चार दशक से भी अधिक लंबे इंतजार के बाद भारत एक बार फिर एशियाई वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप की मेजबानी कर रहा है। गुजरात के गांधीनगर में 2026 एशियन वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप का आगाज हो चुका है, जिसने भारतीय खेल जगत में नई ऊर्जा भर दी है। 17 मई तक चलने वाले इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में एशिया के कई दिग्गज वेटलिफ्टर अपनी ताकत और तकनीक का प्रदर्शन करेंगे। भारत ने इससे पहले वर्ष 1982 में इस प्रतियोगिता की मेजबानी की थी और अब 44 साल बाद यह आयोजन फिर भारतीय धरती पर लौट आया है।

यह चैंपियनशिप पहले 1 से 10 अप्रैल के बीच आयोजित होनी थी, लेकिन मध्य पूर्व और खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते तनाव को देखते हुए इसके कार्यक्रम में बदलाव किया गया। संशोधित कार्यक्रम के अनुसार अब प्रतियोगिता 11 मई से शुरू होकर 17 मई तक चलेगी। इस आयोजन को आगामी कॉमनवेल्थ गेम्स और एशियन गेम्स के लिए महत्वपूर्ण क्वालीफाइंग इवेंट माना जा रहा है, जिसके चलते खिलाड़ियों और देशों के लिए इसकी अहमियत और भी बढ़ गई है।

इस बार प्रतियोगिता में 28 देशों के लगभग 180 खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं। भारत, चीन और श्रीलंका ने सबसे बड़े दल उतारे हैं, जिनमें प्रत्येक देश के 16-16 खिलाड़ी शामिल हैं। वहीं, चीनी ताइपे ने 15 खिलाड़ियों की टीम भेजी है। भारतीय टीम से घरेलू दर्शकों को काफी उम्मीदें हैं, क्योंकि पिछली बार चीन के जियांगशान में आयोजित प्रतियोगिता में भारत का प्रदर्शन निराशाजनक रहा था। उस संस्करण में केवल निरुपमा देवी और दिलबाग सिंह ने भारत का प्रतिनिधित्व किया था और दोनों ही पदक जीतने में असफल रहे थे।

इस बार भारतीय अभियान की कमान अनुभवी खिलाड़ियों के हाथों में है। महिला वर्ग में बिंद्यारानी देवी सोरोखाइबम, निरुपमा देवी सेराम, हरजिंदर कौर, ज्ञानेश्वरी यादव, संजना, वंशिता वर्मा और मार्टिना देवी जैसी खिलाड़ी मैदान में उतरेंगी। वहीं पुरुष वर्ग में अजीत नारायण, लवप्रीत सिंह, बेदाब्रत भराली, अभिषेक सुरेश निप्पाने, राजा मुथुपांडी और हर्चरण सिंह जैसे नाम भारत की उम्मीदों को मजबूती देंगे।

हालांकि भारतीय टीम को बड़ा झटका तब लगा जब ओलंपिक रजत पदक विजेता साइखोम मीराबाई चानू चोट के कारण इस चैंपियनशिप से बाहर हो गईं। उनकी अनुपस्थिति निश्चित रूप से भारतीय चुनौती को प्रभावित करेगी, लेकिन घरेलू परिस्थितियों और दर्शकों के समर्थन के बीच भारतीय खिलाड़ी बेहतर प्रदर्शन करने के लिए पूरी तरह तैयार नजर आ रहे हैं।

प्रतियोगिता में पुरुष और महिला दोनों वर्गों में आठ-आठ भार वर्ग शामिल किए गए हैं। पुरुषों में 60 किलोग्राम, 65 किलोग्राम, 71 किलोग्राम, 79 किलोग्राम, 88 किलोग्राम, 98 किलोग्राम, 110 किलोग्राम और 110 किलोग्राम से अधिक भार वर्ग होंगे। वहीं महिलाओं में 48 किलोग्राम, 53 किलोग्राम, 58 किलोग्राम, 63 किलोग्राम, 69 किलोग्राम, 77 किलोग्राम, 86 किलोग्राम और 86 किलोग्राम से अधिक भार वर्ग शामिल हैं। सभी खिलाड़ी स्नैच और क्लीन एंड जर्क स्पर्धाओं में हिस्सा लेंगे। 10 मई को एशियन वेटलिफ्टिंग फेडरेशन कांग्रेस और उद्घाटन समारोह के साथ इस भव्य आयोजन की शुरुआत हुई। अब 11 से 17 मई तक लगातार प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी, जिन पर पूरे एशियाई खेल जगत की नजरें टिकी हुई हैं।

44 साल बाद एशियाई वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप की मेजबानी भारत के लिए केवल एक खेल आयोजन नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय खेल मंच पर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराने का अवसर भी है। गांधीनगर में जुटे एशिया के शीर्ष खिलाड़ी इस आयोजन को ऐतिहासिक बना रहे हैं और भारतीय खेल प्रशंसकों को एक नए गौरवपूर्ण अध्याय का इंतजार है।

Manyaa Chaudhary

Manyaa Chaudhary

यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।

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