ऑस्ट्रेलिया की युवा ऑलराउंडर एनाबेल जेन सदरलैंड आज महिला क्रिकेट की नई पहचान बन चुकी हैं, जिनकी बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों में निरंतरता ने उन्हें अंतरराष्ट्रीय मंच पर विशिष्ट स्थान दिलाया है। 2001 में जन्मी यह खिलाड़ी वर्तमान में ऑस्ट्रेलियाई राष्ट्रीय टीम की प्रमुख स्तंभ हैं और अपने दमदार प्रदर्शन से बड़े मैचों का रुख बदलने की क्षमता रखती हैं। टेस्ट, वनडे और टी20 तीनों प्रारूपों में उनका प्रभाव स्पष्ट दिखाई देता है, जहां उन्होंने न केवल मैच जिताने वाली पारियां खेलीं बल्कि गेंद से भी निर्णायक योगदान दिया।

मेलबर्न के ईस्ट मेलबर्न में जन्मी सदरलैंड का क्रिकेट से जुड़ाव पारिवारिक विरासत का हिस्सा रहा है। उनके पिता जेम्स सदरलैंड क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के पूर्व प्रमुख रह चुके हैं, जबकि उनके भाई विल भी एक ऑलराउंडर खिलाड़ी हैं। शुरुआती दिनों में उन्होंने ऑस्ट्रेलियन रूल्स फुटबॉल भी खेला, लेकिन क्रिकेट में उनकी प्रतिभा जल्दी ही सामने आ गई। मेथोडिस्ट लेडीज कॉलेज में पढ़ाई के दौरान उन्होंने ईस्ट मालवर्न टूरोंगा क्रिकेट क्लब के लिए खेलते हुए अपनी तकनीक को निखारा और यहीं से उनके पेशेवर सफर की नींव पड़ी।

महज 15 वर्ष की उम्र में बिग बैश लीग में डेब्यू कर सदरलैंड ने इतिहास रच दिया, जब वह उस समय की सबसे युवा खिलाड़ी बनीं। मेलबर्न रेनेगेड्स से शुरुआत करने के बाद उन्होंने मेलबर्न स्टार्स का रुख किया और 2024 सीजन में टीम की कप्तान भी बनीं। घरेलू क्रिकेट में विक्टोरिया के लिए खेलते हुए उन्होंने खुद को एक भरोसेमंद ऑलराउंडर के रूप में स्थापित किया। इंग्लैंड की ‘द हंड्रेड’ लीग में वेल्श फायर और भारत की महिला प्रीमियर लीग में गुजरात जायंट्स तथा बाद में दिल्ली कैपिटल्स के लिए खेलते हुए उन्होंने वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान को और मजबूत किया।

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में उनका सफर 2020 में शुरू हुआ, जब उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ टी20 डेब्यू किया और उसी वर्ष न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे में भी कदम रखा। 2021 में भारत के खिलाफ टेस्ट डेब्यू के बाद उन्होंने लगातार अपने खेल को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। 2023 महिला एशेज में इंग्लैंड के खिलाफ 137 नाबाद रन की पारी खेलकर उन्होंने अपना पहला टेस्ट शतक जड़ा, जो 148 गेंदों में आया और ऑस्ट्रेलियाई महिला क्रिकेट में सबसे तेज टेस्ट शतकों में शामिल हुआ। इसके बाद आयरलैंड के खिलाफ 109 नाबाद रन के साथ उन्होंने सीमित ओवरों में भी अपनी क्षमता साबित की।

सदरलैंड का करियर 2024 में नई ऊंचाई पर पहुंचा, जब उन्होंने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट में 210 रन बनाकर दोहरा शतक जड़ा और साथ ही 5 विकेट लेकर मैच में ऑलराउंड प्रदर्शन किया। वह महिला टेस्ट क्रिकेट में दोहरा शतक लगाने वाली नौवीं खिलाड़ी बनीं। 2025 में मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड पर इंग्लैंड के खिलाफ 163 रन की ऐतिहासिक पारी खेलकर उन्होंने उस मैदान पर महिला टेस्ट में पहला शतक बनाने का रिकॉर्ड भी अपने नाम किया। वनडे में भारत के खिलाफ 110 और न्यूजीलैंड के खिलाफ 105 नाबाद जैसी पारियों ने उनके आंकड़ों को और प्रभावशाली बनाया, जिससे उनके कुल अंतरराष्ट्रीय शतकों की संख्या छह तक पहुंच गई।

आज एनाबेल सदरलैंड केवल एक खिलाड़ी नहीं बल्कि ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट के भविष्य की मजबूत नींव मानी जा रही हैं। 2024 महिला टी20 विश्व कप और 2025 एशेज सीरीज के लिए टीम में चयन उनके महत्व को दर्शाता है। कम उम्र में हासिल की गई उपलब्धियां और लगातार बेहतर होता प्रदर्शन इस बात का प्रमाण है कि उन्होंने अपनी प्रतिभा, अनुशासन और अवसरों का सही उपयोग करते हुए स्टारडम हासिल किया है।

Pratahkal Bureau

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