अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में जब भी जिम्बाब्वे की नई पहचान की बात होती है, तो सबसे आगे जिस नाम की चर्चा होती है, वह है Blessing Muzarabani। अपनी लंबाई, उछाल भरी गेंदबाज़ी और लगातार निखरती धार के दम पर उन्होंने विश्व क्रिकेट में एक अलग पहचान बनाई है। 2026 के टी20 विश्व कप में ऑस्ट्रेलिया जैसी मजबूत टीम के खिलाफ 4/17 की मैच जिताऊ गेंदबाज़ी ने उन्हें अचानक वैश्विक सुर्खियों में ला खड़ा किया, जहां उनकी अगुवाई में जिम्बाब्वे ने 23 रन की ऐतिहासिक जीत दर्ज की। इसी मुकाबले में उन्होंने टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 100 विकेट का आंकड़ा भी छू लिया, जो उनके करियर की बड़ी उपलब्धि बन गई।

2 अक्टूबर 1996 को जिम्बाब्वे के छोटे से कस्बे मुरेवा में जन्मे मुज़रबानी का सफर साधारण पृष्ठभूमि से शुरू हुआ। बाद में उनका परिवार हरारे के हाईफील्ड इलाके में आ बसा, जहां महज सात साल की उम्र में उन्होंने ताकाशिंगा क्रिकेट क्लब में प्रशिक्षण लेना शुरू किया। यहीं उनकी प्रतिभा को कोचों ने पहचाना और उन्हें आगे बढ़ने का मौका मिला। 2017 में पूर्व जिम्बाब्वे कप्तान Tatenda Taibu ने उन्हें राइजिंग स्टार्स अकादमी के लिए चुना और इंग्लैंड दौरे पर भेजा, जिसने उनके करियर को नई दिशा दी।

घरेलू क्रिकेट में उनका सफर 2017-18 लॉगन कप से शुरू हुआ, जहां उन्होंने राइजिंग स्टार्स के लिए प्रथम श्रेणी क्रिकेट में पदार्पण किया। इसके बाद 2020-21 सीजन में साउदर्न रॉक्स के लिए खेलते हुए उन्होंने अपनी गेंदबाज़ी को और धार दी। 2021 में पाकिस्तान सुपर लीग में मुल्तान सुल्तान्स के लिए खेलते हुए उन्होंने सिर्फ छह मैचों में 10 विकेट झटके और टीम को खिताब जिताने में अहम भूमिका निभाई। उनकी इसी काबिलियत ने उन्हें इंडियन प्रीमियर लीग में भी जगह दिलाई, जहां कोलकाता नाइट राइडर्स ने उन्हें टीम में शामिल किया।

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में मुज़रबानी ने 2017 के बॉक्सिंग डे टेस्ट में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट डेब्यू किया। इसके बाद 2018 में उन्होंने वनडे और टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भी कदम रखा। शुरुआती दौर में ही उन्होंने अपनी तेज़ और उछाल भरी गेंदबाज़ी से प्रभावित किया और 2018 विश्व कप क्वालिफायर के बाद आईसीसी ने उन्हें जिम्बाब्वे टीम का ‘राइजिंग स्टार’ घोषित किया। हालांकि 2018 में उन्होंने राष्ट्रीय टीम से दूरी बनाकर इंग्लैंड में काउंटी क्रिकेट खेलने का फैसला किया और नॉर्थहैम्पटनशायर के साथ तीन साल का करार किया, जिसने उनके कौशल को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और निखारा।

इंग्लैंड में अनुभव हासिल करने के बाद जब मुज़रबानी ने जिम्बाब्वे टीम में वापसी की, तो वह पहले से कहीं ज्यादा खतरनाक गेंदबाज़ बन चुके थे। 2020 में पाकिस्तान के खिलाफ वनडे मैच में उन्होंने अपना पहला पांच विकेट हॉल हासिल किया और सुपर ओवर में भी दो विकेट लेकर अपनी मैच विनिंग क्षमता साबित की। धीरे-धीरे वह टीम के प्रमुख तेज़ गेंदबाज़ बन गए, जिन पर हर बड़े मुकाबले में भरोसा किया जाने लगा।

आज ब्लेसिंग मुज़रबानी सिर्फ जिम्बाब्वे ही नहीं, बल्कि विश्व क्रिकेट में उभरते हुए सबसे प्रभावशाली तेज़ गेंदबाज़ों में गिने जाते हैं। उनकी ऊंचाई से मिलने वाली अतिरिक्त उछाल, सटीक लाइन-लेंथ और बड़े मैचों में प्रदर्शन करने की क्षमता ने उन्हें खास बना दिया है। 2026 टी20 विश्व कप में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ उनका प्रदर्शन इस बात का प्रमाण है कि वह आने वाले वर्षों में जिम्बाब्वे क्रिकेट के सबसे बड़े मैच विनर के रूप में स्थापित हो सकते हैं।

Pratahkal Newsroom

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