प्रतिशत तक पहुंच गई है, जो पिछले वर्षों की तुलना में अधिक है। यह प्रवृत्ति केवल भारत तक सीमित नहीं है, बल्कि कई देशों के आवेदकों पर इसका प्रभाव देखा जा रहा है। फीफा वर्ल्ड कप 2026 का आयोजन संयुक्त रूप से संयुक्त राज्य अमेरिका, कनाडा और मेक्सिको में किया जाएगा, जिसमें कनाडा कुछ चुनिंदा मैचों की मेजबानी करेगा। हालांकि, प्रवेश और यात्रा से जुड़े सभी नियम पूरी तरह से कनाडा के आव्रजन कानूनों के अंतर्गत ही लागू रहेंगे।

इस पूरी स्थिति ने भारतीय फुटबॉल प्रशंसकों के लिए यात्रा योजनाओं को कठिन बना दिया है। विशेषज्ञों के अनुसार, वीज़ा स्वीकृति के लिए आवेदकों को मजबूत वित्तीय दस्तावेज, स्थिर रोजगार प्रमाण, स्पष्ट यात्रा कार्यक्रम और पूर्व अंतरराष्ट्रीय यात्रा इतिहास जैसे पहलुओं को मजबूत रूप से प्रस्तुत करना आवश्यक है। इसके बावजूद स्वीकृति की गारंटी नहीं दी जा सकती, क्योंकि अंतिम निर्णय पूरी तरह से आव्रजन अधिकारियों के मूल्यांकन पर निर्भर करता है।

Manyaa Chaudhary

Manyaa Chaudhary

यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।

Next Story