बीसीसीआई ने घरेलू क्रिकेट सीजन 2026-27 का कार्यक्रम जारी किया, होंगे 1788 मैच
दलीप ट्रॉफी से शुरू होगा सीजन, अंडर-23 टूर्नामेंट में टी20 प्रारूप लागू; रणजी ट्रॉफी दो चरणों में होगी आयोजित।

मुंबई स्थित बीसीसीआई मुख्यालय में बोर्ड अधिकारियों द्वारा घरेलू क्रिकेट सीजन 2026-27 की रूपरेखा की घोषणा की गई।
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने आगामी घरेलू क्रिकेट सीजन 2026-27 के व्यापक कार्यक्रम की घोषणा कर दी है, जिसमें पुरुष और महिला वर्ग की विभिन्न आयु श्रेणियों और प्रारूपों में कुल 1,788 मुकाबलों का आयोजन किया जाएगा। भारतीय क्रिकेट की रीढ़ माने जाने वाले घरेलू ढांचे को सुदृढ़ करने और खिलाड़ियों को बेहतर प्रतिस्पर्धात्मक माहौल प्रदान करने के उद्देश्य से तैयार किया गया यह महाकुंभ 23 अगस्त 2026 को प्रतिष्ठित दलीप ट्रॉफी के साथ शुरू होगा। बोर्ड का स्पष्ट मानना है कि यह नया कैलेंडर सभी प्रारूपों में संतुलित प्रगति और युवा प्रतिभाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर के लिए तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
सीजन की औपचारिक शुरुआत 23 अगस्त 2026 को दलीप ट्रॉफी के साथ होगी, जिसमें छह जोनल टीमें अपना दमखम दिखाएंगी। इसके बाद एक अक्टूबर से ईरानी कप का आयोजन किया जाएगा। रेड-बॉल क्रिकेट को प्राथमिकता देते हुए रणजी ट्रॉफी और कर्नल सी.के. नायडू ट्रॉफी को दो चरणों में आयोजित करने का निर्णय लिया गया है ताकि खिलाड़ियों को पर्याप्त रिकवरी का समय मिल सके। रणजी ट्रॉफी के एलीट ग्रुप में 32 टीमें शामिल होंगी जिन्हें चार समूहों में बांटा गया है, जबकि प्लेट ग्रुप में छह टीमें प्रतिस्पर्धा करेंगी। उल्लेखनीय है कि बीसीसीआई ने कर्नल सी.के. नायडू ट्रॉफी के विजेताओं और रेस्ट ऑफ इंडिया के बीच मुकाबले को दोबारा कैलेंडर में शामिल किया है, जो एक से चार अक्टूबर 2026 तक खेला जाएगा।
आधुनिक क्रिकेट की बदलती आवश्यकताओं और भविष्य की संभावनाओं को देखते हुए बीसीसीआई ने अंडर-23 टूर्नामेंटों के प्रारूप में बड़ा बदलाव किया है। अब पुरुष अंडर-23 स्टेट ए ट्रॉफी और विज्जी ट्रॉफी वनडे के स्थान पर टी20 फॉर्मेट में आयोजित की जाएंगी। इसी प्रकार, अंडर-19 कूच बिहार ट्रॉफी (एलीट ग्रुप) के नॉकआउट मुकाबले बेंगलुरु और मैसूर में होंगे, जिससे जनवरी के चुनौतीपूर्ण मौसम में सभी टीमों को संतुलित प्रतिस्पर्धा मिल सकेगी। साथ ही, अंडर-16 विजय मर्चेंट ट्रॉफी को घरेलू कैलेंडर में पहले स्थान पर शिफ्ट करते हुए इसे नवंबर से जनवरी के बीच आयोजित किया जाएगा, ताकि खिलाड़ियों को बेहतर तैयारी का अवसर मिले।
महिला क्रिकेट को मुख्यधारा में लाने के संकल्प के साथ इस सीजन में सीनियर, अंडर-23, अंडर-19 और अंडर-15 श्रेणियों में विस्तृत प्रतियोगिताएं आयोजित होंगी। बीसीसीआई का यह नया ढांचा न केवल भारतीय क्रिकेट की मजबूती का परिचायक है, बल्कि यह जमीनी स्तर से प्रतिभाओं को तराशने की बोर्ड की दूरगामी रणनीति को भी स्पष्ट करता है, जो आने वाले समय में भारतीय टीम को विश्व स्तर पर और अधिक सक्षम बनाएगा।

