इंदौर, जिसे कभी देश के सबसे स्वच्छ शहर के रूप में पहचान मिली थी, इन दिनों गंभीर जल संकट और उससे उपजे स्वास्थ्य खतरे से जूझ रहा है। इसी संवेदनशील माहौल में भारतीय क्रिकेट टीम की तैयारियां भी अतिरिक्त सतर्कता के साथ आगे बढ़ रही हैं। शहर में फैले डायरिया प्रकोप और दूषित जल आपूर्ति की खबरों के बीच टीम के एक प्रमुख खिलाड़ी द्वारा होटल में विशेष जल शुद्धिकरण उपकरण मंगवाने की सूचना सामने आई है, जिसने स्थानीय हालात पर एक बार फिर राष्ट्रीय ध्यान खींचा है।

सूत्रों के अनुसार, यह उपकरण सामान्य फिल्ट्रेशन से कहीं आगे जाकर पानी को दोबारा शुद्ध करने में सक्षम है। यहां तक कि रिवर्स ऑस्मोसिस (आरओ) से उपचारित और बोतलबंद पानी को भी यह प्रणाली पुनः शुद्ध कर सुरक्षित बनाती है। होटल प्रबंधन से जुड़े लोगों का कहना है कि खिलाड़ियों की सेहत को लेकर किसी भी तरह का जोखिम नहीं लिया जा रहा, खासकर तब जब शहर में जलजनित बीमारियों के मामले लगातार सामने आ रहे हों।

दरअसल, दिसंबर 2025 के अंत में इंदौर के कुछ इलाकों में सीवेज के पानी के पेयजल आपूर्ति में मिल जाने की पुष्टि हुई थी। इसके बाद डायरिया का प्रकोप तेजी से फैला। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, इस संक्रमण के कारण अब तक कम से कम 15 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि सैकड़ों मरीज विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग ने प्रभावित क्षेत्रों में आपात उपाय लागू किए हैं और जल आपूर्ति की निगरानी बढ़ा दी गई है।

इसी पृष्ठभूमि में शहर में चल रही अंतरराष्ट्रीय एकदिवसीय क्रिकेट श्रृंखला का तीसरा और निर्णायक मुकाबला रविवार को होल्कर स्टेडियम में खेला जाना है। श्रृंखला इस समय 1-1 की बराबरी पर है, ऐसे में यह मैच दोनों टीमों के लिए बेहद अहम माना जा रहा है। खिलाड़ियों और सहयोगी स्टाफ के लिए शारीरिक फिटनेस और स्वास्थ्य सर्वोच्च प्राथमिकता बन गई है।

हालांकि, इस कदम के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर दो तरह की प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। कुछ लोगों ने इसे स्थानीय बुनियादी ढांचे और नगर प्रबंधन पर सवाल उठाने का मौका बताया, जबकि कई अन्य ने खिलाड़ियों की सतर्कता को पूरी तरह जायज ठहराया। उनका कहना है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का प्रतिनिधित्व करने वाले खिलाड़ियों का स्वास्थ्य सुरक्षित रहना बेहद जरूरी है, खासकर तब जब शहर में स्वास्थ्य आपातस्थिति जैसे हालात हों।

प्रशासनिक स्तर पर भी इस मामले को गंभीरता से लिया गया है। नगर निगम और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी लगातार जल स्रोतों की जांच कर रहे हैं और प्रभावित क्षेत्रों में स्वच्छ पानी की आपूर्ति बहाल करने के प्रयास जारी हैं। साथ ही, लोगों से उबला या प्रमाणित सुरक्षित पानी ही पीने की अपील की जा रही है।

इंदौर की यह स्थिति केवल एक शहर तक सीमित नहीं, बल्कि शहरी जल प्रबंधन और सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था की व्यापक चुनौती को भी उजागर करती है। जहां एक ओर खेल के मैदान में निर्णायक मुकाबले की तैयारी है, वहीं दूसरी ओर शहर के लिए यह संकट आत्ममंथन और सुधार का संकेत बनकर उभरा है। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि प्रशासनिक कदम और जनजागरूकता मिलकर इस संकट को किस हद तक नियंत्रित कर पाते हैं।

Manyaa Chaudhary

Manyaa Chaudhary

यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।

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