खेल और आस्था की एक महान विरासत का अंत; फुटबॉल जगत के महानायक लू होल्ट्ज़ का निधन
महान फुटबॉल कोच लू होल्ट्ज़ का 89 साल की उम्र में निधन। 1988 में नोट्रे डेम को राष्ट्रीय चैंपियन बनाने वाले होल्ट्ज़ नैतिक नेतृत्व और प्रेरक विरासत के लिए याद किए जाएंगे।

Lou Holtz passes away
Lou Holtz death news : फुटबॉल की दुनिया ने एक ऐसे व्यक्तित्व को खो दिया है जिसने मैदान पर रणनीति से अधिक, खिलाड़ियों के चरित्र निर्माण पर जोर दिया। नोट्रे डेम के महान पूर्व मुख्य फुटबॉल कोच लू होल्ट्ज़ का 4 मार्च को 89 वर्ष की आयु में निधन हो गया। होल्ट्ज़ केवल एक कोच नहीं थे, बल्कि वे एक ऐसी संस्था थे जिन्होंने अपने अटूट कैथोलिक विश्वास और नैतिक सिद्धांतों के साथ नोट्रे डेम फुटबॉल की प्रतिष्ठा को वैश्विक स्तर पर एक नई पहचान दी।
लू होल्ट्ज़ के सफर की शुरुआत 1986 में हुई, जब उन्होंने संघर्ष कर रही 'आयरिश' टीम की कमान संभाली। उनके दस वर्षों के कार्यकाल में नोट्रे डेम ने 100 जीत दर्ज कीं, पांच 'न्यू इयर्स डे बाउल' मैच खेले और 1988 में एक ऐतिहासिक 12-0 के रिकॉर्ड के साथ राष्ट्रीय चैम्पियनशिप का खिताब अपने नाम किया। हालांकि, उनके रिकॉर्ड्स से परे, उनकी सबसे बड़ी पहचान खिलाड़ियों को "अच्छे इंसान" बनाने की उनकी प्रतिबद्धता रही। उन्होंने मैदान पर धैर्य, संयम और विवेक जैसे मूल्यों को स्थापित किया, जिससे खेल विश्वविद्यालय के धार्मिक और नैतिक मिशन का एक अभिन्न अंग बन गया।
होल्ट्ज़ के जीवन की नींव ओहियो के सेंट एलोयसियस ग्रेड स्कूल में पड़ी थी, जहाँ सिस्टर्स ऑफ नोट्रे डेम के मार्गदर्शन ने उनके भीतर ईश्वर को केंद्र में रखने की भावना जाग्रत की। उन्होंने एक बार विनम्रतापूर्वक स्वीकार किया था कि उन्होंने ईश्वर से एक महान एथलीट बनने की प्रार्थना की थी, लेकिन विधाता ने उन्हें एक महान कोच बनाने का मार्ग चुना। उनके द्वारा 1986 में लगाया गया प्रसिद्ध चिन्ह—"आज एक चैंपियन की तरह खेलें"—आज भी खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा का सबसे बड़ा स्रोत है।
उनके करियर के आधिकारिक और सम्मानजनक पहलुओं की बात करें तो :
- राष्ट्रीय सम्मान: साल 2020 में, तत्कालीन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने उन्हें 'प्रेसिडेंशियल मेडल ऑफ फ्रीडम' से सम्मानित किया, जो अमेरिका का सर्वोच्च नागरिक सम्मान है।
- बहुआयामी करियर: नोट्रे डेम से 1996 में सेवानिवृत्ति के बाद, उन्होंने साउथ कैरोलिना में कोचिंग दी और ईएसपीएन (ESPN) के लिए एक प्रभावशाली कमेंटेटर के रूप में अपनी सेवाएँ प्रदान कीं।
- अंतिम विदाई: उनके परिवार द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, होल्ट्ज़ का अंतिम संस्कार नोट्रे डेम विश्वविद्यालय के 'बेसिलिका ऑफ द सेक्रेड हार्ट' में पूरे ईसाई रीति-रिवाजों के साथ संपन्न किया जाएगा।
लू होल्ट्ज़ की विरासत केवल स्कोरबोर्ड की संख्याओं तक सीमित नहीं है। उन्हें एक ऐसे दूरदर्शी के रूप में याद किया जाएगा जिसने खेल के मैदान को जीवन की पाठशाला में बदल दिया। उनके पूर्व-खेल भाषण, ईमानदारी और आत्म-संयम का उनका संदेश आने वाली पीढ़ियों के कोचों और खिलाड़ियों के लिए एक मार्गदर्शक प्रकाश बना रहेगा। पूरा देश आज एक सच्चे देशभक्त, परोपकारी और फुटबॉल के उस नायक को नमन कर रहा है जिसने सिखाया कि जीत केवल खेल में नहीं, बल्कि चरित्र में होनी चाहिए।

Ashiti Joil
यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।
