कौन हैं अजिंक्य रहाणे? शांत स्वभाव वाला वह कप्तान जिसने ऑस्ट्रेलिया में रचा ऐतिहासिक विजय का अध्याय
भारतीय क्रिकेटर अजिंक्य रहाणे के शुरुआती संघर्ष, ऐतिहासिक बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी जीत और आईपीएल 2025 में कोलकाता नाइट राइडर्स की कप्तानी का पूरा विवरण।

आईपीएल 2025 के दौरान प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते कोलकाता नाइट राइडर्स के नवनियुक्त कप्तान अजिंक्य रहाणे।
भारतीय क्रिकेट में जब भी संयम, नेतृत्व और कठिन परिस्थितियों में खड़े रहने की मिसाल दी जाती है, तो अजिंक्य रहाणे का नाम प्रमुखता से लिया जाता है। टेस्ट क्रिकेट के इस भरोसेमंद बल्लेबाज ने न सिर्फ अपने बल्ले से बल्कि कप्तानी से भी वह मुकाम हासिल किया, जिसने उन्हें अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में एक अलग पहचान दिलाई। खासतौर पर 2020-21 के ऑस्ट्रेलिया दौरे पर उनकी कप्तानी में भारत ने बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी जीतकर इतिहास रचा, जहां टीम ने कई प्रमुख खिलाड़ियों की अनुपस्थिति के बावजूद सीरीज 2-1 से अपने नाम की। यह जीत रहाणे के करियर की सबसे बड़ी उपलब्धियों में गिनी जाती है और इसी ने उन्हें एक शांत लेकिन प्रभावशाली नेता के रूप में स्थापित किया।
6 जून 1988 को महाराष्ट्र के अहमदनगर जिले के संगमनेर तालुका के अश्वी केडी गांव में जन्मे रहाणे का क्रिकेट सफर साधारण परिस्थितियों से शुरू हुआ। उनके पिता मधुकर रहाणे उन्हें बचपन में डोंबिवली के एक छोटे से कोचिंग कैंप में लेकर गए, जहां मैटिंग विकेट पर उन्होंने अपने खेल की नींव रखी। आर्थिक सीमाओं के बावजूद उनके परिवार ने उनका साथ नहीं छोड़ा। महज 17 साल की उम्र में उन्होंने पूर्व भारतीय बल्लेबाज प्रवीण आमरे के मार्गदर्शन में अपने खेल को तराशा, जिसने उनके करियर को नई दिशा दी।
घरेलू क्रिकेट में रहाणे ने अपने प्रदर्शन से जल्द ही पहचान बना ली। 2007-08 रणजी सीजन में मुंबई के लिए डेब्यू करते हुए उन्होंने कराची अर्बन के खिलाफ 143 रन की शानदार पारी खेली। इसके बाद 2008-09 रणजी ट्रॉफी में 1089 रन बनाकर मुंबई को खिताब दिलाने में अहम भूमिका निभाई। 2009-10 सीजन में हैदराबाद के खिलाफ नाबाद 265 रन उनकी प्रतिभा का प्रमाण बना। लगातार तीन सीजन में 1000 से ज्यादा रन बनाने वाले रहाणे ने खुद को भारतीय टीम के लिए मजबूत दावेदार बना लिया।
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में रहाणे का सफर आसान नहीं रहा। 2011 में इंग्लैंड के खिलाफ टी20 से डेब्यू करने के बाद उन्हें टेस्ट टीम में जगह बनाने के लिए लंबा इंतजार करना पड़ा। 2013 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट डेब्यू में असफल रहने के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी। इसके बाद दक्षिण अफ्रीका दौरे पर 209 रन बनाकर उन्होंने अपनी उपयोगिता साबित की। 2014 में न्यूजीलैंड के बेसिन रिजर्व मैदान पर 118 रन की पारी ने उन्हें टेस्ट क्रिकेट में स्थापित कर दिया। उसी साल लॉर्ड्स में शतक लगाकर उन्होंने विदेशी सरजमीं पर अपनी काबिलियत का लोहा मनवाया।
रहाणे का टेस्ट करियर कई यादगार पारियों से भरा रहा है। ऑस्ट्रेलिया में 2014-15 सीरीज में 399 रन, श्रीलंका में एक टेस्ट में 8 कैच का विश्व रिकॉर्ड, और दिल्ली में एक ही टेस्ट में दोनों पारियों में शतक जैसे कारनामे उन्हें खास बनाते हैं। उन्होंने अपने करियर में कई बार मुश्किल परिस्थितियों में टीम को संभाला और विदेशी पिचों पर 50 से अधिक के औसत से रन बनाकर खुद को एक भरोसेमंद बल्लेबाज साबित किया। कप्तान के रूप में उन्होंने 6 टेस्ट में 4 जीत और 2 ड्रॉ हासिल किए, जो उनकी रणनीतिक समझ को दर्शाता है।
आईपीएल में भी रहाणे का सफर उतार-चढ़ाव भरा रहा, लेकिन 2012 में राजस्थान रॉयल्स के लिए खेलते हुए उन्होंने शतक लगाकर खुद को टी20 फॉर्मेट में साबित किया। राहुल द्रविड़ के मार्गदर्शन में उन्होंने अपने खेल को निखारा और हर फॉर्मेट में ढलने की क्षमता विकसित की। 2023 में चेन्नई सुपर किंग्स के लिए 175 से अधिक स्ट्राइक रेट से रन बनाते हुए उन्होंने टीम को खिताब जिताने में अहम भूमिका निभाई। 2025 में कोलकाता नाइट राइडर्स ने उन्हें कप्तान नियुक्त किया, जो उनके अनुभव और नेतृत्व क्षमता का प्रमाण है।
अजिंक्य रहाणे का करियर यह साबित करता है कि निरंतरता, धैर्य और सही समय पर प्रदर्शन किसी भी खिलाड़ी को ऊंचाइयों तक पहुंचा सकता है। भले ही उनके करियर में उतार-चढ़ाव आए, लेकिन उन्होंने हर बार वापसी कर अपनी उपयोगिता साबित की। शांत स्वभाव और दृढ़ इच्छाशक्ति के साथ उन्होंने भारतीय क्रिकेट में अपनी एक स्थायी छाप छोड़ी है।

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