सिरोही। राजस्थान के सिरोही जिले में विकास की उम्मीदों पर फिरते पानी ने अब एक बड़े जन-आंदोलन का रूप ले लिया है। पिंडवाड़ा-बागरा प्रस्तावित रेल लाइन परियोजना के अचानक निरस्त होने की खबर ने पूरे क्षेत्र में सियासी गलियारों से लेकर गांव की चौपालों तक हड़कंप मचा दिया है। शनिवार को इस फैसले के विरोध में हजारों की संख्या में ग्रामीण सड़कों पर उतर आए और सांसद लुंबाराम चौधरी के खिलाफ अपने गुस्से का इजहार किया। यह महज एक रैली नहीं, बल्कि हक की लड़ाई के लिए उठी वह आवाज थी जिसने कलेक्ट्रेट परिसर की दीवारों को झकझोर कर रख दिया।

आंदोलन की शुरुआत पिंडवाड़ा से हुई, जहां सुबह से ही ग्रामीणों का जमावड़ा शुरू हो गया था। देखते ही देखते सैकड़ों वाहनों का काफिला एक विशाल आक्रोश रैली की शक्ल में सिरोही जिला मुख्यालय की ओर कूच कर गया। रैली के दौरान वातावरण सांसद लुंबाराम चौधरी के खिलाफ नारेबाजी से गुंजायमान रहा। प्रदर्शनकारियों का स्पष्ट आरोप है कि इस महत्वपूर्ण रेल परियोजना के निरस्त होने के पीछे सांसद की उदासीनता और उनकी कार्यप्रणाली जिम्मेदार है। जब यह हुजूम कलेक्ट्री परिसर के मुख्य द्वार पर पहुंचा, तो सुरक्षा की दृष्टि से तैनात भारी पुलिस बल और आरएसी (RAC) के जवानों ने उन्हें रोक दिया। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने गेट पर ही डेरा डाल दिया और सांसद के खिलाफ जमकर "हाय-हाय" के नारे लगाए।

कलेक्ट्रेट के बाहर आयोजित सभा को संबोधित करते हुए विभिन्न वक्ताओं ने सांसद लुंबाराम चौधरी की घेराबंदी की। वक्ताओं ने कहा कि जिस रेल लाइन से क्षेत्र के विकास की नई इबारत लिखी जानी थी, उसे राजनीतिक दांव-पेंच की भेंट चढ़ा दिया गया। ग्रामीणों ने दोटूक शब्दों में चेतावनी दी कि यदि सरकार और सांसद ने अपना रवैया नहीं बदला, तो आगामी पंचायती राज चुनावों में जनता इसका करारा जवाब देगी। प्रदर्शन के अंत में रेल मंत्री के नाम एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा गया, जिसमें पिंडवाड़ा-बागरा रेल मार्ग को अविलंब बहाल करने की मांग की गई।

प्रशासनिक स्तर पर इस प्रदर्शन को लेकर खासी सतर्कता बरती गई। कलेक्ट्रेट परिसर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम रहे ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे। हालांकि, ग्रामीणों का यह आक्रोश संकेत दे रहा है कि रेल लाइन का मुद्दा अब केवल एक प्रशासनिक फाइल नहीं, बल्कि सिरोही की राजनीति का केंद्र बिंदु बन चुका है। अब भविष्य के गर्भ में है कि जनता की यह हुंकार दिल्ली के रेल मंत्रालय तक क्या प्रभाव डालती है, लेकिन फिलहाल पिंडवाड़ा की गलियों से शुरू हुआ यह संग्राम थमने का नाम नहीं ले रहा है।

Dineshkumar Bohra, Sirohi

Dineshkumar Bohra, Sirohi

नाम: दिनेश बोहरा

वर्तमान पद: रिपोर्टर

कार्यक्षेत्र: सिरोही जिला (राजस्थान)

बीट (मुख्य विषय): क्राइम, राजनीति, शिक्षा और प्रशासनिक खबरें

परिचय एवं अनुभव

दिनेश बोहरा सिरोही जिले से एक सक्रिय रिपोर्टर हैं। वह वर्तमान में 'फर्स्ट इंडिया न्यूज' में रिपोर्टर के रूप में कार्यरत हैं और वहां सभी प्रकार की खबरों को कवर करते हैं। मीडिया इंडस्ट्री में उनका अनुभव निम्नलिखित है:

  • फर्स्ट इंडिया न्यूज: वर्ष 2013 से लगातार इस संस्थान से जुड़े हुए हैं और रिपोर्टिंग कर रहे हैं।
  • प्रातःकाल: पिछले कुछ समय से वह 'प्रातःकाल' समाचार पत्र और मीडिया प्लेटफॉर्म के साथ भी जुड़कर कार्य कर रहे हैं।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

दिनेश बोहरा शैक्षणिक रूप से परास्नातक हैं। उनकी योग्यता निम्नलिखित है:

  • कला स्नातक (B.A.)
  • कला स्नातकोत्तर (M.A.)

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