सिरोही। शिक्षा जगत में समानता और संवेदनशीलता की नई इबारत लिखते हुए, सिरोही स्थित माधव विश्वविद्यालय के विशेष शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित दो दिवसीय जोनल स्तरीय सतत व्यावसायिक विकास कार्यक्रम (सीआरई) का भव्य समापन हुआ। “समावेशी कक्षा में शिक्षण” जैसे गंभीर और प्रासंगिक विषय पर केंद्रित इस सम्मेलन ने न केवल शैक्षणिक विमर्श को नई दिशा दी, बल्कि पुनर्वास परिषद भारत (आरसीआई) की मान्यता के साथ शिक्षकों को भविष्य की चुनौतियों के लिए व्यावहारिक रूप से सुसज्जित भी किया। समापन सत्र तक पहुँचते-पहुँचते यह आयोजन एक ऐसे मंच के रूप में उभरा जहाँ ज्ञान, तकनीक और मानवीय संवेदनाओं का अनूठा संगम देखने को मिला।

कार्यक्रम के समापन सत्र की अध्यक्षता करते हुए माधव विश्वविद्यालय के प्रेसिडेंट प्रो. (डॉ.) राजीव माथुर ने समावेशी शिक्षा की अपरिहार्यता पर बल दिया। उन्होंने अपने संबोधन में स्पष्ट किया कि एक सशक्त और न्यायपूर्ण समाज की नींव केवल तभी रखी जा सकती है जब शिक्षा में सभी को समान अवसर प्राप्त हों। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम शिक्षकों के भीतर वह संवेदनशीलता और कौशल विकसित करते हैं, जो एक साधारण कक्षा को एक समावेशी परिवेश में बदल देता है। विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार डॉ. भावेश कुमावत ने संस्थान की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए कहा कि माधव विश्वविद्यालय केवल किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं है, बल्कि शिक्षक प्रशिक्षण और सामाजिक उत्तरदायित्व के निर्वहन में सदैव अग्रणी रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि इस सीआरई कार्यक्रम से सीखी गई नवीन शिक्षण विधियां विशेष आवश्यकता वाले विद्यार्थियों को समाज की मुख्यधारा में सम्मानजनक स्थान दिलाने में मील का पत्थर साबित होंगी।

विषय की गहराई और व्यावहारिक बारीकियों को समझाने के लिए सीआरसी अहमदाबाद से आए ख्यातिप्राप्त रिसोर्स पर्सन, विशेष शिक्षक राजेंद्र कुमार परमार और सहायक प्राध्यापक डॉ. नयन परमार ने सत्रों का संचालन किया। उन्होंने समावेशी कक्षा प्रबंधन, व्यक्तिगत शिक्षण योजनाओं और आधुनिक रणनीतियों पर विस्तृत प्रकाश डाला, जिससे प्रतिभागियों को अपनी शिक्षण शैली को समावेशी बनाने का व्यावहारिक ज्ञान मिला। शारीरिक शिक्षा एवं विशेष शिक्षा विभागाध्यक्ष तथा कार्यक्रम निदेशक डॉ. भरत कुमार चौधरी ने कार्यक्रम की सफलता पर संतोष व्यक्त करते हुए जानकारी दी कि इस दो दिवसीय गहन प्रशिक्षण के सफल समापन पर प्रतिभागियों को 12 महत्वपूर्ण सीआरई अंक प्रदान किए गए हैं।

इस वृहद आयोजन को सफल बनाने में संयोजक पठान तौफीक खान सहित शिक्षा संकाय के अधिष्ठाता डॉ. जितेंद्र तिवारी, डॉ. अवनीश कुमार मिश्रा, मनोज कुमार नागर, घनश्याम कुशवाहा, श्रेय खटक, सुरेंद्र सिंह, सुकेशिनी जयपाल खोबरागड़े और हितेंद्र सिंह देवड़ा ने समर्पित योगदान दिया। व्यवस्थाओं को सुचारू बनाने में टीपीसी समिति के सदस्य सना, श्रवण, श्वेता, सूरज, किरण, गौरव, पार्थ, अश्विन, जानवी और जयश्री की सक्रिय भागीदारी सराहनीय रही। अंततः, प्रतिभागियों की सकारात्मक प्रतिक्रिया और नवीन ऊर्जा के साथ इस सम्मेलन का समापन हुआ, जो आने वाले समय में विशेष शिक्षा के क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव का संकेत है।

Dineshkumar Bohra, Sirohi

Dineshkumar Bohra, Sirohi

नाम: दिनेश बोहरा

वर्तमान पद: रिपोर्टर

कार्यक्षेत्र: सिरोही जिला (राजस्थान)

बीट (मुख्य विषय): क्राइम, राजनीति, शिक्षा और प्रशासनिक खबरें

परिचय एवं अनुभव

दिनेश बोहरा सिरोही जिले से एक सक्रिय रिपोर्टर हैं। वह वर्तमान में 'फर्स्ट इंडिया न्यूज' में रिपोर्टर के रूप में कार्यरत हैं और वहां सभी प्रकार की खबरों को कवर करते हैं। मीडिया इंडस्ट्री में उनका अनुभव निम्नलिखित है:

  • फर्स्ट इंडिया न्यूज: वर्ष 2013 से लगातार इस संस्थान से जुड़े हुए हैं और रिपोर्टिंग कर रहे हैं।
  • प्रातःकाल: पिछले कुछ समय से वह 'प्रातःकाल' समाचार पत्र और मीडिया प्लेटफॉर्म के साथ भी जुड़कर कार्य कर रहे हैं।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

दिनेश बोहरा शैक्षणिक रूप से परास्नातक हैं। उनकी योग्यता निम्नलिखित है:

  • कला स्नातक (B.A.)
  • कला स्नातकोत्तर (M.A.)

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