जापान के आइची-नागोया में होने वाले एशियाई खेल 2026 के लिए भारतीय बैडमिंटन टीम घोषित कर दी गई है। पीवी सिंधू और सात्विक-चिराग की अगुवाई में क्या भारत पदक तालिका में नई ऊंचाइयों को छुएगा? जानिए टीम की पूरी ताकत और रणनीति।

पीवी सिंधू जापान में आयोजित होने वाले एशियाई खेल 2026 में भारतीय टीम का नेतृत्व करेंगी, जिसमें अनुभवी और युवा खिलाड़ियों को शामिल किया गया है।
एशियाई खेल 2026 के महासमर के लिए भारत ने अपनी कमर कस ली है। जापान के आइची-नागोया में 19 सितंबर से 4 अक्टूबर तक आयोजित होने वाले इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट के लिए भारत ने 20 सदस्यीय बैडमिंटन टीम की घोषणा कर दी है। भारतीय बैडमिंटन जगत के दिग्गज और युवा प्रतिभाओं के अनूठे मेल से बनी यह टीम एक बार फिर महाद्वीपीय स्तर पर तिरंगा लहराने के लिए पूरी तरह तैयार है। इस टीम की बागडोर दो बार की ओलंपिक पदक विजेता पीवी सिंधू और मौजूदा पुरुष युगल चैंपियन सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी तथा चिराग शेट्टी की जोड़ी संभालेगी, जो अपनी ख्याति के अनुरूप प्रदर्शन करने को तत्पर हैं।
पुरुष वर्ग में भारत ने उस कोर टीम पर भरोसा जताया है, जिसने हाल ही में थॉमस कप में कांस्य पदक जीतकर इतिहास रचा था। टीम में लक्ष्य सेन, एचएस प्रणय और पूर्व विश्व नंबर एक किदांबी श्रीकांत जैसे अनुभवी खिलाड़ी शामिल हैं, जो हांगझू 2023 में रजत पदक जीतने वाली टीम का भी हिस्सा रहे थे। इसके अलावा आयुष शेट्टी और थारुन मन्नेपल्ली को भी टीम में स्थान दिया गया है, जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी उपयोगिता साबित कर चुके हैं। महिला वर्ग की कमान संभाल रहीं पीवी सिंधू का साथ देने के लिए तन्वी शर्मा, उन्नति हुड्डा, देविका सिहाग और इशरानी बरुआ जैसी उभरती हुई खिलाड़ी मौजूद रहेंगी, जिनसे पदक की बड़ी उम्मीदें हैं।
युगल मुकाबलों में भी भारत ने अपनी स्थिति मजबूत की है। पुरुष युगल में सात्विक-चिराग के साथ हरिहरन अमसकारुणन और एमआर अर्जुन की जोड़ी चुनौती पेश करेगी। महिला युगल में ट्रीसा जॉली और गायत्री गोपीचंद की जोड़ी के साथ सिमरन सिंघी और कविप्रिया सेल्वन की जोड़ी दम दिखाएगी। वहीं, मिश्रित युगल में ध्रुव कपिला और तनीषा क्रास्टो भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे। भारत ने सभी पांचों श्रेणियों में अपनी भागीदारी सुनिश्चित की है। ऐतिहासिक दृष्टिकोण से देखें तो 2023 के एशियाई खेल भारत के लिए सबसे सफल रहे थे, जिसमें एक स्वर्ण, एक रजत और एक कांस्य पदक प्राप्त हुआ था। अब 2026 में भारतीय शटलर नई ऊर्जा के साथ उस सफलता के ग्राफ को और ऊपर ले जाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

