सोजत में युवक पर जानलेवा हमला: माली समाज ने किया थाने का घेराव
हनुमान जयंती जुलूस के दौरान हुए विवाद के बाद युवक पर फावड़े और लाठियों से हमला, आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर माली समाज ने सोजत थाने पर किया प्रदर्शन।

सोजत। पाली जिले के सोजत शहर में एक युवक पर हुए नृशंस हमले के बाद शनिवार रात भारी तनाव व्याप्त हो गया। हनुमान जयंती के जुलूस के दौरान उपजा मामूली विवाद कुछ ही घंटों में खूनी संघर्ष में बदल गया, जिसके विरोध में माली समाज के सैकड़ों लोगों ने रात 9 बजे सोजत थाने का घेराव कर जबरदस्त विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने करीब ढाई घंटे तक थाना परिसर में नारेबाजी करते हुए आरोपियों की अविलंब गिरफ्तारी की मांग की। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने 24 घंटे के भीतर कार्रवाई का ठोस आश्वासन दिया, जिसके बाद रात 11 बजे मामला शांत हो सका।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, रोकी का जाव निवासी रामाकिशन टांक ने सोजत थाने में लिखित रिपोर्ट दर्ज करवाई है। परिवादी ने बताया कि उनका पुत्र युवराज टांक राजपोल गेट के पास हनुमान जयंती के जुलूस में शामिल था, जहां कुछ युवकों ने उसके साथ धक्का-मुक्की कर मारपीट शुरू कर दी। आरोप है कि हमलावरों ने नशे के लिए रुपयों की मांग की थी और मना करने पर थप्पड़-मुक्कों से हमला कर दिया। घटना के पश्चात युवराज घर लौट आया, लेकिन आरोपियों ने सोची-समझी साजिश के तहत माफी मांगने के बहाने उसे एलआईसी ऑफिस के पास बुलाया। वहां पूर्व से घात लगाए बैठे युवकों ने उसे गार्डन के पास घेर लिया और फावड़े, लाठी व लोहे के क्लिप से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। इस हमले में युवराज गंभीर रूप से लहूलुहान हो गया। राहगीरों द्वारा बीच-बचाव किए जाने पर आरोपी जान से मारने की धमकी देते हुए मौके से फरार हो गए।
इस घटना के विरोध में माली समाज के लोग देर रात बड़ी संख्या में एकत्रित हुए और थाना परिसर में विरोध प्रदर्शन किया। समाज के प्रबुद्धजनों ने क्षेत्र में पैर पसार रहे अवैध नशे के कारोबार को इस प्रकार की हिंसा की मुख्य वजह बताते हुए अपराधियों पर सख्त कार्रवाई की मांग उठाई। सोजत थाने के सब इंस्पेक्टर गोपाल सिंह ने मामले की गंभीरता को स्वीकार करते हुए बताया कि आरोपियों की तलाश हेतु दबिश दी जा रही है और फिलहाल तीन संदिग्ध युवकों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है। समाज के बुजुर्गों की समझाइश और पुलिस के 24 घंटे में गिरफ्तारी के वादे के बाद प्रदर्शनकारी वापस लौटे, हालांकि माली समाज ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि निर्धारित समय में न्याय नहीं मिला तो आंदोलन को पुनः उग्र किया जाएगा।

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