माउंट आबू, सिरोही: राजस्थान की जीवनरेखा मानी जाने वाली अरावली पर्वतमालाओं के संरक्षण के लिए बुधवार को माउंट आबू की सुरम्य वादियों से एक महत्त्वपूर्ण कदम उठाया गया। कांग्रेस के युवा छात्र नेता निर्मल चौधरी के नेतृत्व में सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने पैदल यात्रा की शुरुआत की। इस अवसर पर वरिष्ठ कद्दावर नेता संयम लोढ़ा और जिला अध्यक्ष लीलाराम गरासिया भी उपस्थित रहे।

कार्यक्रम की शुरुआत माउंट आबू स्थित अर्बुदा माता मंदिर में विशेष दर्शन और साधु-संतों के आशीर्वाद से हुई। इसके बाद निर्मल चौधरी और अन्य नेताओं के नेतृत्व में पैदल रैली शहर के विभिन्न मार्गों से होकर आबूरोड तलहटी तक पहुँचेगी। यह रैली मुख्य रूप से जनता में जागरूकता फैलाने और अरावली के संरक्षण के महत्व को उजागर करने के उद्देश्य से निकाली गई है।

पूर्व विधायक और वरिष्ठ नेता संयम लोढ़ा ने इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अरावली की संरक्षण प्रक्रिया में खनन माफियाओं, जंगल क्षेत्रों में होटल व्यवसाय और उच्चाधिकारियों की लॉबी द्वारा एक षड्यंत्र रचा गया है। उन्होंने बताया कि पहले केंद्रीय एम्पावर्ड कमेटी (CEC) की मुख्य रीढ़ को कमजोर किया गया और बाद में केंद्र सरकार के रिटायर्ड अधिकारियों को कमेटी में शामिल कर इसे प्रभावहीन बनाया गया। इसका परिणाम यह हुआ कि केंद्र सरकार के अनुसार ही संरक्षण संबंधी सिफारिशें और निर्णय लिए गए।

युवा नेता निर्मल चौधरी ने ANI से बात करते हुए कहा कि अरावली बचाओ अभियान में उनकी पदयात्रा उन सभी क्षेत्रों से होकर गुजरेगी जहां पर्वत श्रृंखलाएं प्रभावित हो रही हैं। उनका उद्देश्य आम लोगों के बीच जनजागरूकता फैलाना और इस अभियान को गति देना है। उन्होंने केंद्र सरकार, विशेषकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार के अधिकांश मंत्रियों और नौकरशाही के बच्चे सुरक्षित निजी विद्यालयों और विदेशों में शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं, जबकि अरावली जैसी पांच हजार वर्ष पुरानी पर्वत श्रृंखला के अस्तित्व को खतरे में डाला जा रहा है।

निर्मल चौधरी ने जोर देकर कहा कि आज के युवा जागरूक और शिक्षित हैं, और वे इस समन्वित षड्यंत्र को समझ रहे हैं। उनका यह अभियान केवल एक प्रदर्शनी या प्रदर्शन नहीं, बल्कि अरावली के संरक्षण और प्राकृतिक धरोहर के लिए जनसरोकार पैदा करने का प्रयास है।

यह अभियान न केवल पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक गंभीर पहल है, बल्कि स्थानीय और राष्ट्रीय स्तर पर राजनीतिक और सामाजिक दबावों के बीच जनता को जागरूक करने का भी संदेश देता है।

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Sunil Acharya, Mount Abu

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सुनिल आचार्य माउंट आबू से जुड़े प्रमुख रिपोर्टर हैं, जो स्थानीय और राष्ट्रीय समाचारों की विश्वसनीय और सटीक कवरेज के लिए जाने जाते हैं। उनकी पत्रकारिता में तथ्यपरक रिपोर्टिंग और घटनाओं की गहन समीक्षा का विशेष योगदान है। सुनिल आचार्य हर खबर को निष्पक्ष दृष्टिकोण से प्रस्तुत करते हैं और पाठकों तक सही जानकारी पहुँचाने का पूरा प्रयास करते हैं। उनका लेखन शैली सरल, स्पष्ट और प्रभावशाली है, जो पाठकों को समाचार के हर पहलू से अवगत कराता है।

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