भारतीय क्रिकेट के विशाल परिदृश्य में जब भी नए तेज़ गेंदबाज़ों की बात होती है, तो बृजेश शर्मा का नाम तेजी से उभरता हुआ दिखाई देता है। 140 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से गेंदबाज़ी करने वाला यह युवा खिलाड़ी अपनी सटीक लाइन-लेंथ और दबाव में प्रदर्शन करने की क्षमता के कारण चर्चा का केंद्र बन चुका है। 2026 के आईपीएल सीजन के लिए राजस्थान रॉयल्स द्वारा 30 लाख रुपये में खरीदे जाने के बाद, बृजेश ने खुद को उन प्रतिभाओं की सूची में शामिल कर लिया है जिन पर भविष्य की निगाहें टिकी हुई हैं।

लेकिन इस चमकदार मंच तक पहुंचने की उनकी कहानी संघर्ष और जिद की मिसाल है। 16 दिसंबर 1998 को जम्मू-कश्मीर के उधमपुर जिले में जन्मे बृजेश का बचपन आर्थिक कठिनाइयों के बीच बीता। एक मजदूर के बेटे होने के नाते संसाधनों की कमी उनके रास्ते में लगातार बाधा बनती रही, लेकिन क्रिकेट के प्रति उनका जुनून इन चुनौतियों से कहीं बड़ा था। दांडियाल क्षेत्र की गलियों से निकलकर उन्होंने अपने खेल को निखारना शुरू किया और धीरे-धीरे जम्मू-कश्मीर की अंडर-19 और अंडर-25 टीमों में जगह बनाई।

अपने करियर को नई दिशा देने के लिए बृजेश ने दिल्ली का रुख किया, जहां उन्होंने यूनिक स्पोर्ट्स क्लब में कोच दीपक पुनिया के मार्गदर्शन में प्रशिक्षण लिया। यही वह मोड़ था जिसने उनके खेल को पेशेवर स्तर पर तराशा। उनकी रिदमिक रन-अप और हाई-आर्म एक्शन ने उन्हें अतिरिक्त उछाल और गति प्रदान की, जिससे वह बल्लेबाज़ों के लिए मुश्किल चुनौती बनते गए। यह बदलाव उनके करियर में निर्णायक साबित हुआ और उन्हें बड़े मंच के लिए तैयार कर गया।

बृजेश शर्मा का असली ब्रेकथ्रू 2025 की बंगाल प्रो टी20 लीग में देखने को मिला, जहां उन्होंने स्मैशर्स मालदा की ओर से खेलते हुए ईडन गार्डन्स जैसे प्रतिष्ठित मैदान पर अपनी छाप छोड़ी। सात मैचों में 11 विकेट लेकर वह टूर्नामेंट के प्रमुख विकेट लेने वालों में शामिल रहे। पावरप्ले में शुरुआती झटके देने और डेथ ओवर्स में संयम बनाए रखने की उनकी क्षमता ने चयनकर्ताओं का ध्यान खींचा और यही प्रदर्शन उनके आईपीएल चयन का आधार बना।

आज बृजेश सिर्फ एक उभरते खिलाड़ी नहीं, बल्कि जम्मू-कश्मीर के युवा क्रिकेटरों के लिए उम्मीद का प्रतीक बन चुके हैं। उमरान मलिक और आकिब नबी जैसे खिलाड़ियों की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने साबित किया है कि प्रतिभा किसी भौगोलिक सीमा की मोहताज नहीं होती। सीमित संसाधनों से लेकर दुनिया की सबसे बड़ी क्रिकेट लीग तक का उनका सफर भारतीय क्रिकेट की बदलती तस्वीर को दर्शाता है।

अब जब बृजेश राजस्थान रॉयल्स के ड्रेसिंग रूम में अनुभवी गेंदबाज़ों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हैं, तो यह स्पष्ट है कि उनका सफर अभी शुरू ही हुआ है। उनकी गति, अनुशासन और अडिग मानसिकता उन्हें आने वाले वर्षों में भारतीय क्रिकेट का एक बड़ा चेहरा बना सकती है। यह कहानी सिर्फ एक खिलाड़ी के उभार की नहीं, बल्कि उस जज्बे की है जो हर मुश्किल को पार कर अपने सपनों को हकीकत में बदल देता है।

Pratahkal Newsroom

Pratahkal Newsroom

प्रातःकाल न्यूज़-रूम, प्रातःकाल न्यूज़ की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, समयबद्ध और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा न्यूज़-रूम राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।

Next Story