ISRO की एक और कामयाबी; CMS-03 से गूंजी भारत की तकनीकी ताकत
भारत ने रचा नया इतिहास! इसरो ने देश के सबसे भारी संचार उपग्रह CMS-03 को सफलता पूर्वक लॉन्च कर अंतरिक्ष में तिरंगा लहरा दिया। इस उपलब्धि पर केंद्रीय मंत्रियों और इसरो प्रमुख ने कहा “भारत की तकनीक अब नई ऊंचाइयों पर पहुंच चुकी है।”

भारत ने एक बार फिर अंतरिक्ष की ऊंचाइयों को छू लिया है। देश के सबसे भारी संचार उपग्रह CMS-03 के सफल प्रक्षेपण ने न सिर्फ इसरो (ISRO) की तकनीकी क्षमता को साबित किया है, बल्कि भारत की बढ़ती अंतरिक्ष ताकत को भी दुनिया के सामने उजागर किया है। इसरो के LVM3-M5 रॉकेट, जिसे ‘बहुबली’ नाम से जाना जाता है, ने इस उपग्रह को जियोसिंक्रोनस ट्रांसफर ऑर्बिट (GTO) में सफलतापूर्वक स्थापित किया।
CMS-03 के जरिए भारत अब भारतीय महासागर क्षेत्र में बेहतर संचार, कनेक्टिविटी और समुद्री निगरानी क्षमता हासिल करेगा। यह सैटेलाइट न सिर्फ भारत की तकनीकी आत्मनिर्भरता की मिसाल है, बल्कि डिजिटल इंडिया और सुरक्षित समुद्री सीमा की दिशा में एक बड़ा कदम भी है।
इस ऐतिहासिक सफलता पर देश के शीर्ष नेताओं और केंद्रीय मंत्रियों ने इसरो और वैज्ञानिकों को बधाई दी। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, “बहुत बढ़िया ISRO! आप लगातार नई ऊंचाइयों को छू रहे हैं। पूरी टीम को शुभकामनाएं।” वहीं संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने इस उपलब्धि को भारत की “स्पेस यात्रा का मील का पत्थर” बताया। उन्होंने कहा, “CMS-03 का सफल लॉन्च भारत की तकनीकी दूरदर्शिता और अंतरिक्ष शक्ति का प्रतीक है।”
केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि इसरो हर बार नई सफलता की कहानी लिख रहा है। उन्होंने बताया कि “बहुबली” रॉकेट ने इस भारी उपग्रह को बेहद सटीकता के साथ अंतरिक्ष में पहुंचाया। “प्रधानमंत्री मोदी के मजबूत नेतृत्व और समर्थन ने भारत की स्पेस टेक्नोलॉजी को नई दिशा दी है,” उन्होंने कहा।
इसरो प्रमुख डॉ. वी. नारायणन ने मिशन की सफलता पर अपनी टीम को बधाई देते हुए कहा, “भारत ने अपने सबसे भारी GEO कम्युनिकेशन सैटेलाइट को लॉन्च कर इतिहास रच दिया है। भारतीय स्पेस सेक्टर अब एक नए युग में प्रवेश कर चुका है।” उन्होंने कहा कि यह सफलता देश की वैज्ञानिक क्षमता, टीमवर्क और आत्मनिर्भरता का नतीजा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि CMS-03 मिशन भारत की रणनीतिक क्षमताओं को और मज़बूती देगा। यह न सिर्फ देश की तकनीकी ताकत का प्रदर्शन है, बल्कि यह संदेश भी देता है कि भारत अब अंतरिक्ष विज्ञान की बड़ी शक्तियों की कतार में मजबूती से खड़ा है।
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Ashiti Joil
यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।
