फुटबॉल प्रशासन का एक युग खत्म; कुशल दास के निधन से खेल जगत में सन्नाटा
भारतीय फुटबॉल के दिग्गज और पूर्व AIFF महासचिव कुशल दास का 65 वर्ष की आयु में निधन। 2017 फीफा अंडर-17 विश्व कप और ISL की शुरुआत में निभाई थी मुख्य भूमिका।

Kushal Das
FIFA World Cup 2026 : भारतीय फुटबॉल प्रशासन के सबसे प्रभावशाली चेहरों में से एक और अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ (AIFF) के पूर्व महासचिव कुशल दास अब हमारे बीच नहीं रहे। शुक्रवार की सुबह राष्ट्रीय राजधानी के एक निजी अस्पताल में उन्होंने अंतिम सांस ली। 65 वर्षीय दास पिछले कुछ समय से स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रहे थे। उनके निधन की पुष्टि उनके उत्तराधिकारी और अनुभवी प्रशासक शाजी प्रभाकरन ने की। कुशल दास का जाना भारतीय खेल जगत के लिए एक ऐसी अपूरणीय क्षति है, जिसने फुटबॉल को हाशिए से उठाकर अंतरराष्ट्रीय मंच पर पहचान दिलाने में अपना जीवन समर्पित कर दिया।
12 वर्षों का बेमिसाल सफर और 'गेम चेंजर' उपलब्धियां :
कुशल दास ने साल 2010 में भारतीय फुटबॉल प्रशासन की कमान संभाली और 2022 तक लगातार 12 वर्षों तक महासचिव के रूप में अपनी सेवाएं दीं। उनके कार्यकाल को भारतीय फुटबॉल के आधुनिक इतिहास का 'परिवर्तनकारी दौर' माना जाता है। उनके ही मार्गदर्शन में भारत ने 2017 में पहली बार प्रतिष्ठित फीफा अंडर-17 विश्व कप की सफल मेजबानी की थी। इस आयोजन ने न केवल रिकॉर्ड संख्या में दर्शकों को स्टेडियम तक पहुँचाया, बल्कि इसे स्वयं दास ने भारतीय फुटबॉल के लिए "गेम चेंजर" करार दिया था। इसके अतिरिक्त, उनके नेतृत्व में भारत ने 2022 एएफसी महिला एशियाई कप और 2022 फीफा अंडर-17 महिला विश्व कप की मेजबानी के अधिकार भी सुरक्षित किए।
वित्तीय स्थिरता और ढांचागत विकास के वास्तुकार :
फुटबॉल में आने से पहले कुशल दास आईसीसी (ICC) और आईएमजी (IMG) इंडिया में मुख्य वित्तीय अधिकारी के रूप में अपनी सेवाएं दे चुके थे। उनके इसी वित्तीय कौशल ने एआईएफएफ को उस दौर में संकट से उबारा जब महासंघ गहरे वित्तीय दबाव में था। उन्होंने फुटबॉल स्पोर्ट्स डेवलपमेंट लिमिटेड (FSDL) को मार्केटिंग पार्टनर के रूप में जोड़ा, जिससे इंडियन सुपर लीग (ISL) का जन्म हुआ। जमीनी स्तर पर फुटबॉल को मजबूत करने के लिए उन्होंने 'गोल्डन बेबी लीग' और एक व्यवस्थित युवा विकास प्रणाली की नींव रखी, जिसने क्लबों को भविष्य के सितारे तैयार करने के लिए मजबूर किया। उनके कार्यकाल में भारतीय टीम ने तीन बार एएफसी एशियाई कप के लिए क्वालीफाई कर अपनी बढ़ती ताकत का लोहा मनवाया।
चुनौतियां और प्रशासनिक विरासत :
कुशल दास का कार्यकाल पूर्व अध्यक्ष प्रफुल पटेल के शासनकाल के समानांतर रहा। साल 2022 में जब सर्वोच्च न्यायालय के हस्तक्षेप के बाद प्रशासनिक समिति (CoA) ने महासंघ का कार्यभार संभाला, तब दास ने स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। दिल्ली के प्रतिष्ठित सेंट स्टीफंस कॉलेज से गणित में स्नातक दास ने खेल प्रशासन को सांख्यिकीय सटीकता और दूरदर्शी सोच के साथ चलाया। उनके निधन पर शोक व्यक्त करते हुए शाजी प्रभाकरन ने 'X' पर लिखा कि इस कठिन समय में उनकी संवेदनाएं परिवार के साथ हैं।
कुशल दास का जाना केवल एक व्यक्ति का जाना नहीं है, बल्कि उस विजन का मौन होना है जिसने भारतीय फुटबॉल को वैश्विक मानचित्र पर अंकित किया। फुटबॉल के गलियारों में उनके योगदान की गूंज आने वाली कई पीढ़ियों तक सुनाई देगी।

Ashiti Joil
यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।
