टोक्यो में आयोजित 25वें समर डेलिंपिक्स 2025 के दूसरे दिन भारत के लिए एक यादगार प्रदर्शन देखने को मिला, जब अनूया प्रसाद ने महिलाएं 10 मीटर एयर पिस्टल इवेंट में गोल्ड जीतते हुए डेल फाइनल वर्ल्ड रिकॉर्ड (DFWR) बनाया। उनकी टीममेट प्रंजलि Prashant धूमल ने सिल्वर मैडल हासिल कर भारत को 1-2 फिनिश भी दिलाई। कानूनी तौर‑परिप्रेक्ष्य से, यह सफलता ऑल इंडिया स्पोर्ट्स काउंसिल ऑफ़ द डेफ (AISCD) की मेहनत और चयन प्रणाली का परिणाम है, जिसने अगस्त 2025 में ट्राइआउट आयोजित कर यह सुनिश्चित किया था कि देश की शीर्ष श्रेणी की बहरे निशानेबाज़ टीम में शामिल हों।


फाइनल में अनूया ने पहली सीरीज में 52.5 अंक स्कोर किए और अगले राउंड्स में अपनी बढ़त कायम रखी। उनके कुल 241.1 अंक ने न सिर्फ उन्हें सुनने में असमर्थ खिलाड़ियों के बीच सबसे ऊँचा स्थान दिलाया, बल्कि यह पिछले रिकॉर्ड से 4.3 अंक से आगे था। प्रंजलि धूमल ने क्वालिफ़ाइंग दौर में 572 अंक स्कोर किए, जो क्वालिफ़िकेशन वर्ल्ड रिकॉर्ड (QWR) था और उन्हें फाइनल में टॉप स्थान दिलाया।


इस प्रदर्शन ने भारत को न सिर्फ एक मजबूत शुरुआत दी, बल्कि महिला शूटिंग में देश की बढ़ती प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता को भी दिखाया है। पुरुषों के 10 मीटर एयर पिस्टल में भी भारत के निशानेबाज़ अभिनव देशवाल ने सिल्वर मेडल जीता। उन्होंने क्वालिफ़ाइंग राउंड में 576 अंक बनाए, जो रिकॉर्ड के बराबर था। यह सफलता न सिर्फ व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि भारत के लिए गर्व का पल भी है। अनूया प्रसाद अब तक की सबसे युवा बहरे खिलाड़ी बन गई हैं जिन्होंने डेलिंपिक्स में गोल्ड जीतकर देश का नाम रौशन किया है। उनकी यह उपलब्धि इस बात का पक्का संकेत है कि सुनने में असमर्थ खिलाड़ी भी वैश्विक स्टेज पर अपनी क्षमता पूरी तरह से साबित कर सकते हैं।

Manyaa Chaudhary

Manyaa Chaudhary

यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।

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