प्रतिष्ठा की जंग: क्या तीसरे वनडे में ऑस्ट्रेलिया का 'विजयरथ' रोक पाएंगी Harmanpreet?
ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ तीसरे वनडे में भारत की आखिरी जंग। 2 हार के बाद हरमनप्रीत की टीम क्लीन स्वीप रोकने और कमजोरियां सुधारने उतरेगी।

INDW vs AUSW 3rd ODI
NDW vs AUSW 3rd ODI 2026 : ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ जारी द्विपक्षीय वनडे श्रृंखला में लगातार दो शर्मनाक हार झेलने के बाद, भारतीय महिला क्रिकेट टीम अब रविवार को होने वाले तीसरे और अंतिम मुकाबले में अपनी खोई हुई साख बचाने के इरादे से मैदान में उतरेगी। विश्व चैंपियन का दर्जा रखने वाली टीम इंडिया के लिए यह मुकाबला महज एक खेल नहीं, बल्कि अपनी बल्लेबाजी की गंभीर कमजोरियों को दूर करने और श्रृंखला को सम्मानजनक अंत देने की एक बड़ी चुनौती है। ऑस्ट्रेलिया ने अब तक खेले गए दोनों मैचों में जिस तरह का एकतरफा दबदबा दिखाया है, उसने भारतीय खेमे की रणनीतियों और मध्यक्रम की स्थिरता पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
बल्लेबाजी की विफलता और मध्यक्रम का बिखराव :
श्रृंखला के शुरुआती मैचों में भारतीय बल्लेबाजी ताश के पत्तों की तरह ढहती नजर आई। पहले वनडे में पावरप्ले के भीतर ही तीन महत्वपूर्ण विकेट गंवाने के बाद टीम कभी उबर नहीं सकी और मात्र 214 रनों पर सिमट गई। दूसरे वनडे में सलामी जोड़ी ने 78 रनों की मजबूत नींव तो रखी, लेकिन 17वें से 31वें ओवर के बीच टीम ने महज 52 रनों के भीतर 5 बेशकीमती विकेट गंवा दिए। स्मृति मंधाना (31 और 58 रन) और कप्तान हरमनप्रीत कौर (दो अर्धशतक) ने संघर्ष जरूर किया, लेकिन जेमिमा रोड्रिग्स और दीप्ति शर्मा जैसी अनुभवी बल्लेबाजों के बल्लों की खामोशी टीम को भारी पड़ी। युवा प्रतिका रावल ने शून्य पर आउट होने के बाद दूसरे मैच में अर्धशतक जमाकर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया, लेकिन एक बड़ा स्कोर खड़ा करने के लिए सामूहिक प्रयास की कमी साफ दिखी।
गेंदबाजी और फील्डिंग: कमजोर कड़ी बनी चिंता का विषय :
भारतीय गेंदबाजी इकाई भी अब तक कंगारू बल्लेबाजों पर अंकुश लगाने में नाकाम रही है। दीप्ति शर्मा ने तीन विकेट जरूर झटके हैं, लेकिन श्री चरणी और काशवी गौतम जैसी तेज गेंदबाजों में वह पैनापन नहीं दिखा जो विपक्षी टीम को दबाव में ला सके। विशेषकर पावरप्ले में विकेट न ले पाना और फील्डिंग के दौरान मंधाना, ऋचा घोष और क्रांति गौड़ द्वारा कैच छोड़ना भारतीय टीम की हार के प्रमुख कारणों में शामिल रहा। इसके विपरीत, ऑस्ट्रेलियाई टीम ने जॉर्जिया वोल के विस्फोटक शतक और फोएबे लिट्चफील्ड की सधी हुई बल्लेबाजी के दम पर लक्ष्यों को बेहद आसानी से हासिल कर लिया। मेगन शट और एशले गार्डनर की अगुवाई वाले आक्रमण ने भारतीय बल्लेबाजों को हाथ खोलने का कोई मौका नहीं दिया।
सीरीज का समीकरण और भविष्य की चुनौती :
भारत ने टी20 श्रृंखला 2-1 से जीतकर शानदार शुरुआत की थी, लेकिन वनडे में ऑस्ट्रेलिया की दो लगातार जीत ने बहु-प्रारूप श्रृंखला में उन्हें 6-4 की अजेय बढ़त दिला दी है। अब रविवार सुबह 9:20 बजे (भारतीय समयानुसार) शुरू होने वाले तीसरे वनडे में भारत का लक्ष्य 2024 के अंत में हुए क्लीन स्वीप के इतिहास को दोहराने से रोकना होगा। यह मैच न केवल इस श्रृंखला के लिहाज से महत्वपूर्ण है, बल्कि इसके बाद पर्थ में होने वाले एकमात्र टेस्ट मैच के लिए भी भारतीय टीम का मनोबल तय करेगा।

Ashiti Joil
यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।
