31 मई को दिखेगा फुल-मून: जानें क्या है NASA ने बताया हुआ 'परफेक्ट फोटो' वाला फॉर्मूला
अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने फुल मून के मौके पर मोबाइल यूजर्स के लिए शटर स्पीड, आईएसओ सेटिंग्स और फोकस एडजस्ट करने के आसान तरीके बताए हैं।

आसमान में दिखाई देने वाले फुल मून की मोबाइल से स्पष्ट तस्वीर खींचने के लिए अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने कैमरे की सेटिंग्स को स्थिर रखने और आईएसओ कम रखने की सलाह दी है।
31 May Full Moon photography : ब्रह्मांड की असीम गहराइयों में दिलचस्पी रखने वालों और रात के आसमान की खूबसूरती के दीवानों के लिए 31 मई की रात बेहद खास होने जा रही है। इस रात आसमान में कुदरत का एक अद्भुत और बेहद खूबसूरत नजारा दिखाई देगा, जिसे 'फुल मून' यानी पूरा चांद कहा जाता है। चमचमाते पूर्ण चंद्र की इस जादुई छटा को हर कोई अपने मोबाइल कैमरे में हमेशा-हमेशा के लिए कैद करना चाहता है। लेकिन अक्सर देखा गया है कि स्मार्टफोन से ली गई चांद की तस्वीरें किसी चमकीले सफेद धब्बे या रोशनी के एक बेजान गोले जैसी नजर आती हैं, जिससे मोबाइल फोटोग्राफर्स को घोर निराशा हाथ लगती है। अगर आपके साथ भी अतीत में ऐसा हुआ है, तो अब मायूस होने की बिल्कुल जरूरत नहीं है। दुनिया की सबसे प्रतिष्ठित अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी 'नासा' ने इस बार आम लोगों के लिए मोबाइल फोटोग्राफी के कुछ ऐसे जादुई और बेहद आसान सीक्रेट टिप्स साझा किए हैं, जिन्हें अपनाकर कोई भी अपने साधारण से स्मार्टफोन से चांद की बेमिसाल और प्रोफेशनल तस्वीरें खींच सकता है।
नासा के वैज्ञानिकों और अनुभवी फोटोग्राफर्स के अनुसार, चांद की एक शानदार तस्वीर लेने के लिए सबसे पहली और बुनियादी शर्त यह है कि आपका स्मार्टफोन फोटो खींचते समय बिल्कुल स्थिर रहना चाहिए। जरा सी हलचल भी पूरी तस्वीर को धुंधला कर सकती है। यदि आपके पास पेशेवर ट्राइपॉड नहीं है, तो निराश होने के बजाय आप अपने फोन को किसी मजबूत दीवार, चट्टान या किसी अन्य स्थिर वस्तु के सहारे टिका सकते हैं। इसके बाद सबसे महत्वपूर्ण काम आता है तस्वीर की सही कंपोजिशन तय करना। चांद को फ्रेम में एक खूबसूरत संदर्भ देने के लिए आप अपने आसपास मौजूद पेड़ों की कलात्मक टहनियों, ऐतिहासिक इमारतों या पहाड़ों जैसी वस्तुओं का उपयोग कर सकते हैं, जिससे तस्वीर में एक गहरा और आकर्षक नैरेटिव उभर कर सामने आता है।
अंतरिक्ष एजेंसी ने तकनीकी बारीकियों को समझाते हुए विशेष हिदायत दी है कि चांद की फोटो खींचते समय अपने फोन का फ्लैश हमेशा बंद मोड पर रखें। कैमरे का फोकस कभी भी खुले आसमान की अनंत गहराइयों पर करने के बजाय सीधे चांद की सतह पर केंद्रित करें। इसके लिए मोबाइल स्क्रीन पर जहां चांद दिखाई दे रहा हो, वहां उंगली से टैप करें और फिर स्क्रीन पर दिखने वाले सन-आइकन या स्लाइडर की मदद से ब्राइटनेस को थोड़ा कम कर दें। नासा का कहना है कि चांद को एकदम सफेद और अत्यधिक चमकीला दिखाने की जिद में उसकी वास्तविक खूबसूरती खो जाती है। इसलिए कोशिश करें कि उसकी प्राकृतिक बनावट और धूसर रंगत बनी रहे, ताकि उसकी सतह पर मौजूद गड्ढे, घाटियां और महीन डिटेल्स साफ नजर आ सकें। यही वो बारीकियां हैं जो आपकी साधारण सी फोटो को एक मास्टरपीस में तब्दील कर देती हैं।
Soon... full moon!
— NASA (@NASA) May 28, 2026
The next full moon will light the night skies on Sunday, May 31. If you've ever wanted to take a great picture of the Moon, check out our Lunar Photography Guide for tips and tricks: https://t.co/wp8uMt6pVP pic.twitter.com/nNRj0Ky2Mm
इसके अलावा, तस्वीर लेते समय इंसानी हाथों के कंपन से बचने के लिए फोन में उपलब्ध फोटो टाइमर फीचर का इस्तेमाल करना एक बेहद समझदारी भरा कदम हो सकता है। टाइमर सेट करने से स्क्रीन को छूते समय होने वाली बारीक हलचल पूरी तरह खत्म हो जाती है। नासा ने यह भी खुलासा किया है कि एक परफेक्ट शॉट के लिए सही समय का चुनाव करना आधी जंग जीतने जैसा है। चांद की बेहतरीन फोटोग्राफी के लिए बिल्कुल घने और काले अंधेरे का इंतजार करने के बजाय शाम के धुंधलके या सुबह भोर के समय का चयन करें। इस गोधूलि बेला में आसमान की हल्की रोशनी और चांद की चमक में बहुत ज्यादा अंतर नहीं होता, जिससे मोबाइल का सेंसर दोनों के बीच एक बेहतरीन संतुलन बनाकर हाई-क्वालिटी इमेज कैप्चर करता है। साथ ही, जब चांद क्षितिज से ऊपर उठ रहा होता है, तब वह दृश्य रूप से अपेक्षाकृत काफी बड़ा और भव्य दिखाई देता है, जो फोटोग्राफी के लिए सबसे सुनहरा पल होता है।
डिजिटल तकनीक के इस दौर में ज़ूम के इस्तेमाल को लेकर भी नासा ने एक बड़ा भ्रम दूर किया है। यदि आपके स्मार्टफोन में केवल 'डिजिटल ज़ूम' की सुविधा है, तो उसके अत्यधिक इस्तेमाल से बचें क्योंकि यह वास्तव में तस्वीर को केवल क्रॉप करता है जिससे पिक्सल फट जाते हैं और गुणवत्ता खराब हो जाती है। इसकी जगह केवल 'ऑप्टिकल ज़ूम' का ही प्रयोग करें। हालांकि प्रयोग के तौर पर आप एक-दो तस्वीरें थोड़ा ज़ूम करके देख सकते हैं कि परिणाम कैसा आ रहा है। यदि आपके फोन में 'प्रो मोड' या 'मैनुअल मोड' जैसी उन्नत सेटिंग्स मौजूद हैं, तो आईएसओ (ISO) को हमेशा न्यूनतम स्तर पर रखें ताकि तस्वीर में दानेदार खराबी यानी नॉइज़ न आए। इसके साथ ही शुरुआती दौर में शटर स्पीड को तेज रखें और फिर रोशनी के हिसाब से धीरे-धीरे उसे एडजस्ट करें। याद रहे कि शटर स्पीड जितनी धीमी होगी, कैमरे का स्थिर रहना उतना ही अनिवार्य हो जाएगा। यदि आपके पास कोई छोटी दूरबीन या टेलीस्कोप उपलब्ध है, तो आप अपने फोन के लेंस को उसके आई-पीस पर सावधानीपूर्वक टिकाकर चांद की इतनी साफ और विहंगम तस्वीर ले सकते हैं, जैसी अमूमन पेशेवर वेधशालाओं से ही संभव हो पाती है।

Ashiti Joil
यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।
