चिली में चल रहे FIH जूनियर महिला हॉकी विश्व कप 2025 में भारतीय जूनियर महिला हॉकी टीम ने शानदार प्रदर्शन के साथ अपनी धमाकेदार शुरुआत की। टोक्यो में टूर्नामेंट के पहले मुकाबले में भारत ने नामीबिया राष्ट्रीय महिला हॉकी टीम को 13-0 से मात दी। यह जीत टीम की आक्रामक क्षमता और गोल स्कोरिंग कौशल का स्पष्ट प्रदर्शन थी, जिसमें कई खिलाड़ियों ने गोल कर टीम को शानदार शुरुआत दिलाई।

जैसे-जैसे टूर्नामेंट आगे बढ़ा, भारत ने अपने अगले मुकाबले में आयरलैंड को 4-0 से हराया, जिसमें पर्निमा यादव, कनिका सिवाच और साक्षी राणा ने गोल करके टीम को जीत दिलाई। इन लगातार बड़ी जीतों ने भारतीय टीम के आक्रामक खेल और फील्ड डोमिनेंस को सामने रखा।

हालांकि, चुनौतीपूर्ण दौर में भारत को कठिन मुकाबलों का सामना करना पड़ा। जर्मनी के खिलाफ एक महत्वपूर्ण पूल मैच में भारत 1-3 से हार गया, जिसमें हिना बानो ने भारत के लिए एकमात्र गोल किया। यह हार टीम की क्वार्टर फाइनल में जगह बनाने की संभावनाओं पर बड़ा असर डाल गई। इस हार के बाद, भारत को टूर्नामेंट के शीर्ष 8 में जगह बनाने का अवसर नहीं मिल सका।

इस हार के बावजूद भारतीय टीम ने हौसला नहीं खोया। 8 दिसंबर 2025 को भारत ने वेल्स को 3-1 से हराया और 9-16 वर्गीकरण मुकाबले में जीत दर्ज की। हिना बानो, सुनेलिता टोप्पो और इशिका के गोलों ने भारत को टॉप-10 में रहने की उम्मीदें कायम रखीं। यह मुकाबला टीम के लिए न केवल जीत बल्कि मनोबल बढ़ाने वाला भी साबित हुआ।

विशेषज्ञों का कहना है कि इस टूर्नामेंट ने भारतीय जूनियर महिला टीम की ताकत और कमजोरियों दोनों को उजागर किया। टीम की आक्रामक क्षमता और गोल स्कोरिंग शानदार रही, लेकिन टॉप टीमों के खिलाफ बचाव और मैच फिनिशिंग में कुछ कमज़ोरियाँ सामने आईं। इन अनुभवों से टीम को आगामी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए रणनीति और तैयारी का मूल्यवान सबक मिलेगा।

भारतीय हॉकी फेडरेशन ने टीम के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि युवा खिलाड़ियों का प्रदर्शन प्रेरणादायक रहा और वे भविष्य में महिला हॉकी में नई ऊँचाइयाँ छू सकते हैं। इस टूर्नामेंट के अनुभव से खिलाड़ी न केवल तकनीकी बल्कि मानसिक मजबूती भी हासिल करेंगे, जो भविष्य की चुनौतियों के लिए आवश्यक है।

टॉप-10 में जगह बनाने की अभी भी उम्मीदें कायम हैं और भारत के लिए अगले वर्गीकरण मैच में जीत हासिल करना अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह टूर्नामेंट भारतीय महिला हॉकी के लिए अनुभव और सीखने का मंच साबित हो रहा है, जो युवा खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार कर रहा है।

Manyaa Chaudhary

Manyaa Chaudhary

यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।

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