भारतीय क्रिकेट में एक ऐसा नाम, जिसने अपने जज़्बे और वापसी की कहानियों से अलग पहचान बनाई, वह हैं आशीष नेहरा। एक खिलाड़ी के रूप में उन्होंने अपनी स्विंग गेंदबाज़ी से दुनिया के बेहतरीन बल्लेबाज़ों को परेशान किया, तो वहीं कोच के तौर पर उन्होंने नई ऊंचाइयों को छुआ। 2022 में इंडियन प्रीमियर लीग में गुजरात टाइटन्स को खिताब दिलाकर वह पहले भारतीय हेड कोच बने, जिसने अपनी टीम को सीधे चैंपियन बनाया। यह उपलब्धि उनके क्रिकेटिंग दिमाग और नेतृत्व क्षमता की मिसाल बन गई।

दिल्ली के सदर बाजार में 29 अप्रैल 1979 को जन्मे नेहरा का क्रिकेट से रिश्ता बचपन से ही गहरा था। सीमित संसाधनों के बावजूद उनके जुनून ने उन्हें आगे बढ़ाया। शुरुआती दिनों में वह अपने दोस्त और भारतीय क्रिकेट के विस्फोटक बल्लेबाज़ वीरेंद्र सहवाग के साथ स्कूटर पर सवार होकर फिरोज शाह कोटला मैदान तक पहुंचते थे, जहां से उनके सपनों को उड़ान मिली। दिल्ली की रणजी टीम में जगह बनाकर उन्होंने घरेलू क्रिकेट में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया और धीरे-धीरे राष्ट्रीय टीम के दरवाजे तक पहुंच गए।

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में नेहरा ने श्रीलंका के खिलाफ डेब्यू किया, लेकिन असली पहचान उन्हें 2003 विश्व कप में मिली। इंग्लैंड के खिलाफ 26 फरवरी 2003 को उन्होंने 6 विकेट देकर मात्र 23 रन खर्च किए, जो लंबे समय तक विश्व कप इतिहास में किसी भारतीय गेंदबाज़ का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन रहा। यह रिकॉर्ड बाद में मोहम्मद शमी ने 2023 में तोड़ा। नेहरा 2002 आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी जीतने वाली टीम का हिस्सा रहे और 2011 विश्व कप विजेता टीम में भी शामिल थे, हालांकि फाइनल में उन्हें खेलने का मौका नहीं मिला।

चोटों ने उनके करियर को कई बार रोका, लेकिन हर बार उन्होंने दमदार वापसी की। 2007-08 सीजन में एंकल इंजरी के कारण वह बाहर रहे, लेकिन इसके बाद उन्होंने आईपीएल में वापसी करते हुए मुंबई इंडियंस और फिर चेन्नई सुपर किंग्स के लिए शानदार प्रदर्शन किया। 2014 और 2015 में उनके प्रदर्शन के दम पर उन्हें CLT20 XI में शामिल किया गया। 2016 टी20 विश्व कप में भी उनकी कसी हुई गेंदबाज़ी के चलते उन्हें आईसीसी और ईएसपीएनक्रिकइन्फो की ‘टीम ऑफ द टूर्नामेंट’ में जगह मिली, जो उनके लंबे और उतार-चढ़ाव भरे करियर की निरंतरता को दर्शाता है।

2017 में न्यूजीलैंड के खिलाफ टी20 मैच के साथ अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कहने के बाद नेहरा ने कोचिंग की दुनिया में कदम रखा। रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर के गेंदबाज़ी कोच के रूप में उन्होंने अपनी नई पारी की शुरुआत की, लेकिन असली सफलता उन्हें 2022 में गुजरात टाइटन्स के साथ मिली। अपनी रणनीति और शांत स्वभाव से उन्होंने एक नई टीम को न सिर्फ प्लेऑफ तक पहुंचाया बल्कि खिताब भी जिताया, जो उनके क्रिकेट ज्ञान और नेतृत्व क्षमता का प्रमाण है।

आशीष नेहरा का सफर सिर्फ आंकड़ों और रिकॉर्ड्स की कहानी नहीं है, बल्कि यह संघर्ष, धैर्य और वापसी की प्रेरणादायक दास्तान है। उन्होंने दिखाया कि सीमित संसाधनों से निकलकर भी विश्व क्रिकेट में अपनी अलग पहचान बनाई जा सकती है और खेल से जुड़े रहकर नई भूमिका में भी सफलता हासिल की जा सकती है।

Pratahkal Newsroom

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