फीफा विश्व कप 2026 की चमचमाती बिसात पर खिताब की सबसे प्रबल दावेदारों में से एक और पांच बार की चैंपियन ब्राजील को अपने पहले ही ग्रुप मुकाबले में कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ा है। न्यूयॉर्क के मैदान पर खेले गए इस बेहद हाई-वोल्टेज और आक्रामक मुकाबले में मोरक्को की जुझारू टीम ने ब्राजील के विजयी रथ को शुरुआत में ही रोक दिया। ग्रुप सी के इस शुरुआती मैच में दोनों ही फुटबॉल महाशक्तियों के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिली, जिसके परिणामस्वरूप मुकाबला 1-1 की बराबरी पर समाप्त हुआ। इस गतिरोध के कारण दोनों ही टीमों को एक-एक अंक से संतोष करना पड़ा है, जिससे निश्चित तौर पर ब्राजीली खेमे को अंक तालिका में दो महत्वपूर्ण अंकों का नुकसान उठाना पड़ा है।

इस मुकाबले की शुरुआत से ही दोनों खेमों में गजब की आक्रामकता और रणनीतिक तत्परता साफ नजर आ रही थी। हालांकि, ब्राजील के लिए मैच की शुरुआत से ठीक पहले एक बड़ा झटका लगा जब उनके सबसे अनुभवी और स्टार स्ट्राइकर नेमार जूनियर पूरी तरह फिट न होने के कारण शुरुआती एकादश से बाहर रहे। नेमार की गैरमौजूदगी का असर ब्राजील के अग्रिम पंक्ति के समन्वय पर साफ देखा गया। दूसरी ओर, मोरक्को ने इस मानसिक बढ़त का पूरा फायदा उठाया और मैच के 21वें मिनट में ही मैदान पर मौजूद दर्शकों को स्तब्ध कर दिया। मोरक्को के मिडफील्डर ब्राहिम डियाज ने अपनी जादुई फुटबॉल स्किल का प्रदर्शन करते हुए एक सटीक थ्रू बॉल आगे बढ़ाई, जिसने ब्राजील के मजबूत रक्षात्मक घेरे को पूरी तरह भेद दिया। इस शानदार पास को लपकते हुए इस्माइल साइबारी बिजली की गति से आगे बढ़े और ब्राजील के स्टार गोलकीपर एलिसन बेकर को छकाते हुए गेंद को गोल पोस्ट के जालीदार जाल में समाहित कर दिया। इस ऐतिहासिक गोल के साथ ही मोरक्को ने मैच में 1-1 की शुरुआती बढ़त हासिल कर ली थी।

हालांकि, पांच बार की चैंपियन टीम इस मनोवैज्ञानिक दबाव के आगे ज्यादा देर घुटने टेकने वाली नहीं थी। मैच के 32वें मिनट में ब्राजील के आक्रामक विंगर विनीसियस जूनियर ने अपने विश्वस्तरीय हुनर का परिचय देते हुए टीम को संकट से उबारा। मिडफील्डर ब्रूनो गिमारेस से मिले एक बेहतरीन और नपे-तुले पास को विनीसियस जूनियर ने बाएं फ्लैंक पर रिसीव किया। इसके बाद उन्होंने तेजी से अंदर की तरफ कट लगाया और विपक्षी डिफेंडरों को छकाते हुए अपने दाएं पैर से एक ऐसा अचूक और शक्तिशाली शॉट लगाया जिसका मोरक्को के गोलकीपर बौनू के पास कोई जवाब नहीं था। विनीसियस के इस सनसनीखेज गोल की बदौलत ब्राजील ने स्कोर को 1-1 की बराबरी पर लाकर खड़ा कर दिया।

हाफ टाइम सीटी बजने से ठीक पहले ब्राजील के पास मैच में बढ़त बनाने का एक और सुनहरा अवसर आया था, जब लुकास पैक्वेटा ने गोल पोस्ट पर एक जबरदस्त प्रहार किया। लेकिन मोरक्को के दीवार बन चुके गोलकीपर बौनू ने अपनी अद्भुत सजगता का परिचय देते हुए इस शानदार प्रयास को नाकाम कर दिया। मैच के दूसरे हाफ में भी मुकाबला पूरी तरह रक्षात्मक और जवाबी हमलों के बीच झूलता रहा। बौनू ने दूसरे हाफ में भी कई महत्वपूर्ण और हैरतअंगेज बचाव करके मोरक्को को मैच में पूरी तरह बनाए रखा। दोनों ही टीमों की तरफ से अंतिम समय तक गोल करने के कई आक्रामक प्रयास किए गए, परंतु दोनों में से किसी भी टीम का फॉरवर्ड लाइन निर्णायक गोल दागने में सफल नहीं हो सका।

इस ड्रॉ के साथ ही ब्राजील का पिछले 24 सालों से चला आ रहा विश्व कप खिताब का इंतजार और अधिक चुनौतीपूर्ण हो गया है। ब्राजील ने आखिरी बार साल 2002 में फुटबॉल विश्व कप की चमचमाती ट्रॉफी उठाई थी, और तब से लेकर अब तक टीम एक बार भी फाइनल का सफर तय करने में नाकाम रही है। दूसरी तरफ, मोरक्को ने कतर विश्व कप के अपने ऐतिहासिक सेमीफाइनल सफर और इस साल की शुरुआत में जीते गए अफ्रीका कप ऑफ नेशंस के अपने शानदार फॉर्म को बरकरार रखते हुए यह साबित कर दिया है कि वे इस वैश्विक मंच पर किसी भी बड़ी टीम को घुटनों पर लाने का माद्दा रखते हैं। टूर्नामेंट के आगामी मैचों को देखते हुए अब ग्रुप सी की जंग बेहद दिलचस्प हो गई है।

Lalita Rajput

Lalita Rajput

इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।

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