NASA Van Allen Probes Re-entry : अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण अध्याय का समापन होने जा रहा है। नासा का बहुचर्चित अंतरिक्ष यान 'वैन एलन प्रोब ए', अपने प्रक्षेपण के लगभग 14 साल बाद अब पृथ्वी के वायुमंडल में पुनः प्रवेश करने की तैयारी में है। लगभग 600 किलोग्राम (1,300 पाउंड) वजनी यह यान अब अंतरिक्ष की गहराइयों को छोड़कर उस ग्रह की ओर लौट रहा है, जिसकी सुरक्षा प्रणालियों का इसने वर्षों तक अध्ययन किया। अमेरिकी अंतरिक्ष बल और नासा इस 'री-एंट्री' पर पैनी नजर रखे हुए हैं, जिसे ब्रह्मांडीय अन्वेषण के एक सुनहरे युग का अंत माना जा रहा है।

महा-पतन का समय और तकनीकी चुनौतियाँ :

अमेरिकी अंतरिक्ष बल के नवीनतम अनुमानों के मुताबिक, वैन एलन प्रोब ए के मंगलवार को लगभग 19:45 EDT (23:45 GMT) पर पृथ्वी के वायुमंडल में प्रवेश करने की उम्मीद है। हालांकि, कक्षीय गति और वायुमंडलीय घर्षण के कारण इस समय में 24 घंटे की "अनिश्चितता" की संभावना व्यक्त की गई है। नासा के वैज्ञानिकों का मानना है कि जैसे ही यह यान वायुमंडल की घनी परतों से टकराएगा, घर्षण से उत्पन्न अत्यधिक तापमान के कारण इसका अधिकांश हिस्सा जलकर राख हो जाएगा। हालांकि, यान के कुछ विशेष रूप से मजबूत घटक इस प्रक्रिया के बाद भी बच सकते हैं और मलबे के रूप में गिर सकते हैं।

खतरे का आकलन और मिशन की उपलब्धियां :

अंतरिक्ष यान के किसी टुकड़े से मानव जीवन या संपत्ति को नुकसान पहुँचने के जोखिम पर नासा ने स्पष्टता दी है। एजेंसी के अनुसार, किसी व्यक्ति को चोट पहुँचने की संभावना 4,200 में से केवल एक है, जिसे तकनीकी भाषा में "बेहद कम" जोखिम माना जाता है। यह यान और इसका जुड़वां 'वैन एलन प्रोब बी', 2012 में पृथ्वी की उन खतरनाक विकिरण बेल्टों (Radiation Belts) का अध्ययन करने के लिए भेजे गए थे, जो हमारे ग्रह को सौर तूफानों से बचाती हैं।

मिशन की प्रमुख विशिष्टताएँ :

  • कार्यकाल: मूल रूप से 2 वर्ष के लिए डिज़ाइन किया गया यह मिशन अपनी क्षमता से कहीं अधिक लगभग 7 वर्षों (2012-2019) तक सक्रिय रहा।
  • अध्ययन क्षेत्र: यान ने पृथ्वी के चुंबकीय क्षेत्र द्वारा फँसे आवेशित कणों के छल्लों, जिन्हें 'वैन एलन बेल्ट' कहा जाता है, से गुजरते हुए डेटा एकत्र किया।
  • ऐतिहासिक खोज: इस मिशन ने पहली बार एक 'क्षणिक तीसरी विकिरण बेल्ट' के अस्तित्व का पता लगाया, जो तीव्र सौर गतिविधियों के दौरान विकसित होती है।

ईंधन की समाप्ति और अंतिम विदाई :

इस मिशन का अंत तब हुआ जब यानों का ईंधन पूरी तरह समाप्त हो गया, जिससे वे खुद को सूर्य की ओर उन्मुख करने या अपनी कक्षा को बनाए रखने में असमर्थ हो गए। वैन एलन प्रोब ए जहाँ अब कुछ ही घंटों में विलीन होने वाला है, वहीं इसका साथी 'वैन एलन प्रोब बी' अभी भी अंतरिक्ष में मौजूद है और उसके 2030 से पहले पृथ्वी पर लौटने की संभावना नहीं है। वर्तमान में यह स्पष्ट नहीं है कि यान का मलबा ठीक किस भौगोलिक स्थान पर गिरेगा, लेकिन नासा और अंतरराष्ट्रीय एजेंसियां पल-पल की जानकारी के लिए ट्रैकिंग सिस्टम को अपडेट कर रही हैं।

Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

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